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Bareilly News: एक नहीं, दो-दो विवेचकों ने नफीस के बेटों को दी थी क्लीन चिट, अब होगी अग्रिम विवेचना
Fri, 31 Oct 2025 02:05 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 31 Oct 2025 02:05 AM IST
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बरेली। मौलाना तौकीर रजा के करीबी नफीस खां के बेटों नोमान व फरहान समेत पांच आरोपियों के खिलाफ वक्फ संपत्ति कब्जाने के मामले की अग्रिम विवेचना होगी। मामले के दो विवेचकों सुभाष कुमार और कैलाश चंद्र ने दो बार आधे-अधूरे तथ्यों के आधार पर आरोपियों को क्लीन चिट देते हुए अंतिम रिपोर्ट (एफआर) दाखिल की थी। एसएसपी ने सीओ प्रथम से जांच कराई तो इसमें कई झोल सामने आए। अब उन्होंने अग्रिम विवेचना का आदेश दिया है। अगर अलग तथ्य पाए गए तो पहले के विवेचकों पर कार्रवाई हो सकती है।
किला थाना क्षेत्र स्थित नीम वाली मस्जिद निवासी साजदा बेगम ने नफीस के दो बेटों नोमान और फरहान समेत तसलीम मियां, वासिफ यार खां और शहजाद के खिलाफ वक्फ संपत्ति पर कब्जे का आरोप लगाते हुए कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की पहले विवेचना एसआई सुभाष कुमार ने की। उन्होंने आरोपियों को क्लीनचिट देते हुए 26 जून 2024 को एफआर प्रेषित कर दी। तत्कालीन सीओ ने इसे लौटा दिया। इसके बाद विवेचना एसआई कैलाश चंद्र को सौंपी गई। उन्होंने भी अक्तूबर 2024 में एफआर दाखिल कर दी। अब सीओ प्रथम की जांच में सामने आया कि विवेचकों ने सुन्नी सेंट्रल बोर्ड के विधिक सलाहकार की राय पर एफआर लगाने की बात तो कही, लेकिन उनके बयान दर्ज नहीं किए।
रिपोर्ट दर्ज कराने वाली साजदा बेगम ने कब्जाई गई वक्फ संपत्ति को अपना बताया था, लेकिन एफआर में विवेचकों ने संबंधित वक्फ संपत्ति से उनके ताल्लुक के संबंध में कोई मौखिक या अभिलेखीय साक्ष्य नहीं दिया। इज्जतननगर थाना क्षेत्र के परतापुर जीवन सहाय स्थित वक्फ संपत्ति के संबंध में राजस्व अभिलेखों को भी स्पष्ट नहीं किया गया है। ऐसे में एसएसपी ने इंस्पेक्टर कोतवाली को अग्रिम विवेचना का आदेश दिया है।
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बेटों के साथ जेल में बंद है बवाल का आरोपी नफीस
शहर में 26 सितंबर को हुए बवाल के मामले में नफीस भी आरोपी है। वह और उसके दोनों बेटे जेल में बंद हैं। शहर में बवाल के बाद नफीस का मोहल्ला जखीरा स्थित रजा पैलेस ढहा दिया गया है। नावल्टी तिराहा स्थित पहलवान साहब की मजार के पास अतिक्रमण कर बनाई गई 74 दुकानों को भी नगर निगम ने सील कर दिया है। अब पुराने मामले की अग्रिम विवेचना से उसके बेटों की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। नफीस विना किसी डिग्री के खुद को डॉक्टर बताता है। जेल जाने से पहले वह शहर में चश्मे की दुकान भी चलाता था। उसे भी सील किया जा चुका है।
वर्जन
वक्फ संपत्ति पर कब्जे के मामले में नफीस खां के बेटों समेत पांच के लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में विवेचना के बाद एफआर लगाई गई थी। सीओ प्रथम की जांच में इसमें कई झोल सामने आए हैं। अब अग्रिम विवेचना का आदेश दिया है। - अनुराग आर्य, एसएसपी
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किला थाना क्षेत्र स्थित नीम वाली मस्जिद निवासी साजदा बेगम ने नफीस के दो बेटों नोमान और फरहान समेत तसलीम मियां, वासिफ यार खां और शहजाद के खिलाफ वक्फ संपत्ति पर कब्जे का आरोप लगाते हुए कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की पहले विवेचना एसआई सुभाष कुमार ने की। उन्होंने आरोपियों को क्लीनचिट देते हुए 26 जून 2024 को एफआर प्रेषित कर दी। तत्कालीन सीओ ने इसे लौटा दिया। इसके बाद विवेचना एसआई कैलाश चंद्र को सौंपी गई। उन्होंने भी अक्तूबर 2024 में एफआर दाखिल कर दी। अब सीओ प्रथम की जांच में सामने आया कि विवेचकों ने सुन्नी सेंट्रल बोर्ड के विधिक सलाहकार की राय पर एफआर लगाने की बात तो कही, लेकिन उनके बयान दर्ज नहीं किए।
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रिपोर्ट दर्ज कराने वाली साजदा बेगम ने कब्जाई गई वक्फ संपत्ति को अपना बताया था, लेकिन एफआर में विवेचकों ने संबंधित वक्फ संपत्ति से उनके ताल्लुक के संबंध में कोई मौखिक या अभिलेखीय साक्ष्य नहीं दिया। इज्जतननगर थाना क्षेत्र के परतापुर जीवन सहाय स्थित वक्फ संपत्ति के संबंध में राजस्व अभिलेखों को भी स्पष्ट नहीं किया गया है। ऐसे में एसएसपी ने इंस्पेक्टर कोतवाली को अग्रिम विवेचना का आदेश दिया है।
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बेटों के साथ जेल में बंद है बवाल का आरोपी नफीस
शहर में 26 सितंबर को हुए बवाल के मामले में नफीस भी आरोपी है। वह और उसके दोनों बेटे जेल में बंद हैं। शहर में बवाल के बाद नफीस का मोहल्ला जखीरा स्थित रजा पैलेस ढहा दिया गया है। नावल्टी तिराहा स्थित पहलवान साहब की मजार के पास अतिक्रमण कर बनाई गई 74 दुकानों को भी नगर निगम ने सील कर दिया है। अब पुराने मामले की अग्रिम विवेचना से उसके बेटों की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। नफीस विना किसी डिग्री के खुद को डॉक्टर बताता है। जेल जाने से पहले वह शहर में चश्मे की दुकान भी चलाता था। उसे भी सील किया जा चुका है।
वर्जन
वक्फ संपत्ति पर कब्जे के मामले में नफीस खां के बेटों समेत पांच के लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में विवेचना के बाद एफआर लगाई गई थी। सीओ प्रथम की जांच में इसमें कई झोल सामने आए हैं। अब अग्रिम विवेचना का आदेश दिया है। - अनुराग आर्य, एसएसपी