Bareilly News: नाथ कॉरिडोर से मिलेगी बरेली को नई पहचान, सातों शिव मंदिरों का होगा विकास, बढ़ेगा पर्यटन
नाथनगरी बरेली को जल्द ही नई पहचान मिलेगी। शहर के सातों नाथ मंदिर (शिव मंदिर) नाथ कॉरिडोर के तहत जोड़े जाएंगे। लखनऊ में मुख्यमंत्री के समक्ष इस परियोजना का प्रस्तुतीकरण दिया गया।
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झुमका और सुरमा से मशहूर बरेली शहर को जल्द ही नाथ कॉरिडोर के रूप में नई पहचान मिलेगी। इससे पर्यटन के साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) के उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के साथ लखनऊ में मुख्यमंत्री के समक्ष परियोजना का प्रस्तुतीकरण दिया तो काम कराने के निर्देश मिले।
मुख्यमंत्री ने प्रस्तुतिकरण देखकर बीडीए की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि कहा कि मंदिर क्षेत्र में प्रस्तावित कार्यों की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर पर्यटन विभाग को दी जाए। प्रथम चरण में अलखनाथ एवं धोपेश्वर नाथ मंदिर क्षेत्र में विकास कार्य होंगे। कॉरिडोर का निर्माण भी शीघ्र शुरू होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह विकास कराएं कि बरेली के सभी प्रवेश द्वार पर पहुंचते ही लोगों को नाथ नगरी में आगमन की अनुभूति हो सके। सातों मंदिरों की परिक्रमा के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
ये है नाथ कॉरिडोर
शहर में स्थित सात प्राचीन नाथ मंदिरों अलखनाथ, मढ़ीनाथ, तपेश्वर नाथ, धोपेश्वर नाथ, पशुपति नाथ, वनखंडी नाथ, त्रिवटी नाथ को आपस में जोड़ते हुए नाथ कॉरिडोर का निर्माण होगा। इसके अंतर्गत आने वाले प्रमुख चौराहों का विकास करने के साथ नाथ मंदिरों का सुंदरीकरण कराया जाएगा।शिव के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन कराएंगे भव्य प्रवेश द्वार
नाथ मंदिरों के प्रवेश द्वारों का आकर्षक डिजाइन वीडीए वीसी ने सीएम के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में अलखनाथ मंदिर के पहुंच मार्ग के विकास के साथ ही दर्शनार्थियों के लिए बेंच, पेयजल, जूता-चप्पल रखने के लिए स्टैंड, पूजन सामग्री के स्टॉल, पार्किंग, स्ट्रीट लाइट, भंडारा स्थल, गायों को रखने के लिए शेड आदि बनेंगे। मंदिर परिसर में खाली भूमि पर पार्क विकसित करेंगे।17 एकड़ में बनेगा रामगंगा रिवर फ्रंट
बीडीए वीसी ने बताया कि 17 एकड़ में रामगंगा रिवर फ्रंट का निर्माण कराया जाएगा। इसमें नाथ वाटिका भी बनेगी। बदायूं रोड पर प्राधिकरण की नाथ धाम आवासीय योजना, रामगंगा नगर आवासीय योजना में विकसित हो रही रामायण वाटिका एवं मुख्य मार्गों के चौड़ीकरण का भी प्रस्तुतीकरण किया गया।