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आजम का जिक्र तक नहीं, रियाज बने मुस्लिम फेस

Thu, 08 Dec 2016 12:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली Updated Thu, 08 Dec 2016 12:46 AM IST
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Not to mention Azam, Riaz became Muslim face
Not to mention Azam, Riaz became Muslim face - फोटो : बरेली, अमर उजाला
सपा की मंडलीय रैली के मंच पर पार्टी के कद्दावर कैबिनेट मंत्री आजम खां नहीं थे। मुलायम और शिवपाल के मंच पर उनका जिक्र तक नहीं आया। दो साल पहले इस्लामिया ग्राउंड में हुई सपा की देश बचाओ देश बनाओ रैली में आजम ने जोरदार भाषण दिया था। इस बार आजम की कमी को पूरा करने के लिए सपा ने पीलीभीत के रहने वाले कैबिनेट मंत्री हाजी रियाज अहमद को मंच का संचालन सौंपा। बरेली और आसपास अल्पसंख्यकों की बड़ी आबादी को देखते हुए रियाज अहमद को मुस्लिम फेस के तौर पर प्रोजेक्ट करने पर कई अटकलें लगी हैं।  आजम खां कई बार विवादित बयानों से पार्टी को भी संकट में डाल चुके हैं, इसके बावजूद सपा का मुस्लिम चेहरा होने की वजह से पार्टी उनके बयानों को नजरंदाज करती रही है। हाल ही में सैफई परिवार के अंदरूनी झगड़े पर भी आजम खां ने रामपुर से टिप्पणी की थी। बताया जाता है कि मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के अलावा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव को भी उनकी ये टिप्पणियां नागवार गुजरी। इसलिए सपा मुस्लिम चेहरे के तौर पर दूसरे नेताओं को आगे बढ़ना चाहती है। आजम के मंच पर न होने की दूसरी वजह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पाले में भी जाना बताया जा रहा है। समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में माने जाने वाले आजम खां हाल ही में चाचा भतीजे (शिवपाल सिंह और अखिलेश यादव) की लड़ाई में  सीएम के साथ हो लिए। मुलायम और शिवपाल समेत अन्य नेता इसी वजह से उनसे नाराज बताए जा रहे हैं। बताया जाता है कि मंडलीय रैली से पहले मुलायम सिंह यादव ने सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह को दो बार फोन कर रियाज अहमद को तरजीह देने की बात कही। रियाज अहमद ने न केवल मंच का संचालन बखूबी किया बल्कि मुलायम की तारीफों के पुल भी बांधे। रियाज बोले- मुसलमानों पर जुल्म की लड़ाई महात्मा गांधी के बाद केवल मुलायम सिंह ने लड़ी। मुसलमान मुलायम को कमजोर नहीं होने देंगे क्योंकि मुलायम कमजोर हुए तो धर्म निरपेक्षता कम होगी और धर्म निरपेक्षता कमजोर होगी तो देश कमजोर होगा। रियाज अहमद की मुसलमानों से मुलायम का साथ न छोड़ने की अपील भी काफी कुछ इशारा कर रही है। 
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