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Bareilly News: सड़कों के निर्माण में एनओसी का रोड़ा
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बरेली। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की एनओसी न मिलने से बरेली और शाहजहांपुर जिले की एक-एक सड़कों का चौड़ीकरण अटका हुआ है। चौड़ीकरण के लिए पेड़ काटे जाने हैं। उनके बदले दूसरी जगह पौधरोपण होना है। इसके लिए भूमि का इंतजाम राजस्व विभाग के अधिकारियों को करना था, लेकिन इसमें देरी हुई। अब भूमि के ब्योरे के साथ एनओसी के लिए आवेदन किया गया है। मंत्रालय स्तर से निर्णय होना है। जब तक एनओसी नहीं मिलती, तब तक काम अटका रहेगा।
लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता अजय कुमार का कहना है कि संबंधित अधिशासी अभियंता लगातार अपडेट ले रहे हैं। कोई आपत्ति लगती है तो उसका भी निस्तारण कराएंगे। उम्मीद है कि एनओसी जल्दी ही जारी होगी और मार्ग के अवशेष हिस्से में भी सड़क का चौड़ीकरण पूरा हो सकेगा।
इन सड़कों का अटका काम- बरेली जिले में भमोरा-शाहाबाद-बिलारी मार्ग के 47 किलोमीटर हिस्से को सात से दस मीटर चौड़ा करने के लिए 146 करोड़ रुपये मंजूर हुए। काम मार्च तक पूरा होना है, लेकिन सड़क का तीन किलोमीटर हिस्सा संरक्षित वन क्षेत्र में पड़ने की वजह से काम अटक गया है। अब तक 40 किलोमीटर हिस्से का चौड़ीकरण हो चुका है। चार किलोमीटर में काम चल रहा है। लोक निर्माण विभाग ने आंवला तहसील में एसडीएम से बात करके पौधरोपण के लिए जमीन चयनित कराई है, लेकिन अभी तक वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी नहीं मिली है।
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- शाहजहांपुर जिले में लिपुलेख भिंड मार्ग (स्टेट हाईवे-29) के 468वें किलोमीटर से 497 वें किलोमीटर तक 265 करोड़ रुपये की लागत से चौड़ीकरण 14 जुलाई 2023 को शुरू हुआ था। चौड़ीकरण 13 जनवरी 2025 तक पूरा होना था, लेकिन वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की एनओसी न मिलने से काम अटका है। सिर्फ 25 फीसदी काम हुआ है। मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 50 हेक्टेयर जमीन चाहिए थी। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने डीएम से बातचीत करके जमीन आरक्षित कराई है। अमर उजाला ब्यूरो
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लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता अजय कुमार का कहना है कि संबंधित अधिशासी अभियंता लगातार अपडेट ले रहे हैं। कोई आपत्ति लगती है तो उसका भी निस्तारण कराएंगे। उम्मीद है कि एनओसी जल्दी ही जारी होगी और मार्ग के अवशेष हिस्से में भी सड़क का चौड़ीकरण पूरा हो सकेगा।
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इन सड़कों का अटका काम- बरेली जिले में भमोरा-शाहाबाद-बिलारी मार्ग के 47 किलोमीटर हिस्से को सात से दस मीटर चौड़ा करने के लिए 146 करोड़ रुपये मंजूर हुए। काम मार्च तक पूरा होना है, लेकिन सड़क का तीन किलोमीटर हिस्सा संरक्षित वन क्षेत्र में पड़ने की वजह से काम अटक गया है। अब तक 40 किलोमीटर हिस्से का चौड़ीकरण हो चुका है। चार किलोमीटर में काम चल रहा है। लोक निर्माण विभाग ने आंवला तहसील में एसडीएम से बात करके पौधरोपण के लिए जमीन चयनित कराई है, लेकिन अभी तक वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी नहीं मिली है।
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- शाहजहांपुर जिले में लिपुलेख भिंड मार्ग (स्टेट हाईवे-29) के 468वें किलोमीटर से 497 वें किलोमीटर तक 265 करोड़ रुपये की लागत से चौड़ीकरण 14 जुलाई 2023 को शुरू हुआ था। चौड़ीकरण 13 जनवरी 2025 तक पूरा होना था, लेकिन वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की एनओसी न मिलने से काम अटका है। सिर्फ 25 फीसदी काम हुआ है। मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 50 हेक्टेयर जमीन चाहिए थी। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने डीएम से बातचीत करके जमीन आरक्षित कराई है। अमर उजाला ब्यूरो