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Bareilly News: महज 407 कुत्तों का पंजीकरण, हजारों अब भी रिकॉर्ड से लापता
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बरेली। शहर में कुत्ते पालने वालों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन नगर निगम के रिकॉर्ड में इनकी संख्या काफी कम है। नगर निगम के अनुमान के अनुसार, शहर में 10 हजार पालतू कुत्ते हैं, लेकिन महज 407 का ही पंजीकरण है। यह स्थिति तब है, जबकि नगर निगम ने कुत्तों के मालिकों को घर बैठे पंजीकरण कराने की सुविधा दे रखी है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में कुत्ते निगम के रिकॉर्ड से लापता हैं।
कुत्तों के पंजीकरण की ऑफलाइन व्यवस्था तो काफी समय से चली आ रही है, लेकिन ऑनलाइन व्यवस्था महज एक माह पहले शुरू की गई है। कुछ खतरनाक प्रजाति के कुत्तों को पालने पर प्रतिबंध है। इसमें अमेरिकन पिटबुल, बुलडॉग, हसकी आदि शामिल हैं। वहीं, पालतू कुत्तों में पाॅमेरियन, पग, जर्मन शेफर्ड, लेब्राडोर आते हैं।
पंजीयन का उद्देश्य
पालतू कुत्तों के पंजीकरण के लिए नगर निगम ने कुछ शर्तें भी निर्धारित की हैं। इनमें कुत्तों का वैक्सीनेशन व स्टरलाइजेशन कराना जरूरी है। पंजीकरण के दौरान कुत्ते की जानकारी के साथ उसका स्वास्थ्य संबंधी विवरण भी देना होता है। इसका उद्देश्य पालतू कुत्तों की पहचान और उनके स्वास्थ्य की निगरानी सुनिश्चित करना है।
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ऐसे कराएं पंजीकरण
पेट 311 एप पर रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करना होता है। इसमें पशु प्रेमी के आधार कार्ड, चिकित्सक के वैक्सीनेशन कार्ड की तस्वीर अपलोड करनी होगी। साथ ही, शुल्क जमा करने पर साइट खुल जाती है। छोटे कुत्तों के लिए 500, बड़े कुत्तों के लिए एक हजार रुपये शुल्क निर्धारित है। कुत्तों को बेचने का व्यवसाय करने वालों के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क पांच हजार रुपये निर्धारित है। आवेदन करने पर एक सप्ताह में ऑनलाइन पंजीयन कार्ड जारी हो जाता है।
ये होंगे फायदे
निगम के पोर्टल पर पंजीयन कराने से यह पता रहेगा कि संबंधित कुत्ते का वैक्सीनेशन हुआ है या नहीं। साथ ही, निगम की आय भी बढ़ेगी।
पंजीकरण नहीं कराने पर होगी कार्रवाई
पंजीयन नहीं कराने पर नगर निगम की तरफ से एक हजार से 10 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। ऐसे कुत्ते अगर किसी को काटते हैं तो मालिक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ इलाज का खर्च हर्जाने के तौर लिया जाएगा।
वर्जन
पशु प्रेमियों को पंजीयन के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके लिए 15 नवंबर तक होर्डिंग लगवाए जाएंगे। जो लोग पंजीयन नहीं कराएंगे, उनको नोटिस भेजकर जुर्माना भी लगाया जाएगा। - डाॅ. हरपाल सिंह, पशु कल्याण अधिकारी, नगर निगम
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कुत्तों के पंजीकरण की ऑफलाइन व्यवस्था तो काफी समय से चली आ रही है, लेकिन ऑनलाइन व्यवस्था महज एक माह पहले शुरू की गई है। कुछ खतरनाक प्रजाति के कुत्तों को पालने पर प्रतिबंध है। इसमें अमेरिकन पिटबुल, बुलडॉग, हसकी आदि शामिल हैं। वहीं, पालतू कुत्तों में पाॅमेरियन, पग, जर्मन शेफर्ड, लेब्राडोर आते हैं।
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पंजीयन का उद्देश्य
पालतू कुत्तों के पंजीकरण के लिए नगर निगम ने कुछ शर्तें भी निर्धारित की हैं। इनमें कुत्तों का वैक्सीनेशन व स्टरलाइजेशन कराना जरूरी है। पंजीकरण के दौरान कुत्ते की जानकारी के साथ उसका स्वास्थ्य संबंधी विवरण भी देना होता है। इसका उद्देश्य पालतू कुत्तों की पहचान और उनके स्वास्थ्य की निगरानी सुनिश्चित करना है।
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ऐसे कराएं पंजीकरण
पेट 311 एप पर रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करना होता है। इसमें पशु प्रेमी के आधार कार्ड, चिकित्सक के वैक्सीनेशन कार्ड की तस्वीर अपलोड करनी होगी। साथ ही, शुल्क जमा करने पर साइट खुल जाती है। छोटे कुत्तों के लिए 500, बड़े कुत्तों के लिए एक हजार रुपये शुल्क निर्धारित है। कुत्तों को बेचने का व्यवसाय करने वालों के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क पांच हजार रुपये निर्धारित है। आवेदन करने पर एक सप्ताह में ऑनलाइन पंजीयन कार्ड जारी हो जाता है।
ये होंगे फायदे
निगम के पोर्टल पर पंजीयन कराने से यह पता रहेगा कि संबंधित कुत्ते का वैक्सीनेशन हुआ है या नहीं। साथ ही, निगम की आय भी बढ़ेगी।
पंजीकरण नहीं कराने पर होगी कार्रवाई
पंजीयन नहीं कराने पर नगर निगम की तरफ से एक हजार से 10 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। ऐसे कुत्ते अगर किसी को काटते हैं तो मालिक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ इलाज का खर्च हर्जाने के तौर लिया जाएगा।
वर्जन
पशु प्रेमियों को पंजीयन के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके लिए 15 नवंबर तक होर्डिंग लगवाए जाएंगे। जो लोग पंजीयन नहीं कराएंगे, उनको नोटिस भेजकर जुर्माना भी लगाया जाएगा। - डाॅ. हरपाल सिंह, पशु कल्याण अधिकारी, नगर निगम