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किसानों ने मांगा चार गुना मुआवजा तो पीछे हटा नगर निगम
Thu, 19 Dec 2019 10:33 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 19 Dec 2019 10:33 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने के लिए रजऊ परसपुर के पास गांव सतरापुर में चिह्नित करीब 10 एकड़ भूमि के लिए किसान चार गुने रेट पर करीब 12 करोड़ का मुआवजा मांग रहे हैं, लेकिन नगर निगम इतना भुगतान करने के लिए तैयार नहीं है। बुधवार को कलक्ट्रेट में इस मामले को लेकर प्रशासन और किसानों के बीच हुई वार्ता में कोई नतीजा नहीं निकल सका है। किसानों को मनाने के लिए प्रशासन एक बार फिर से वार्ता करेगा।
केंद्र सरकार से 2005 में मिली मंजूरी के बाद सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट रजऊ परसपुर में इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी से सटी जमीन पर बना था। जिसका 13 मार्च 2013 को एकेसी डेवलपर्स ने संचालन शुरू किया। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट में मुकदमे चले, जिसके बाद मई 2014 में एनजीटी ने प्लांट बंद करने का आदेश दिया। 2017 में मेयर बनने से पहले उमेश गौतम ने नगर निगम को फरीदपुर के गांव बहगुलपुर में प्लांट लगाने के लिए करीब 110 बीघा जमीन खरीदकर दान में दी। तत्कालीन नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव यहां प्लांट लगवाने की प्लानिंग कर रहे थे।
इसी बीच फरवरी में उनका ट्रांसफर हो गया। उनके बाद निगम अफसरों ने इस जमीन को शहर से दूर बताते हुए प्लांट के लिए उपयुक्त नहीं माना। अब नगर निगम ने नेशनल हाईवे पर रजऊ के पास गांव सतरापुर में प्लांट लगाने के लिए 10 एकड़ जमीन देखी है। इसके लिए बुधवार को कलक्ट्रेट में किसानों और अधिकारियों की बैठक हुई। इसके लिए 43 किसानों से जमीन क्रय की जानी है, लेकिन वह चार गुना रेट पर मुआवजा मांग रहे हैं। इसके लिए 12 करोड़ का मुआवजा देने के लिए नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. तैयार नहीं है। बैठक में एडीएम वित्त मनोज कुमार पांडेय, एसएलएओ मदन कुमार, नगर आयुक्त के साथ अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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केंद्र सरकार से 2005 में मिली मंजूरी के बाद सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट रजऊ परसपुर में इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी से सटी जमीन पर बना था। जिसका 13 मार्च 2013 को एकेसी डेवलपर्स ने संचालन शुरू किया। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट में मुकदमे चले, जिसके बाद मई 2014 में एनजीटी ने प्लांट बंद करने का आदेश दिया। 2017 में मेयर बनने से पहले उमेश गौतम ने नगर निगम को फरीदपुर के गांव बहगुलपुर में प्लांट लगाने के लिए करीब 110 बीघा जमीन खरीदकर दान में दी। तत्कालीन नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव यहां प्लांट लगवाने की प्लानिंग कर रहे थे।
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इसी बीच फरवरी में उनका ट्रांसफर हो गया। उनके बाद निगम अफसरों ने इस जमीन को शहर से दूर बताते हुए प्लांट के लिए उपयुक्त नहीं माना। अब नगर निगम ने नेशनल हाईवे पर रजऊ के पास गांव सतरापुर में प्लांट लगाने के लिए 10 एकड़ जमीन देखी है। इसके लिए बुधवार को कलक्ट्रेट में किसानों और अधिकारियों की बैठक हुई। इसके लिए 43 किसानों से जमीन क्रय की जानी है, लेकिन वह चार गुना रेट पर मुआवजा मांग रहे हैं। इसके लिए 12 करोड़ का मुआवजा देने के लिए नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. तैयार नहीं है। बैठक में एडीएम वित्त मनोज कुमार पांडेय, एसएलएओ मदन कुमार, नगर आयुक्त के साथ अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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