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चौबारी मेले में गोह को उबाल कर तेल बेचते एक को पकड़ा
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चौबारी मेले में पकड़ी गईं गोह।
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वन विभाग के अधिकारियों ने उसके कब्जे से 14 गोह बरामद कीं
बरेली। चौबारी मेले में वन विभाग की टीम ने गोह (मॉनीटर लिजर्ड) को उबालककर उसका तेल बनाते हुए चरन सिंह को गिरफ्तार किया है। वह मुरादाबाद के थाना कटघर के गांव गोविंदपुरी का निवासी है। उसके कब्जे से 14 जीवित गोह भी बरामद हुई हैं। मेले में वह गोह का तेल बनाकर बेच रहा था।
वन दरोगा नेत्रपाल सिंह ने बताया कि उन्हें चौबारी मेले में कुछ लोगों के गोह को उबालकर उनका तेल बनाने की सूचना मिली थी। इस पर वनरक्षक श्याम सिंह, दीपक भारद्वज और अनिल कुमार ने मेले में जाकर छानबीन की तो चरन सिंह को गोह को कड़ाही में डालकर उसका तेल बनाते पकड़ लिया। उसके पास से 14 जीवित गोह भी बरामद हुई हैं। उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
बरेली में रामगंगा के कटरी इलाके में गोह खूब पाई जाती है। पिछले साल सितंबर में शहर की एक दुकान से वन विभाग की टीम ने गोह के अंग बरामद किए थे। जानकारों ने बताया कि गोह के अंगों का प्रयोग तांत्रिक विद्या में किया जाता है। गोह की पाचन शक्ति बहुत अच्छी होती है। वह हड्डी को भी पचा लेती है। उसकी चर्बी को पिघलाकर बनाए गए तेल को गठिया और जोड़ों के दर्द में इस्तेमाल किया जाता है।
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बरेली। चौबारी मेले में वन विभाग की टीम ने गोह (मॉनीटर लिजर्ड) को उबालककर उसका तेल बनाते हुए चरन सिंह को गिरफ्तार किया है। वह मुरादाबाद के थाना कटघर के गांव गोविंदपुरी का निवासी है। उसके कब्जे से 14 जीवित गोह भी बरामद हुई हैं। मेले में वह गोह का तेल बनाकर बेच रहा था।
वन दरोगा नेत्रपाल सिंह ने बताया कि उन्हें चौबारी मेले में कुछ लोगों के गोह को उबालकर उनका तेल बनाने की सूचना मिली थी। इस पर वनरक्षक श्याम सिंह, दीपक भारद्वज और अनिल कुमार ने मेले में जाकर छानबीन की तो चरन सिंह को गोह को कड़ाही में डालकर उसका तेल बनाते पकड़ लिया। उसके पास से 14 जीवित गोह भी बरामद हुई हैं। उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
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बरेली में रामगंगा के कटरी इलाके में गोह खूब पाई जाती है। पिछले साल सितंबर में शहर की एक दुकान से वन विभाग की टीम ने गोह के अंग बरामद किए थे। जानकारों ने बताया कि गोह के अंगों का प्रयोग तांत्रिक विद्या में किया जाता है। गोह की पाचन शक्ति बहुत अच्छी होती है। वह हड्डी को भी पचा लेती है। उसकी चर्बी को पिघलाकर बनाए गए तेल को गठिया और जोड़ों के दर्द में इस्तेमाल किया जाता है।
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