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नकटिया नदी प्रकरण: साहब! हमारे खेत आसमान खा गया..या फिर नदी निगल गई

Bareily Bureauबरेली ब्यूरो Updated Sat, 15 Feb 2020 02:53 AM IST
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नकटिया नदी
नकटिया नदी - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। डोहरा रोड पर यूनिवर्सिटी के पीछे नकटिया नदी के पुल के पास कुछ किसानों ने बाढ़ खंड के अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की थी कि उन्होंने खुदाई कर नदी का रुख ही बदल दिया है। इससे तमाम किसानों की जमीनें खुर्द-बुर्द हो गई हैं। तहसील प्रशासन ने इसकी जांच कराई तो लेखपालों ने रिपोर्ट दे दी कि नदी का रुख नहीं बदला गया है। पीड़ित काश्तकारों का कहना है कि नदी की खुदाई में गड़बड़ी नहीं हुई है तो उनकी जमीन को आसमान खा गया या फिर नदी निगल गई। काश्तकारों ने इसकी शिकायत डीएम नितीश कुमार से करते हुए नए सिरे से जांच कराने की दरख्वास्त की है।
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सिस्टम और माफिया के गठजोड़ से शहर से सटकर बह रही नकटिया नदी पर जगह-जगह अवैध कब्जे हो गए हैं। बाढ़ खंड और प्रशासनिक अधिकारियों पर इसे लेकर पहले भी गंभीर आरोप लगते रहे हैं। हाल में बाढ़ खंड ने नकटिया नदी में पुल के पास जेसीबी से खुदाई कर सफाई कराई थी। पुल के आसपास के कई काश्तकारों ने तहसील प्रशासन से यह शिकायत की थी कि सफाई के नाम पर उनके खेतों की खुदाई कर नदी का रुख ही बदल दिया गया है। तहसील प्रशासन की तरफ से इसकी जांच कराई गई तो लेखपालों ने एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह को यह रिपोर्ट दे दी कि नदी का प्रवाह ही पुरानी दिशा में ही है। नदी की धारा की जगह भी नहीं बदली है। जांच रिपोर्ट में बाढ़ खंड के अधिकारियों को क्लीन चिट दे दी गई, जबकि चंदपुर बिचपुरी के पीड़ित किसानों ने शिकायती पत्र के साथ तहसील के अधिकारियों को खतौनियों के रिकॉर्ड भी दिए थे। लेखपालों की रिपोर्ट से हलाकान किसानों का कहना है कि नदी का प्रवाह नहीं बदला तो आखिर उनकी जमीन कहां गुुम हो गई है? पीड़ित किसानों ने फिर से शिकायत करते हुए डीएम नितीश कुमार को प्रार्थनापत्र दिया है। इसमें एक किसान का कहना है कि भूमि के राजस्व रिकॉर्ड में चंदपुर बिचपुरी के खाता नंबर 410 संख्या 689 पर 0.1140 हेक्टेयर रकबा भूमि उसके नाम दर्ज है, जबकि नदी की खुदाई के बाद उसकी मौके पर जमीन काफी कम हो गई है। यही हाल आसपास के कई और किसानों का है। किसानों की फसल को भी काफी नुकसान हो गया है। किसानों ने डीएम से नए सिरे से जांच कराकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
कई जगह सूख चुकी नदी की जमीन पर माफिया की नजर
पीलीभीत रोड से डोहरा रोड, रुहेलखंड विश्वविद्यालय के पीछे से होती हुई शाहजहांपुर रोड की ओर से गुजरने वाली नदी पर लंबे समय से कब्जे हो रहे हैं। इसमें नगर निगम कूड़ा कचरा डाला रहा है तो कुछ अस्पताल इसमें बायोमेडिकल वेस्ट भी गिरा रहे हैं, जबकि प्रशासन और बाढ़ खंड के अधिकारियों ने अवैध कब्जेदारों के खिलाफ कार्रवाई तो दूर अतिक्रमण भी सही से चिह्नित नहीं किया है। कूड़े कचरे से पटकर सूख रही नदी की जमीन पर माफिया नजरें गड़ाए हैं।
नकटिया नदी पर अवैध कब्जे की शिकायत की जांच लेखपालों से कराई गई थी। जांच टीम का तो यही कहना है कि नदी का रुख नहीं बदला है। इसकी रिपोर्ट भी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। -आशुतोष गुप्ता, तहसीलदार सदर
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