बरेली: अब घर-घर पहुंचेगा सैनिटाइज्ड सिलिंडर, परसाखेड़ा प्लांट में चार स्तर पर हो रहा सैनिटाइजेशन
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लॉकडाउन में लोग सामाजिक दूरी बनाने के साथ ही वस्तुओं के आदान प्रदान में भी काफी सतर्कता बरतने लगे हैं। रसोई गैस सिलिंडर भी इससे अछूता नहीं है। डिलीवरी होने के बाद लोग इसे साफ करने के बाद ही किचन में इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यह कवायद अब आपको नहीं करनी होगी।
अब पेट्रोलियम कंपनियों ने अपने ग्राहकों तक सैनिटाइज्ड सिलिंडर पहुंचाना शुरू किया है। कंपनियों ने बॉटलिंग प्लांटों में भी खास व्यवस्था की है। कोरोना वायरस संकट में ज्यादातर लोग दूरी बनाने के साथ ही अन्य लोगों से प्राप्त होने वाली वस्तुओं को साफ सुथरा कर रहे हैं।
वायरस का प्रभाव रोकने के लिए पेट्रोलियम कंपनियों, बीपीसी, आईओसी और एचपीसी, ने भी बॉटलिंग प्लांटों पर विशेष व्यवस्था कर सिलिंडरों का सैनिटाइजेशन करना शुरू कर दिया है। इसके तहत बॉटलिंग प्लांटों में सिलिंडरों का चार स्तर में सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। परसाखेड़ा स्थित बॉटलिंग प्लांट प्रबंधन ने यह काम शुरू भी करा दिया है।
प्रबंधक दिलीप कुमार मीणा ने बताया कि पहले स्तर पर खाली आने वाले सिलिंडर एंट्री गेट पर ही सोडियम हाइपोक्लोराइड के घोल से स्प्रिंकलर के जरिए सैनिटाइज किए जा रहे हैं। इसके बाद फिर अनलोडिंग होने पर स्प्रे हो रहा है।
तीसरे स्तर पर वॉशिंग प्लांट में उन्हें सैनिटाइज किया जा रहा है। सिलिंडर भरने के बाद निकासी के समय गेट पर घोल का चौथी बार स्प्रे होता है। इस तरह चार स्तरों पर सिलिंडर सैनिटाइज किए जा रहे हैं।
तीन पालियों में चलेगा प्लांट-
बॉटलिंग प्लांट के मैनेजर दिलीप कुमार मीणा ने बताया कि उज्ज्वला रसोई गैस 30 जून तक तीन सिलिंडर कनेक्शन धारकों को मुफ्त दिए जाने हैं, इससे मांग बढ़ेगी। इसलिए प्लांट तीन शिफ्ट में चलाने के लिए अनुमति मांगी गई है। तीन शिफ्टों में प्लांट चलने पर प्रतिदिन 35-37 हजार बॉटलिंग होने लगेगी।
भारत पेट्रोलियम के उत्तरी भारत प्रमुख पवन कुमार ने कहा कि तीनों पेट्रोलियम कंपनियों ने सिलिंडरों पर सोडियम हाइपोक्लोराइड घोल का स्प्रे कराना शुरू करा दिया है, जिससे ग्राहकों तक सैनिटाइज्ड सिलिंडर पहुंचे। उज्ज्वला गैस कनेक्शन धारकों को तीन सिलिंडर मुफ्त में दिए जाने से मांग बढ़ेगी। इसलिए प्लांट तीन शिफ्टों में चलेंगे। फिलहाल गैस की किल्लत नहीं है।