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नमकीन में तो नमक, मिर्च भी शुद्ध नहीं
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Thu, 01 Mar 2018 01:15 AM IST
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Namkeen
होली पर नमकीन की भी खासी खपत होती है। घरों में आमतौर पर बनने वाली नमकीन में बेसन चना, मसूर की दाल, मूंगफली दाना, चावल की कचरी आदि हैं, लेकिन बाजारों में चने के बेसन की जगह मटर, आटा, चावल आदि से बने आइटमों की भरमार है। गली मोहल्लों में छोटे-छोटे कारखानों में घटिया तेल से नमकीन बनाकर बाजार में पहुंचाई जा रही है। छोटे कारोबारी तो नमक और मिर्च भी बेहद घटिया इस्तेमाल कर रहे हैं।
ब्रांडेड नमकीन रि-साइकिल
नामी गिरामी नमकीन निर्माता कंपनियां पैक नमकीन की बिक्री करती हैं। पैकिंग पर इस्तेमाल करने अवधि, वजन आदि लिखना अनिवार्य होता है, लेकिन लोकल निर्माता ऐसा नहीं करते हैं। ब्रांडेड नमकीन एक्सपायर होने पर कंपनियां उसे नीलाम कर देती हैं, इसे छोटे कारोबारी खरीद कर अपने ब्रांड के नाम से बाजार में खपा देते हैं। इससे होने वाले नुकसान का फौरी तौर पर तो एहसास नहीं होता है, लेकिन लंबे समय में पेट आदि की बीमारी पैदा होती हैं। हकीम खुर्शीद मुराद कहते हैं कि घटिया तेल और वस्तुओं से तैयार नमकीन का कतई इस्तेमाल न करें। खासतौर से बच्चों को इसके सेवन से बचाएं।
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ब्रांडेड नमकीन रि-साइकिल
नामी गिरामी नमकीन निर्माता कंपनियां पैक नमकीन की बिक्री करती हैं। पैकिंग पर इस्तेमाल करने अवधि, वजन आदि लिखना अनिवार्य होता है, लेकिन लोकल निर्माता ऐसा नहीं करते हैं। ब्रांडेड नमकीन एक्सपायर होने पर कंपनियां उसे नीलाम कर देती हैं, इसे छोटे कारोबारी खरीद कर अपने ब्रांड के नाम से बाजार में खपा देते हैं। इससे होने वाले नुकसान का फौरी तौर पर तो एहसास नहीं होता है, लेकिन लंबे समय में पेट आदि की बीमारी पैदा होती हैं। हकीम खुर्शीद मुराद कहते हैं कि घटिया तेल और वस्तुओं से तैयार नमकीन का कतई इस्तेमाल न करें। खासतौर से बच्चों को इसके सेवन से बचाएं।
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