फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Now the film does not even read the books amarik Gill

अब फिल्म वाले भी नहीं पढ़ते किताबें- अमरीक गिल

Fri, 22 Jan 2016 01:00 AM IST
बरेली
बरेली Updated Fri, 22 Jan 2016 01:00 AM IST
विज्ञापन
बरेली। फिल्म इंडस्ट्री में भी बुक कल्चर खत्म हो रहा है। इसका असर फिल्मों पर भी पड़ रहा है। जब तक लोग किताबें नहीं पढ़ेंगे, तब तक फिल्मों की स्क्रिप्ट में क्वालिटी नहीं आएगी। हालांकि, बॉलीवुड में कुछ क्रिएटिव लोग हैं जो अलग तरह की फिल्में बना भी रहे हैं।
विज्ञापन

विंडरमेयर के थियेटर फेस्ट में आए मशहूर स्क्रिप्ट लेखक अमरीक गिल ने पत्रकारों से बातचीत में फिल्म, थियेटर और तत्कालीन समस्याओं पर विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि पंजाब में बुक कल्चर तेजी से खत्म हो रहा है। कोलकाता में आज भी दहेज में किताबेें दी जाती हैं। इस मामले में हमें कोलकाता से प्रेरणा लेनी चाहिए।
विज्ञापन

अमरीक गिल ने प्रियंका चोपड़ा की आने वाली फिल्म ‘सरदारिन’ के डायलॉग लिखे हैं। इसके अलावा हम कृपाण, दिल दे चुके सनम, जीत, जिंदा हूं मैं, यादें, तेरा मेरा रिश्ता आदि तमाम फिल्मों में स्क्रिप्ट और डायलॉग लिखे हैं। पठानकोट के पास के गांव में रहने वाले अमरीक गिल साहित्य अकादमी नई दिल्ली की एडवायजरी और एक्जीक्यूटिव काउंसिल में सदस्य भी हैं। आमिर खान के बयान पर कुछ राजनैतिक लोगों की ओर से उन्हें आड़े हाथों लेने के मामले उन्होंने कहा कि आमिर खान किसी घटना से आहत हुए होंगे। उन्हें पाकिस्तान भेजने और आईएस एजेंट बताने वाले बयानों की बजाय सरकार को उनकी बात सुनकर समस्या हल करनी चाहिए। हालांकि, उनका यह भी कहना है, देश में असहिष्णुता जैसा मुझे कुछ भी महसूस नहीं होता है, लेकिन लेखक और फिल्म से जुड़े जो लोग अवार्ड वापस कर रहे हैं, मैं उनका विरोध भी नहीं करता। हो सकता है कि वह ऐसा कुछ महसूस कर रहे हों। इतना जरूर है कि देश में रहने वाले हर व्यक्ति को अपनी इच्छा से जीने और खाने का अधिकार है। बीफ के नाम पर किसी को प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए। एफटीआईआई के मामले में अमरीक गिल छात्रों के साथ हैं। उन्होंने बताया कि अगर गजेंद्र चौहान भाजपा के चहेते हैं तो उन्हें पार्टी में कोई खास जगह दे दी जाए, लेकिन एफटीआईआई जैसे संस्थानों में ऐसे व्यक्ति को चेयरमैन बनाना गलत है। इसमें छात्रों का विरोध सही है। गजेंद्र चौहान इस पद के लिए योग्यता नहीं रखते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


डॉ. ब्रजेश्वर सिंह की फिल्म के लिए स्क्रिप्ट लिखेंगे गिल
एंटोन चेखोव की कहानी वार्ड नंबर सिक्स पर केंद्रित ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. ब्रजेश्वर फिल्म बनाना चाहते हैं। इस फिल्म की स्क्रिप्ट अमरीक गिल लिखेंगे। इसके लिए वह शहर में घूमेंगे और यहां के माहौल को महसूस करेंगे। यह फिल्म एक ईमानदार डॉक्टर पर केंद्रित होगी। जो बेईमान सिस्टम से लड़ता है तो उसे पागल घोषित कर दिया जाता है। फिल्म के नाम में बरेली जरूर रहेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed