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लंबे घमासान के बाद फिर शुरू हुआ डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन
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बरेली। नगर निगम में मेयर और नगर आयुक्त के बीच विवाद के चलते बंद हुआ डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का कार्य सोमवार से फिर शुरू कर दिया गया। मेयर उमेश गौतम और नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. ने कूड़ा उठाने वाले वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नगर निगम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नगर आयुक्त ने बताया कि इससे शहर की सफाई व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेयर उमेश गौतम ने बताया कि पहले चरण में 20 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू किया गया है। इसमें हर जोन के पांच-पांच शामिल हैं। उन्होंने शहर को स्वच्छ बनाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम बताते हुए एजेंसी प्रतिनिधियों को पारदर्शिता बनाने और जनता की उम्मीदों के अनुरूप काम करने को कहा। नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. ने बताया कि कूड़े का उठान, गीले और सूखे कूड़े की छंटाई के साथ ही उसे अलग-अलग जमा करने की पूरी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कूड़ा कलेक्शन की जिम्मेदारी आनंद नारायण कांट्रेक्टर, पाथेय और आयुषी हाईजिन एंड केयर प्राइवेट लिमिटेड को दी गई है। जल्दी ही अन्य वार्डों में कूड़ा कलेक्शन शुरू कराया जाएगा। नगर निगम इन एजेंसियों को वाहन समेत सभी संसाधन उपलब्ध कराएगा, कर्मचारियों की जिम्मेदारी एजेंसी की होगी। इस दौरान पार्षद सतीश कातिब, अवनेश कुमार, नरेश पटेल, शालिनी जौहरी, यामीन अंसारी, अजय चौहान, मुकेश मेहरोत्रा, आरेंद्र अरोरा, नरेश शर्मा बंटी आदि मौजूद रहे। संचालन कर पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान ने किया।
कंपनी यूजर चार्ज वसूलेगी तब होगा भुगतान
पिछली व्यवस्था में डोर-टू-डोर एजेंसियां कूड़ा कलेक्शन कर यूजर चार्ज अपने पास रख लेती थीं। न एजेंसियां निगम को कुछ देती थीं और निगम उन्हें कुछ देता था। मगर नई व्यवस्था में एजेंसियों को यूजर चार्ज वसूलकर निगम में जमा करना होगा। नगर निगम उन्हें भुगतान करेगा। इससे नगर निगम की आय भी बढ़ेगी। छोटे घरों से 50 रुपये, बड़े घरों से सौ और व्यवसायिक संस्थानों से एक हजार रुपये प्रतिमाह वसूले जाएंगे।
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निगम खरीदेगा 200 कूड़ा वाहन
नगर निगम ने एजेंसियों से एक साल का कांट्रेक्ट किया है, ठीक काम होने पर इसे बढ़ाया जाएगा। इन एजेंसियों को वाहन, कर्मचारियों एवं अन्य सामान भी नगर निगम उपलब्ध कराएगा। नगर आयुक्त ने बताया कि अगर यह व्यवस्थाएं कंपनी से कराई जाती तो दस साल का कांट्रेक्ट करना पड़ता, इसलिए ये व्यवस्थाएं निगम की रहेंगी। इन्हें देने के लिए नगर निगम करीब 16 करोड़ खर्च करके 200 कूड़ा वाहन खरीदेगा। प्रत्येक 200 घरों पर एक रिक्शा और दो हजार घरों पर एक टिपर वाहन लगाएगा।
कूड़े से बनेगी कंपोस्ट खाद, बढ़ेगी निगम की आय
बरेली। नगर निगम अब शहर के डलावघर भी खत्म करेगा। गीले कूड़े से कैंट में कंपोस्ट खाद बनेगी, जिससे निगम को आय भी होगी। बायो कंपोस्ट यूनिट बनाने की कैंट बोर्ड से बात चल रही है। कैंट बोर्ड सेे प्रस्ताव पास हो चुका है, जिसके तहत पांच हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. ने बताया कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के बाद डलावघर में नहीं डाला जाएगा। इससे निगम क्षेत्र के करीब 150 डलावघर बंद हो जाएंगे। गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग जमा करके वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर पर जाएगा। फिर सूखा कूड़ा बाकरगंज डंपिंग ग्राउंड और गीला कूड़ा बायो कंपोस्ट यूनिट में भेजा जाएगा। यह प्लांट लगाने के लिए कैंट बोर्ड से पांच हेक्टेयर जमीन देने की मंजूरी मिल चुकी है। यह प्लांट लगाने में पांच से छह करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। इसके लिए शासन को पत्र लिख दिया है।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेयर उमेश गौतम ने बताया कि पहले चरण में 20 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू किया गया है। इसमें हर जोन के पांच-पांच शामिल हैं। उन्होंने शहर को स्वच्छ बनाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम बताते हुए एजेंसी प्रतिनिधियों को पारदर्शिता बनाने और जनता की उम्मीदों के अनुरूप काम करने को कहा। नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. ने बताया कि कूड़े का उठान, गीले और सूखे कूड़े की छंटाई के साथ ही उसे अलग-अलग जमा करने की पूरी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कूड़ा कलेक्शन की जिम्मेदारी आनंद नारायण कांट्रेक्टर, पाथेय और आयुषी हाईजिन एंड केयर प्राइवेट लिमिटेड को दी गई है। जल्दी ही अन्य वार्डों में कूड़ा कलेक्शन शुरू कराया जाएगा। नगर निगम इन एजेंसियों को वाहन समेत सभी संसाधन उपलब्ध कराएगा, कर्मचारियों की जिम्मेदारी एजेंसी की होगी। इस दौरान पार्षद सतीश कातिब, अवनेश कुमार, नरेश पटेल, शालिनी जौहरी, यामीन अंसारी, अजय चौहान, मुकेश मेहरोत्रा, आरेंद्र अरोरा, नरेश शर्मा बंटी आदि मौजूद रहे। संचालन कर पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान ने किया।
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कंपनी यूजर चार्ज वसूलेगी तब होगा भुगतान
पिछली व्यवस्था में डोर-टू-डोर एजेंसियां कूड़ा कलेक्शन कर यूजर चार्ज अपने पास रख लेती थीं। न एजेंसियां निगम को कुछ देती थीं और निगम उन्हें कुछ देता था। मगर नई व्यवस्था में एजेंसियों को यूजर चार्ज वसूलकर निगम में जमा करना होगा। नगर निगम उन्हें भुगतान करेगा। इससे नगर निगम की आय भी बढ़ेगी। छोटे घरों से 50 रुपये, बड़े घरों से सौ और व्यवसायिक संस्थानों से एक हजार रुपये प्रतिमाह वसूले जाएंगे।
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निगम खरीदेगा 200 कूड़ा वाहन
नगर निगम ने एजेंसियों से एक साल का कांट्रेक्ट किया है, ठीक काम होने पर इसे बढ़ाया जाएगा। इन एजेंसियों को वाहन, कर्मचारियों एवं अन्य सामान भी नगर निगम उपलब्ध कराएगा। नगर आयुक्त ने बताया कि अगर यह व्यवस्थाएं कंपनी से कराई जाती तो दस साल का कांट्रेक्ट करना पड़ता, इसलिए ये व्यवस्थाएं निगम की रहेंगी। इन्हें देने के लिए नगर निगम करीब 16 करोड़ खर्च करके 200 कूड़ा वाहन खरीदेगा। प्रत्येक 200 घरों पर एक रिक्शा और दो हजार घरों पर एक टिपर वाहन लगाएगा।
कूड़े से बनेगी कंपोस्ट खाद, बढ़ेगी निगम की आय
बरेली। नगर निगम अब शहर के डलावघर भी खत्म करेगा। गीले कूड़े से कैंट में कंपोस्ट खाद बनेगी, जिससे निगम को आय भी होगी। बायो कंपोस्ट यूनिट बनाने की कैंट बोर्ड से बात चल रही है। कैंट बोर्ड सेे प्रस्ताव पास हो चुका है, जिसके तहत पांच हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. ने बताया कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के बाद डलावघर में नहीं डाला जाएगा। इससे निगम क्षेत्र के करीब 150 डलावघर बंद हो जाएंगे। गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग जमा करके वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर पर जाएगा। फिर सूखा कूड़ा बाकरगंज डंपिंग ग्राउंड और गीला कूड़ा बायो कंपोस्ट यूनिट में भेजा जाएगा। यह प्लांट लगाने के लिए कैंट बोर्ड से पांच हेक्टेयर जमीन देने की मंजूरी मिल चुकी है। यह प्लांट लगाने में पांच से छह करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। इसके लिए शासन को पत्र लिख दिया है।