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बरेलीः 64 लाख देकर एक करोड़ के जेवरात हड़पे
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बरेली। इज्जतनगर के सूर्या एन्कलेव की रहने वाली महिला सराफ ललिता चंद्र ने एक करोड़ के आभूषण पांच सराफा कारोबारियों के पास 64 लाख रुपये में गिरवी रखे थे। आरोप है कि रकम अदा करने के बाद जब महिला ने आभूषण वापस मांगे तो पांचों सराफा कारोबारियों ने गिरवी रखे आभूषण नकली बताकर देने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं आरोपियों ने महिला के घर में घुसकर उसके परिजन को बंधक बनाकर मारपीट की। अदालत के आदेश पर इज्जतनगर पुलिस ने पांचों सराफा कारोबारियों और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
ललिता और उनके पति ब्रजेश चंद्र की मॉडल टाउन में लक्ष्मी ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। ललिता का कहना है कि उनके यहां लोग जेवर (गांठें) गिरवी रखने आते हैं। बाद में रुपये देकर गांठें छुड़ाकर ले जाते हैं। उनके यहां गांठें गिरवी रखने ज्यादा लोग आने लगे तो उन्होंने डोहरा रोड सुपर सिटी स्थित अशन्या ज्वेलर्स के मालिक डॉ. अवनीश द्विवेदी उनकी पत्नी प्रियंका त्रिवेदी, आलमगीरीगंज स्थित पीडी ज्वेलर्स के मालिक सागर अग्रवाल, बारादरी क्षेत्र में विशाल सिटी निवासी किरन वाला, रामपुर के हिमकुंड ज्वेलर्स के मालिक तरनदीप सिंह ग्रोवर, किरन वाला के साथ 2019 से काम करना शुरू किया।
ललिता जेवर की गांठों को इन सराफा करोबारियों के पास गिरवी रख देती थीं। उन्होंने एक करोड़ के जेवर इन कारोबारियों के पास गिरवी रखवाए। गिरवी रखने से पहले तनिष्क ज्वेलर्स के यहां सोने की शुद्धता की जांच कराई गई। एक करोड़ की गांठों के बदले कारोबारियों ने ललिता को 64 लाख रुपये उधार दिए। ललिता का कहना है कि उन्होंने एक बार 31 लाख और दूसरी बार में 32 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। जब उन्होंने गिरवी रखीं गांठें वापस मांगी तो सराफा कारोबारियों ने यह कहकर गांठें देने से इनकार कर दिया कि उनमें रखा जेवर नकली था।
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पुलिस से शिकायत करने पर सराफा कारोबारियों ने घर में घुसकर उनकी मां गुड्डी देवी, पिता हरीश चंद्र को बंधक बनाकर पीटा। जान से मारने की धमकी दी। ललिता का कहना है कि अवनीश कुमार त्रिवेदी और तरनदीप सिंह ग्रोवर ने उनके नौ ब्लैंक चेक ले रखे हैं। चेक भी वापस नहीं कर रहे हैं। शिकायत के बाद जब पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो ललिता ने अदालत में शिकायत की। अदालत के आदेश पर इज्जतनगर पुलिस ने सराफा कारोबारी डॉ. अवनीश कुमार द्विवेदी, प्रियंका त्रिवेदी, शिल्पी अग्रवाल, तरनदीप सिंह ग्रोवर, किरन वाला और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, एससी-एसटी एक्ट की धारा में रिपोर्ट दर्ज की है।
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ललिता और उनके पति ब्रजेश चंद्र की मॉडल टाउन में लक्ष्मी ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। ललिता का कहना है कि उनके यहां लोग जेवर (गांठें) गिरवी रखने आते हैं। बाद में रुपये देकर गांठें छुड़ाकर ले जाते हैं। उनके यहां गांठें गिरवी रखने ज्यादा लोग आने लगे तो उन्होंने डोहरा रोड सुपर सिटी स्थित अशन्या ज्वेलर्स के मालिक डॉ. अवनीश द्विवेदी उनकी पत्नी प्रियंका त्रिवेदी, आलमगीरीगंज स्थित पीडी ज्वेलर्स के मालिक सागर अग्रवाल, बारादरी क्षेत्र में विशाल सिटी निवासी किरन वाला, रामपुर के हिमकुंड ज्वेलर्स के मालिक तरनदीप सिंह ग्रोवर, किरन वाला के साथ 2019 से काम करना शुरू किया।
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ललिता जेवर की गांठों को इन सराफा करोबारियों के पास गिरवी रख देती थीं। उन्होंने एक करोड़ के जेवर इन कारोबारियों के पास गिरवी रखवाए। गिरवी रखने से पहले तनिष्क ज्वेलर्स के यहां सोने की शुद्धता की जांच कराई गई। एक करोड़ की गांठों के बदले कारोबारियों ने ललिता को 64 लाख रुपये उधार दिए। ललिता का कहना है कि उन्होंने एक बार 31 लाख और दूसरी बार में 32 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। जब उन्होंने गिरवी रखीं गांठें वापस मांगी तो सराफा कारोबारियों ने यह कहकर गांठें देने से इनकार कर दिया कि उनमें रखा जेवर नकली था।
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पुलिस से शिकायत करने पर सराफा कारोबारियों ने घर में घुसकर उनकी मां गुड्डी देवी, पिता हरीश चंद्र को बंधक बनाकर पीटा। जान से मारने की धमकी दी। ललिता का कहना है कि अवनीश कुमार त्रिवेदी और तरनदीप सिंह ग्रोवर ने उनके नौ ब्लैंक चेक ले रखे हैं। चेक भी वापस नहीं कर रहे हैं। शिकायत के बाद जब पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो ललिता ने अदालत में शिकायत की। अदालत के आदेश पर इज्जतनगर पुलिस ने सराफा कारोबारी डॉ. अवनीश कुमार द्विवेदी, प्रियंका त्रिवेदी, शिल्पी अग्रवाल, तरनदीप सिंह ग्रोवर, किरन वाला और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, एससी-एसटी एक्ट की धारा में रिपोर्ट दर्ज की है।