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नकली पेट्रोल के खिलाड़ियों पर कम नहीं हो रही मेहरबानी
बरेली।
Updated Mon, 20 Mar 2017 01:15 AM IST
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ladies petrol pump
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नेफ्था से नकली पेट्रोल बनाने के धंधे में शामिल लोगों को कंपनियां बचाने का हर संभव प्रयास कर रही हैं, इसलिए फर्जी लोगो लगे टैंकर धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। इन टैंकरों की सूची मिलने पर भी पेट्रोलियम कंपनियाें ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। आईओसी राज्य कार्यालय नोएडा ने धंधे में शामिल टैंकरों का मामला डंप कर दिया है।
बीते माह 27 फरवरी की रात देवचरा स्थित स्नेह कोल्ड स्टोरेज परिसर में बड़े पैमाने पर नेफ्था से नकली पेट्रोल बनाने का धंधा पकड़ा गया था। मौके पर अवैध पेट्रोलियम से भरे दो टैंकर बरामद हुए थे। इन पर एस्सार और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन का लोगो लगा था। धंधेबाज कंपनियों से मिलीभगत कर ही लोगो का इस्तेमाल करते हैं। जिला प्रशासन ने आईओसी और एस्सार कंपनी से इन टैंकर संचालकों पर कार्रवाई को लिखा। बीस दिन बीतने पर भी दोनों कंपनियों ने अब तक कोई एक्शन नहीं लिया है। पकड़े गए लोगों ने बताया था कि नकली और मिलावटी डीजल-पेट्रोल एस्सार, आईओसी आदि पेट्रोल पंपों पर सप्लाई किया जाता है।
टैंकर फाइल कर दी डंप
नकली पेट्रोल के खेल का भंडाफोड़ होते ही प्रशासन ने इंडियन ऑयल कारपोरेशन आंवला डिपो प्रबंधक से कार्रवाई को कहा था। प्रशासन के तेवर देख प्रबंधक ने धंधे में शामिल लोगों की तीन फर्मों से संबंधित 17 टैंकर काली सूची में डाल दिए। इसकी रिपोर्ट भी राज्य कार्यालय को सौंप दी थी। साथ ही फर्जी लोगो लगाकर दौड़ रहे टैंकरों पर कार्रवाई की अनुमति मांगी थी। नोएडा स्थित राज्य कार्यालयों पर कोई कार्रवाई की जगह पूरा मामला ही दबा दिया। बताते हैं कि अवैध कारोबार में लिप्त टैंकरों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी आईओसी डीजीएम (संचालन) की है, इसलिए फर्जी लोगो लगे टैंकरों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इससे जाहिर है कि आईओसी नकली पेट्रोल का धंधा रोकने में रुचि नहीं लेना चाहती है। मामले में पक्ष लेने के लिए डीजीएम ऑपरेशन से फोन नंबर 88008 82598 पर संपर्क किया गया, लेकिन रिसीव नहीं हुआ।
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पंपों पर चेकिंग जारी
एचपीसी मोबाइल लैब टीम ने तीसरे दिन भी पेट्रोल पंपों से नमूने लिए और मौके पर परीक्षण किया। लैब प्रभारी आरलेकर शिवाजी रंगाराव ने बताया कि जिले में एचपीसी पंपों पर डीजल-पेट्रोल की जांच जारी है।
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बीते माह 27 फरवरी की रात देवचरा स्थित स्नेह कोल्ड स्टोरेज परिसर में बड़े पैमाने पर नेफ्था से नकली पेट्रोल बनाने का धंधा पकड़ा गया था। मौके पर अवैध पेट्रोलियम से भरे दो टैंकर बरामद हुए थे। इन पर एस्सार और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन का लोगो लगा था। धंधेबाज कंपनियों से मिलीभगत कर ही लोगो का इस्तेमाल करते हैं। जिला प्रशासन ने आईओसी और एस्सार कंपनी से इन टैंकर संचालकों पर कार्रवाई को लिखा। बीस दिन बीतने पर भी दोनों कंपनियों ने अब तक कोई एक्शन नहीं लिया है। पकड़े गए लोगों ने बताया था कि नकली और मिलावटी डीजल-पेट्रोल एस्सार, आईओसी आदि पेट्रोल पंपों पर सप्लाई किया जाता है।
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टैंकर फाइल कर दी डंप
नकली पेट्रोल के खेल का भंडाफोड़ होते ही प्रशासन ने इंडियन ऑयल कारपोरेशन आंवला डिपो प्रबंधक से कार्रवाई को कहा था। प्रशासन के तेवर देख प्रबंधक ने धंधे में शामिल लोगों की तीन फर्मों से संबंधित 17 टैंकर काली सूची में डाल दिए। इसकी रिपोर्ट भी राज्य कार्यालय को सौंप दी थी। साथ ही फर्जी लोगो लगाकर दौड़ रहे टैंकरों पर कार्रवाई की अनुमति मांगी थी। नोएडा स्थित राज्य कार्यालयों पर कोई कार्रवाई की जगह पूरा मामला ही दबा दिया। बताते हैं कि अवैध कारोबार में लिप्त टैंकरों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी आईओसी डीजीएम (संचालन) की है, इसलिए फर्जी लोगो लगे टैंकरों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इससे जाहिर है कि आईओसी नकली पेट्रोल का धंधा रोकने में रुचि नहीं लेना चाहती है। मामले में पक्ष लेने के लिए डीजीएम ऑपरेशन से फोन नंबर 88008 82598 पर संपर्क किया गया, लेकिन रिसीव नहीं हुआ।
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पंपों पर चेकिंग जारी
एचपीसी मोबाइल लैब टीम ने तीसरे दिन भी पेट्रोल पंपों से नमूने लिए और मौके पर परीक्षण किया। लैब प्रभारी आरलेकर शिवाजी रंगाराव ने बताया कि जिले में एचपीसी पंपों पर डीजल-पेट्रोल की जांच जारी है।