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बिना सर्वे के मैला ढोने वालों की संख्या को शून्य दर्शा रहे अफसर : मकराना
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बरेली। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की सेंट्रल मॉनीटरिंग कमेटी के सदस्य भगवत प्रसाद मकराना ने कहा कि नगर निकायों और निगमों के अफसर बिना किसी सर्वे के मैला उठाने वालों की संख्या शून्य दर्शा रहे हैं। यह स्थिति दुखद है।
वह शुक्रवार को विकास भवन परिसर में भारत सरकार की ओर से स्वच्छकारों के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पूछा कि मैनुअल स्कैवेंंजिंग एक्ट-2013 को कितने लोगों ने पढ़ा है, तो सिर्फ पांच अधिकारियों ने हाथ उठाए। इस पर मकराना ने कहा- जब एक्ट पढ़ा ही नहीं तो पालन क्या कराएंगे? उन्होंने एक वरिष्ठ अधिकारी से अपने सामने एक्ट पढ़वाया।
बैठक में मौजूद बरेली मंडल के तीस से ज्यादा अधिकारी मैला उठाने वाले सफाई कर्मियों के सर्वेक्षण पर संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। मंडलीय बैठक में मंडलायुक्त, चारों जिलों के जिलाधिकारी सहित अन्य अफसरों के नहीं आने पर सवाल उठाया। अपनी जगह प्रतिनिधि भेजने पर कहा कि ऐसा लगता है कि अधिकारीगण स्वच्छकारों के प्रति संवेदनशील नहीं हैं। अगर यही हाल रहा तो वह मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे। उन्होंने स्वच्छकारों के लिए केंद्र सरकार की ओर से संचालित योजनाओं को धरातल पर लागू कराने की नसीहत दी। अमर उजाला ब्यूरो
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वह शुक्रवार को विकास भवन परिसर में भारत सरकार की ओर से स्वच्छकारों के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पूछा कि मैनुअल स्कैवेंंजिंग एक्ट-2013 को कितने लोगों ने पढ़ा है, तो सिर्फ पांच अधिकारियों ने हाथ उठाए। इस पर मकराना ने कहा- जब एक्ट पढ़ा ही नहीं तो पालन क्या कराएंगे? उन्होंने एक वरिष्ठ अधिकारी से अपने सामने एक्ट पढ़वाया।
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बैठक में मौजूद बरेली मंडल के तीस से ज्यादा अधिकारी मैला उठाने वाले सफाई कर्मियों के सर्वेक्षण पर संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। मंडलीय बैठक में मंडलायुक्त, चारों जिलों के जिलाधिकारी सहित अन्य अफसरों के नहीं आने पर सवाल उठाया। अपनी जगह प्रतिनिधि भेजने पर कहा कि ऐसा लगता है कि अधिकारीगण स्वच्छकारों के प्रति संवेदनशील नहीं हैं। अगर यही हाल रहा तो वह मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे। उन्होंने स्वच्छकारों के लिए केंद्र सरकार की ओर से संचालित योजनाओं को धरातल पर लागू कराने की नसीहत दी। अमर उजाला ब्यूरो
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