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एनजीटी ने कहा पहले सॉलिड वेस्ट का करो इलाज
बरेली
Updated Fri, 08 Jan 2016 02:19 AM IST
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बरेली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने नगर निगम पर और सख्ती की है। बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण को लेकर चल रहे मामले की पूरी सुनवाई अब सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर आ गई है। जिस सॉलिड वेस्ट को लेकर नगर निगम पिछले कई सालों से परेशान है, अब उसके निस्तारण के लिए एनजीटी ने बीडीए और नगर निगम को एक माह का समय दिया है। निगम को न केवल जमीन ढूंढनी है बल्कि बाकरगंज का कूड़ा भी शिफ्ट करवाना है। सुनवाई के बाद अधिकारियाें के पसीने छूट रहे हैं, वे विकल्प तलाशने में जुट गए हैं।
याचिकाकर्ता द्वारा बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण न होने के चलते कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिसमें कहा गया था कि बेनीपुर स्थित बायो मेडिकल वेस्ट प्लांट सही तरीके से कूड़ा निस्तारित नहीं कर रहा है, इससे बीमारी बढ़ने का खतरा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एक संयुक्त टीम बनाकर बरेली भेजी और जांच की रिपोर्ट सौंपने को कहा। बताया गया कि बायो मेडिकल वेस्ट प्लांट इंडस्ट्रियल एरिया में चल रहा है। बेनीपुर स्थित पहले मेडिकल प्लांट को बंद कर दिया गया है लेकिन इसके पीछे शहर का कूड़ा डाला जाता है जो खतरनाक है। इसी के चलते अब एनजीटी में सुनवाई बायो मेडिकल के साथ सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर भी होगी। निगम को 10 फरवरी तक जमीन ढूंढकर बताना है ताकि कोर्ट में जवाब दे सकें नहीं तो कोर्ट ने बड़ी कार्रवाई को तैयार रहने का इशारा कर दिया है।
- कहां से लाए नगर निगम जमीन
बाकरगंज का कूड़ा पूरे शहर के लिए घातक है। तमाम सामाजिक संस्थाएं इसके लिए अपना विरोध जता चुकी हैं। निगम भी इस डंपिंग ग्राउंड को हटाने में लगा है, लेकिन इसका विकल्प नहीं मिल रहा है। जितने एकड़ में बाकरगंज का कूड़ा डाला जाता है, उतनी जमीन तलाशने में निगम और बीडीए के पसीने छूट रहे हैं। दरअसल, डंपिंग ग्राउंड बनाने से पहले उसके आसपास का क्षेत्र देखना भी जरूरी है। जिसमें कोई स्कूल व अन्य रिहायशी इलाका न हो।
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वर्जन--
‘बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण तो हमारे इंडस्ट्रियल एरिया में हो रहा है। कोर्ट ने अब सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए कहा है। निगम पहले से जगह तलाश रहा है, लेकिन सफलता नहीं मिल रही। अब एक माह में जगह ढूंढनी है।’
शीलधर यादव, नगर आयुक्त
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याचिकाकर्ता द्वारा बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण न होने के चलते कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिसमें कहा गया था कि बेनीपुर स्थित बायो मेडिकल वेस्ट प्लांट सही तरीके से कूड़ा निस्तारित नहीं कर रहा है, इससे बीमारी बढ़ने का खतरा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एक संयुक्त टीम बनाकर बरेली भेजी और जांच की रिपोर्ट सौंपने को कहा। बताया गया कि बायो मेडिकल वेस्ट प्लांट इंडस्ट्रियल एरिया में चल रहा है। बेनीपुर स्थित पहले मेडिकल प्लांट को बंद कर दिया गया है लेकिन इसके पीछे शहर का कूड़ा डाला जाता है जो खतरनाक है। इसी के चलते अब एनजीटी में सुनवाई बायो मेडिकल के साथ सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर भी होगी। निगम को 10 फरवरी तक जमीन ढूंढकर बताना है ताकि कोर्ट में जवाब दे सकें नहीं तो कोर्ट ने बड़ी कार्रवाई को तैयार रहने का इशारा कर दिया है।
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- कहां से लाए नगर निगम जमीन
बाकरगंज का कूड़ा पूरे शहर के लिए घातक है। तमाम सामाजिक संस्थाएं इसके लिए अपना विरोध जता चुकी हैं। निगम भी इस डंपिंग ग्राउंड को हटाने में लगा है, लेकिन इसका विकल्प नहीं मिल रहा है। जितने एकड़ में बाकरगंज का कूड़ा डाला जाता है, उतनी जमीन तलाशने में निगम और बीडीए के पसीने छूट रहे हैं। दरअसल, डंपिंग ग्राउंड बनाने से पहले उसके आसपास का क्षेत्र देखना भी जरूरी है। जिसमें कोई स्कूल व अन्य रिहायशी इलाका न हो।
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‘बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण तो हमारे इंडस्ट्रियल एरिया में हो रहा है। कोर्ट ने अब सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए कहा है। निगम पहले से जगह तलाश रहा है, लेकिन सफलता नहीं मिल रही। अब एक माह में जगह ढूंढनी है।’
शीलधर यादव, नगर आयुक्त