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Bareilly News: अकुशल कर्मचारियों से कराई जा रही नई बसों की मरम्मत, कई का इंजन बिगड़ा
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बरेली। रोडवेज की नई बसों की मरम्मत अकुशल कर्मचारियों से कराकर इनकी भी हालत खस्ताहाल बनाई जा रही है। कई बसों में पुराना मोबिल ऑयल डाल दिया गया। इससे इनके इंजन एक लाख किमी. पर ही हांफने लगे हैं। बृहस्पतिवार को कई चालकों ने सीनियर फोरमैन नबावुद्दीन से शिकायत की तो उन्होंने जांच का भरोसा दिया है।
रोडवेज के बेड़े में शामिल बीएस-6 श्रेणी की नई बसें आधुनिक तकनीक और सेंसर युक्त हैं। प्रदूषण रहित इन बसों में ईंधन के साथ यूरिया का इस्तेमाल किया जाता है। इन बसों की मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी फिलहाल आपूर्ति देने वाली कंपनी की है, लेकिन वर्कशॉप में इन बसों में काम के नाम पर पर भी बिल बनाए जा रहे हैं।
बस नंबर 9286 के चालक देवेंद्र ने बताया कि उसकी बस अभी बमुश्किल एक लाख किलोमीटर चली है, लेकिन तीन बार टायर बदले जा चुके हैं। इंजन से आवाज भी आने लगी हैं। बस का बैक कंप्रेशर भी ठीक से काम नहीं कर रहा। बस में नए के स्थान पर पुराना मोबिल ऑयल डाले जाने से गड़बड़ हो गई है।
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इसी तरह बस संख्या 3774 और 6809 में भी पुराना मोबिल ऑयल डाल दिया गया। इनकी मरम्मत भी आउट सोर्सिंग के अकुशल कर्मचारियों से कराई गई। कई अन्य बसों की हालत भी अकुशल कर्मचारियों ने खराब कर दी है। सीनियर फोरमैन ने जांच की बात कही है।
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एक बस में एक रेडिएटर, बिल बनाया छह का
कंडम घोषित किए जाने के बाद नीलामी के लिए खड़ी बस में रेडिएटर के नाम पर फर्जी बिल बनाकर पास करा लिए गए। गौर करने की बात यह है कि एक बस में एक रेडिएटर होता है। यह बस के इंजन को ठंडा रखने का काम करता है। निजी फर्म ने बस संख्या बीटी 1151 में छह रेडिएटर दर्शाते हुए बिल बना दिया। सीनियर फोरमैन ने बिल पास भी कर दिया। गौर करने की बात यह है कि कंडम घोषित यह बस रीजनल वर्कशॉप में खड़ी है। संवाद
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रोडवेज के बेड़े में शामिल बीएस-6 श्रेणी की नई बसें आधुनिक तकनीक और सेंसर युक्त हैं। प्रदूषण रहित इन बसों में ईंधन के साथ यूरिया का इस्तेमाल किया जाता है। इन बसों की मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी फिलहाल आपूर्ति देने वाली कंपनी की है, लेकिन वर्कशॉप में इन बसों में काम के नाम पर पर भी बिल बनाए जा रहे हैं।
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बस नंबर 9286 के चालक देवेंद्र ने बताया कि उसकी बस अभी बमुश्किल एक लाख किलोमीटर चली है, लेकिन तीन बार टायर बदले जा चुके हैं। इंजन से आवाज भी आने लगी हैं। बस का बैक कंप्रेशर भी ठीक से काम नहीं कर रहा। बस में नए के स्थान पर पुराना मोबिल ऑयल डाले जाने से गड़बड़ हो गई है।
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इसी तरह बस संख्या 3774 और 6809 में भी पुराना मोबिल ऑयल डाल दिया गया। इनकी मरम्मत भी आउट सोर्सिंग के अकुशल कर्मचारियों से कराई गई। कई अन्य बसों की हालत भी अकुशल कर्मचारियों ने खराब कर दी है। सीनियर फोरमैन ने जांच की बात कही है।
एक बस में एक रेडिएटर, बिल बनाया छह का
कंडम घोषित किए जाने के बाद नीलामी के लिए खड़ी बस में रेडिएटर के नाम पर फर्जी बिल बनाकर पास करा लिए गए। गौर करने की बात यह है कि एक बस में एक रेडिएटर होता है। यह बस के इंजन को ठंडा रखने का काम करता है। निजी फर्म ने बस संख्या बीटी 1151 में छह रेडिएटर दर्शाते हुए बिल बना दिया। सीनियर फोरमैन ने बिल पास भी कर दिया। गौर करने की बात यह है कि कंडम घोषित यह बस रीजनल वर्कशॉप में खड़ी है। संवाद