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जिन बच्चों ने अपने पिता को खो दिया, उनसे इस साल फीस नहीं
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छात्र-छात्राएं (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : demo photo
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जीआरएम स्कूल की प्रबंध समिति की बैठक में फैसला
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बरेली। जीआरएम स्कूल इस साल उन बच्चों से कोई फीस नहीं लेगा जिन्होंने कोरोना की त्रासदी में अपने पिता को खो दिया। शनिवार को स्कूल की प्रबंध समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया।
स्कूल के प्रबंधक राजेश जौली ने बताया कि इस बार कोरोना त्रासदी में तमाम लोगों ने जान गंवाई है। इसीलिए प्रबंधन की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है कि स्कूल में पढ़ रहे जिन बच्चों ने अपने पिता को असमय खो दिया है, स्कूल उन बच्चों से सत्र 21-22 भर कोई फीस नहीं लेगा। ऐसे सभी बच्चों को बिना फीस दिए वर्ष भर अध्ययन का मौका देना स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी जिसका निर्वाह किसी भी हालत में किया जाएगा। स्कूल प्रबंधन ने यह भी निर्णय लिया है कि ऐसे विद्यार्थियों के अध्ययन में यदि कोई भी परेशानी होती है तो उन्हें अतिरिक्त ऑनलाइन या ऑफलाइन कक्षाओं की सुविधा भी दी जाएगी। इसके अलावा जब भी हालात अनुकूल होंगे तो शिक्षकों का एक दल इन विद्यार्थियों के परिवारों से भी मिलने जाएगा ताकि उन्हें यह विश्वास दिलाया जा सके कि स्कूल इस नाजुक वक्त में उनके साथ है।
स्कूल के प्रबंधक राजेश जौली ने बताया कि इस बार कोरोना त्रासदी में तमाम लोगों ने जान गंवाई है। इसीलिए प्रबंधन की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है कि स्कूल में पढ़ रहे जिन बच्चों ने अपने पिता को असमय खो दिया है, स्कूल उन बच्चों से सत्र 21-22 भर कोई फीस नहीं लेगा। ऐसे सभी बच्चों को बिना फीस दिए वर्ष भर अध्ययन का मौका देना स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी जिसका निर्वाह किसी भी हालत में किया जाएगा। स्कूल प्रबंधन ने यह भी निर्णय लिया है कि ऐसे विद्यार्थियों के अध्ययन में यदि कोई भी परेशानी होती है तो उन्हें अतिरिक्त ऑनलाइन या ऑफलाइन कक्षाओं की सुविधा भी दी जाएगी। इसके अलावा जब भी हालात अनुकूल होंगे तो शिक्षकों का एक दल इन विद्यार्थियों के परिवारों से भी मिलने जाएगा ताकि उन्हें यह विश्वास दिलाया जा सके कि स्कूल इस नाजुक वक्त में उनके साथ है।
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