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बरेली: 13 सरकारी विभाग दबाए बैठे 137 करोड़ रुपये का संपत्ति कर, नगर निगम तैयार कर रहा बकायेदारों की सूची

Sat, 10 Oct 2026 02:45 PM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: Mukesh Kumar Updated Sat, 10 Oct 2026 02:45 PM IST
सार

बरेली के 13 सरकारी विभागों पर नगर निगम का 137 करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया है। नगर निगम इन बकायेदारों की सूची तैयार कर रहा है।  आईवीआरआई पर सर्वाधिक 68.96 करोड़ रुपये बकाया है।

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13 government departments are sitting on rs 137 crore in property tax in Bareilly
नगर निगम बरेली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली में 13 सरकारी विभाग 137 करोड़ रुपये का संपत्ति कर दबाए बैठे हैं। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) पर सबसे अधिक 68.96 करोड़ रुपये बकाया है। 32.52 करोड़ बकाये के साथ बरेली कॉलेज दूसरे और 18.63 करोड़ बकाये के साथ रुहेलखंड विश्वविद्यालय तीसरे स्थान पर है। केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान के अधिशासी निदेशक पर 9.47 करोड़ रुपये बकाया हैं। नगर निगम का संपत्ति कर विभाग बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर रहा है।

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बंद हो चुकी माचिस फैक्टरी (विमको) पर 2.49 करोड़, जिला कारागार पर 1.51 करोड़, रेलवे के अधिशासी अधिकारी पर 1.06 करोड़, जीआईसी इंक्यूबेशन एंड 400 सीटर ऑडिटोरियम (बरेली स्मार्ट सिटी) पर 87.02 लाख, हेड पोस्ट ऑफिस पर 44.32 लाख, जिला पंचायत पर 35.97 लाख व भारतीय खाद्य निगम के फूड स्टोर डिपो पर 34.38 लाख रुपये कर बकाया है।
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वसूली से बढ़ सकती है निगम की आय
पीडब्ल्यूडी निर्माण भवन पर 20.85 लाख व सरकारी पशु चिकित्सालय पर 15.72 लाख रुपये बकाया है। निगम अब इन बकायेदारों से राजस्व वसूली की तैयारी में जुटा है। संपत्ति कर नगर निगम की आय का प्रमुख स्रोत है। इतनी बड़े धनराशि की वसूली से विभाग की आय बढ़ेगी, जिसे शहर के विकास पर खर्च किया जाएगा।
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मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी ने बताया कि कुल 53 विभागों से टैक्स वसूली की जाती है। इनमें से 13 सरकारी विभागों को डिफॉल्टर घोषित किया गया है। इन्होंने काफी समय से बकाया जमा नहीं किया गया है। इनको प्रतिवर्ष नोटिस भेजे जाते हैं। 

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