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फौजी की ‘शहादत’ पर एक लफ्ज नहीं निकला नेताओं का

Sun, 25 Mar 2018 01:27 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Sun, 25 Mar 2018 01:27 AM IST
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No leader talk on lance nayak's murder
businessmen
लांस नायक अनिल कुमार की सदर बाजार में दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले में अब तक न तो किसी जनप्रतिनिधि की प्रतिक्रिया आई है और न ही किसी राजनीतिक दल ने इस पर कुछ कहा है। अपने जवान की मौत से सैन्य अधिकारी काफी आहत हैं। वे महसूस कर रहे हैं कि इस घटनाक्रम पर राजनीतिक लोगों की ऐसी पहल अवश्य होनी चाहिए थी, जो सिविल क्षेत्र में रहने वाले सैनिकों के आत्मविश्वास को मजबूत करे। स्टेशन हेड क्वार्टर के एडम कमांडेंट कर्नल पी. अमित ने बताया कि सैन्य परिसर के अलावा सिविल क्षेत्र में जवानों के रहने योग्य कॉलोनियां तलाशी जा रही हैं। सेना की एक कमेटी ऐसी कॉलोनियां तलाश रही है, जो सभी सुविधाओं से युक्त होने के साथ ही असामाजिक तत्वों से मुक्त हों। यह रिपोर्ट 15 दिन में आ जाएगी। इसके बाद जिन सैन्य परिवारों को सरकारी क्वार्टर उपलब्ध नहीं हो सकेंगे, वे इन कॉलोनियों में रह सकेंगे। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर सेना अपनी ओर से भी जांच कर रही है और पुलिस की जांच में भी हर संभव मदद कर रही है। मगर इस घटना ने सेना को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सिविल क्षेत्र में उनके जवान सुरक्षित कैसे रहें। बोले- इतनी बड़ी घटना होने पर भी किसी पॉलिटिकल पार्टी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। भविष्य में सैन्य क्षेत्र की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने, बैरियर बढ़ाने और बाउंड्रीवाल का भी प्रस्ताव है ताकि बेरोकटोक आवागमन पर रोक लगाई जा सके। बाहर रहने वाले सैन्य परिवारों को अलर्ट किया गया है कि वे अपने पड़ोसी की गतिविधियों के बारे में सजग अवश्य रहें। 
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अब गवाही को आगे आए व्यापारी 
सदर बाजार में गोली लगने के बाद फौजी तड़पता रहा था, लेकिन उसे मदद नहीं मिल पाई थी। दुकानदारों में मची भगदड़ के बीच हत्यारोपी ध्रुव सरेआम तमंचा लहराकर सबको मुंह बंद रखने की धमकी दे रहा था। अब सेना के जवानों का भी मानना है कि अगर समय रहते किसी ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया होता तो चंद कदम की दूरी पर एक अस्पताल भी मौजूद था। लांस नायक करीब बीस मिनट तक तड़पे थे, इसके बाद पुलिस पहुंची थी। यही वजह है कि अब सेना में लोगों के व्यवहार के प्रति गुस्सा है। अब इस गुस्से को व्यापारी भी भांप रहे हैं और गवाही देने को राजी हो चुके हैं। पुलिस ने तीन व्यापारियों से पूछताछ के बाद उनके बयान भी दर्ज किए हैं। 
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हत्यारोपी के भाई पर छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई
कैंट के सदर बाजार में फौजी को गोली मारकर हत्या के सनसनीखेज मामले में हत्यारोपी ध्र्रुव के भाई राजेश चौधरी के खिलाफ कैंट पुलिस ने छेड़छाड़ करने की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। अब पुलिस राजेश चौधरी को गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही है। घटना के बाद लांस नायक के फौजी दोस्त के परिवार को भी सैन्यकर्मी अपने साथ सेना परिसर में ले आए हैं। इधर, रिपोर्ट दर्ज होने के बाद राजेश गायब हो गया है। 
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लांस नायक अनिल की हत्या की शुरुआती जांच में सामने आया था कि ध्रुव ने अपने बड़े भाई राजेश चौधरी के साथ हुई मारपीट का बदला लेने के लिए ही घटना को अंजाम दिया। अनिल को शक था कि राजेश उनके दोस्त की बीवी को राजेश परेशान करता है। यही वजह थी कि हत्या से कुछ दिन पहले उन्होंने सदर बाजार में सरेआम राजेश की पिटाई कर दी थी। यह बात जब ध्रुव को पता चली तो उसने अनिल की हत्या की योजना बना ली। अनिल के दोस्त ने शनिवार को कैंट थाने में तहरीर सौंपकर राजेश के खिलाफ छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई है। 

साक्ष्य नहीं मिलने पर छोड़ा था पुलिस ने, अब तलाश शुरू 
अनिल की हत्या के बाद पुलिस ने राजेश को भी पकड़ लिया था। उसे कोतवाली में रखा गया, लेकिन साक्ष्य न मिलने पर उसे छोड़ दिया गया था। अब छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस राजेश की तलाश कर रही है। कैंट इंस्पेक्टर विजयपाल के मुताबिक राजेश के घर पर दबिश दी गई थी, लेकिन वह नहीं मिला। 

सदर बाजार में 50 प्रतिशत घट गया व्यापार

सैनिक हत्या की घटना के बाद से कैंट के सदर बाजार में शनिवार को भी सन्नाटा रहा। कारोबार गिरकर 50 प्रतिशत से भी नीचे चला गया है। कुछ व्यापारी तो हाथ पर हाथ रखे बैठे रहे। उनके यहां दोपहर बाद तक कोई ग्राहक ही नहीं आया। मिठाई, दवाई, किराना, फल, दूध, सब्जी की दुकान हो या नवरात्र पर पूजा सामग्री की बिक्री करने वाले दुकानदार, सभी का यही हाल है। सदर के बड़ा बाजार सहित गोल मार्केट, मदारियों की पुलिया आदि बाजारों में चहल-पहल थम गई है।

इसकी वजह भय या तनाव नहीं बल्कि आर्मी की ओर से सैनिकों के सिविल एरिया में जाने पर पाबंदी लगाने की वजह से हुआ है। हालांकि यह पाबंदी सिर्फ सदर और आसपास के बाजारों पर ही है। इस संबंध में इन बाजारों के कुछ व्यापारियों से बात भी हुई। इसमें खासतौर से व्यापार मंडल के लोग सेना के अधिकारियों से बात करके उन्हें भरोसा दिलाने की कोशिश में हैं।

 
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