फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Nagar Nigam

स्मार्ट सिटी की बुनियाद इन्हीं खड्डों-गड्ढों पर बनेगी मगर तब तक अपना ख्याल रखिएगा

Sun, 15 Dec 2019 02:20 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 15 Dec 2019 02:20 AM IST
विज्ञापन
Nagar Nigam

पीडब्ल्यूडी से एनओसी लेकर निगम ने काट दीं कई सड़कें, शहरवासियों की दिक्कतों की अब दोनों को परवाह नहीं
विज्ञापन

ईसाइयों की पुलिया से श्यामगंज, पटेल चौक और चौपुला के पास सड़कों का हाल खराब

बरेली। शहर की सड़कें पहले ही कोई खास बेहतर नहीं थीं, उन्हें जहां-तहां काटकर और बर्बाद कर दिया गया है। सेटेलाइट से श्यामगंज, पटेल चौक और चौपुला के पास सड़कों को सबसे ज्यादा बुरा हाल है। पीडब्ल्यूडी से एनओसी लेकर इन सड़कों को खोद तो दिया गया लेकिन न अब नगर निगम उनकी सुध ले रहा है न पीडब्ल्यूडी के अफसर इन सड़कों की मरम्मत कराने के लिए उस पर दबाव बना रहे हैं। ईसाईयों की पुलिया के पास गहरे गड्ढे होने के बावजूद पैचवर्क तक नहीं कराया गया है। इन सड़कों पर अभी से दुर्घटनाएं बढ़ गई हैं। कोहरा शहरवासियों का क्या हाल करेगा, यह पता लगना बाकी है।
स्मार्ट सिटी बनने जा रहे शहर का फिलहाल काफी खराब हाल है। सेटेलाइट से श्यामगंज के बीच ईसाइयों की पुलिया के पास सीवर लाइन बिछाने के लिए कई महीने पहले सड़क खुदवाई गई थी। सीवर लाइन बिछाने के बाद गड्ढे को मिट्टी भरकर ऐसे ही छोड़ दिया गया। कुछ ही दिनों बाद मिट्टी उड़ने के साथ फिर गहरे गड्ढे हो गए। नगर निगम ने पिछले महीने प्रमुख सचिव नवनीत सहगल के दौरे से एक दिन पहले गड्ढों को फिर मिट्टी डलवाकर पाट दिया था लेकिन अगले ही दिन यहां एक गड्ढे में बस का पहिया धंस गया था। गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ।
विज्ञापन

आगे सेटेलाइट चौराहे पर फ्लाईओवर का निर्माण चलने से भी सड़क की हालत और खराब है। श्यामगंज चौराहे पर सब्जी मंडी के पास सीवर लाइन बिछाने के लिए तीन महीने पहले सड़क खोदी गई थी। इसके बाद काफी समय तक सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। कुछ दिन पहले पैच वर्क हुआ, लेकिन वह भी उधड़ गया है। कालीबाड़ी में भी मंदिर के पास और पटेल चौक के आगे रोटरी भवन के सामने कई जगह सड़क पर गड्ढे हैं। चौपुला चौराहे से कुछ पहले मंदिर के पास भी सड़क के गड्ढों पर पक्के पैच नहीं बनाए गए हैं। इससे यहां हादसे का खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सर्वे करने तक नहीं पहुंचते पीडब्ल्यूडी के अफसर
नियम यह है कि अगर कोई विभाग रोड कटिंग की अनुमति मांगता है तो पीडब्ल्यूडी स्टाफ पहले यह सर्वे करता है कि रोड कटिंग कब और कहां होगी। नापजोख करके यह भी तय करना होता है कि रोड का कितना हिस्सा काटा जाएगा। इस आधार पर पीडब्ल्यूडी एनओसी लेने वाले विभाग या निजी संस्था को इसकी क्षतिपूर्ति का एस्टीमेट बनाकर देता है। इसका भुगतान करने के बाद ही पीडब्ल्यूडी एनओसी देता है। एनओसी देने के बाद भी पीडब्ल्यूडी के स्टाफ को यह चेक करना होता है कि दी गई परमिशन के आधार पर ही रोड कटिंग हो रही है या नहीं। उल्लंघन के मामलों में जुर्माने का प्रावधान भी है, जबकि पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी रोड कटिंग के दौरान झांकने तक नहीं जाते कि एनओसी लेने वाला विभाग मनमानी तो नहीं कर रहा है। अगर एनओसी लेने वाला विभाग खुद मरम्मत की अनुमति लेता है, तो उसकी गुणवत्ता और समय से मरम्मत कराना भी पीडब्ल्यूडी की जिम्मेदारी है।


सीवर लाइन बिछाने का काम अभी बाकी है। एनओसी लेने वाले विभाग को समय से मरम्मत भी करानी चाहिए। इसमें देरी पर संबंधित विभाग को समय-समय पर नोटिस भी दिया जाता है। - वीएम शर्मा, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed