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हाईकोर्ट के आदेश पर अब प्रशासन पट्टाधारक कंपनी का भी सुनेगा पक्ष

Sun, 02 Feb 2020 02:35 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 02 Feb 2020 02:35 AM IST
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Now the administration will hear the leaseholding company on the order of the High Court
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
बरेली। बहेड़ी के मोहम्मदपुर में अवैध खनन मामले में ब्लैक लिस्ट की गई हरियाणा की कंपनी मैसर्स बुक स्मार्ट ट्रक एलएलपी ने हाईकोर्ट में यह दलील दी है कि उसका पक्ष सुने बगैर ही प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई कर दी। इस पर हाईकोर्ट ने पट्टाधारक कंपनी का भी पक्ष सुनने का जिला प्रशासन को आदेश दिया है। एडीएम (वित्त) मनोज कुमार पांडेय का कहना है कि खनन पट्टाधारक को बुलाकर जल्द ही उसका पक्ष भी जाना जाएगा। पिछले साल जून में खनन पट्टा निरस्त होने के बावजूद प्रशासन ने अब तक यहां किसी दूसरे को पट्टा आवंटित नहीं किया है।
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जून में शासन से आई टीम ने जांच के दौरान किच्छा नदी में प्रतिबंधित मशीनों से बड़े पैमाने पर अवैध खनन होते पकड़ा था। खनन अधिकारी ने कंपनी के प्रोप्राइटर गुरपाल सिंह को नोटिस देकर जवाब मांगा था। कंपनी की ओर से स्पष्टीकरण न देने पर प्रशासन ने उसे ब्लैक लिस्ट कर प्रदेश के सभी जिलों को चिट्ठी जारी कर दी, ताकि उसे कहीं और से पट्टा न मिल सके। मोहम्मदपुर में जांच दल ने पाया था कि यहां 884 घनमीटर बालू का खनन और उसका परिवहन अवैध रूप से किया गया है। पट्टाधारक ने रॉयल्टी की किस्तें भी जमा नहीं की थीं। मौके पर प्रतिबंधित मशीनों से खुदाई होते पाई गई। इसमें पोकलेन मशीन का इस्तेमाल भी होता मिला था। एडीएम (वित्त) मनोज कुमार पांडेय ने यह गड़बड़ी सामने आने के बाद खनन पर रोक लगा दी थी। इसके बाद कंपनी की 15.59 लाख रुपये की जमानत राशि जब्त करने के साथ ही उसे काली सूची में डाल दिया गया है। इसके विरोध में पट्टाधारक ने हाईकोर्ट की शरण में पहुंचकर यह दलील दी कि उसका पक्ष सुने बगैर इस मामले में एकतरफा कार्रवाई कर दी गई है। हाईकोर्ट ने इसका संज्ञान लेने के बाद प्रशासन को पट्टेधारक का भी पक्ष जानने के बाद ही एक्शन लेने के आदेश दिए हैं।
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इस मामले में हाईकोर्ट का आदेश मिल गया है। पट्टेधारक को बुलाकर उसका पक्ष जाना जाएगा। इसके आधार पर पट्टा बहाल या निरस्तीकरण आदेश जारी रखने पर विचार किया जाएगा। - मनोज कुमार पांडेय, एडीएम वित्त
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