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अफसर ने डांटा, गश खाकर गिरी महिला, घर पहुंचते ही तोड़ा दम
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बरेली। चकबंदी प्रक्रिया के दौरान सड़क किनारे स्थित अपनी जमीन का चक काफी दूरी पर काट देने दिए जाने के विरोध में आपत्ति दर्ज कराने आई एक 50 वर्षीय महिला पर अफसर की डांट भारी पड़ गई। अफसर के बुरी तरह डांटने के बाद महिला चकबंदी दफ्तर परिसर में ही गश खाकर गिर पड़ी। घर पहुंचाए जाने के कुछ ही देर बाद उसने दम तोड़ दिया।
गांव बसंतपुर की भगवती करीब 50 अन्य ग्रामीणों के साथ सोमवार को बरेली में चकबंदी दफ्तर पहुंची थीं। उनकी शिकायत थी कि उनकी सड़क किनारे स्थित कृषि भूमि का चक सांठगांठ कर काफी दूर काट दिया गया है। ग्रामीणों के मुताबिक चकबंदी दफ्तर में मौजूद अधिकारी भगवती की शिकायत पर गौर करने के बजाय उन पर बुरी तरह बरस पड़ा। उनका शिकायती पत्र भी फेंक दिया और चक बदलने से साफ इनकार कर दिया।
गांव वालों के मुताबिक भगवती यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सकीं और दफ्तर में ही गश खाकर गिर गई। साथ आए गांव के लोग उन्हें लेकर घर पहुंचे जहां कुछ देर बाद ही उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। घटना की सूचना मिलने के बाद एसडीएम आंवला एन. राम और सीओ चमन सिंह चावड़ा गांव पहुंचे। उन्होंने भगवती के परिजन के साथ ग्रामीणों को भी जल्द मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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भगवती के पति भूपराम ने बताया कि चकबंदी विभाग के कर्मचारियों ने सांठगांठ कर उनका खेत सड़क से काफी दूर काट दिया है। जहां इस समय उनका खेत है वहां जमीन की कीमत करीब दस लाख रुपये बीघा है, जबकि चकबंदी में उनका चक जिस जगह काटा गया है वहां जमीन की कीमत एक-दो लाख रुपये बीघा है। इसी पर आपत्ति करने भगवती करीब 50 ग्रामीणों के साथ बरेली में चकबंदी दफ्तर गई थी।
अधिकारी के कक्ष से निकलते ही हो गई थी बदहवास
भगवती के साथ चकबंदी दफ्तर गए वीरेंद्र समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि भगवती ने जैसे ही अपनी शिकायत वहां मौजूद अफसर को दी तो वह भड़क गया। प्रार्थना पत्र फेंककर उसने भगवती को बहुत बेइज्जत किया। साथ ही साफ कह दिया कि जहां चक काटा गया है, वहीं मिलेगा, इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और फटकारते हुए भगा दिया। अफसर के कक्ष से निकलते ही भगवती बदहवास होकर गश खाकर गिर गई।
एसडीएम ने चकबंदी के विवाद हल कराने का दिया आश्वासन
घटना की जानकारी पर मंगलवार को एसडीएम एन. राम और सीओ चमन सिंह चावड़ा गांव पहुंचे। उन्होंने परिजन से शव का पोस्टमार्टम कराने को कहा, लेकिन उन्होंने इन्कार कर दिया। उन्होंने ग्रामीणों से बात की तो उन्होंने चकबंदी से संबंधित शिकायतों की झड़ी लगा दी। उन्होंने कहा कि चकबंदी में दर्जनों किसानों की भूमि इधर से उधर कर दिया गई है, इसको लेकर तमाम शिकायत है। एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वह चकबंदी के विवाद हल करा देंगे।
चकबंदी अधिकारी का महिला को डांटने की बात गलत है। चकबंदी जब होती है तो अक्सर विवाद हो जाते है। चकबंदी का मामला कमेटी बनाकर हल कर दिया जाएगा ताकि किसान परेशान न हो। - एन. राम, एसडीएम आंवला
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गांव बसंतपुर की भगवती करीब 50 अन्य ग्रामीणों के साथ सोमवार को बरेली में चकबंदी दफ्तर पहुंची थीं। उनकी शिकायत थी कि उनकी सड़क किनारे स्थित कृषि भूमि का चक सांठगांठ कर काफी दूर काट दिया गया है। ग्रामीणों के मुताबिक चकबंदी दफ्तर में मौजूद अधिकारी भगवती की शिकायत पर गौर करने के बजाय उन पर बुरी तरह बरस पड़ा। उनका शिकायती पत्र भी फेंक दिया और चक बदलने से साफ इनकार कर दिया।
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गांव वालों के मुताबिक भगवती यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सकीं और दफ्तर में ही गश खाकर गिर गई। साथ आए गांव के लोग उन्हें लेकर घर पहुंचे जहां कुछ देर बाद ही उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। घटना की सूचना मिलने के बाद एसडीएम आंवला एन. राम और सीओ चमन सिंह चावड़ा गांव पहुंचे। उन्होंने भगवती के परिजन के साथ ग्रामीणों को भी जल्द मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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भगवती के पति भूपराम ने बताया कि चकबंदी विभाग के कर्मचारियों ने सांठगांठ कर उनका खेत सड़क से काफी दूर काट दिया है। जहां इस समय उनका खेत है वहां जमीन की कीमत करीब दस लाख रुपये बीघा है, जबकि चकबंदी में उनका चक जिस जगह काटा गया है वहां जमीन की कीमत एक-दो लाख रुपये बीघा है। इसी पर आपत्ति करने भगवती करीब 50 ग्रामीणों के साथ बरेली में चकबंदी दफ्तर गई थी।
अधिकारी के कक्ष से निकलते ही हो गई थी बदहवास
भगवती के साथ चकबंदी दफ्तर गए वीरेंद्र समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि भगवती ने जैसे ही अपनी शिकायत वहां मौजूद अफसर को दी तो वह भड़क गया। प्रार्थना पत्र फेंककर उसने भगवती को बहुत बेइज्जत किया। साथ ही साफ कह दिया कि जहां चक काटा गया है, वहीं मिलेगा, इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और फटकारते हुए भगा दिया। अफसर के कक्ष से निकलते ही भगवती बदहवास होकर गश खाकर गिर गई।
एसडीएम ने चकबंदी के विवाद हल कराने का दिया आश्वासन
घटना की जानकारी पर मंगलवार को एसडीएम एन. राम और सीओ चमन सिंह चावड़ा गांव पहुंचे। उन्होंने परिजन से शव का पोस्टमार्टम कराने को कहा, लेकिन उन्होंने इन्कार कर दिया। उन्होंने ग्रामीणों से बात की तो उन्होंने चकबंदी से संबंधित शिकायतों की झड़ी लगा दी। उन्होंने कहा कि चकबंदी में दर्जनों किसानों की भूमि इधर से उधर कर दिया गई है, इसको लेकर तमाम शिकायत है। एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वह चकबंदी के विवाद हल करा देंगे।
चकबंदी अधिकारी का महिला को डांटने की बात गलत है। चकबंदी जब होती है तो अक्सर विवाद हो जाते है। चकबंदी का मामला कमेटी बनाकर हल कर दिया जाएगा ताकि किसान परेशान न हो। - एन. राम, एसडीएम आंवला