{"_id":"5dbdd7fc8ebc3e016e02a489","slug":"nagar-nigam-bareilly-news-bly382440439","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क पर स्टोर की निर्माण सामग्री तो देना होगा 50 हजार का जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क पर स्टोर की निर्माण सामग्री तो देना होगा 50 हजार का जुर्माना
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बरेली। बरेली की आबोहवा के लगातार जहरीले होने के पीछे भवन निर्माण और सड़क पर स्टोर की गई निर्माण सामग्री, मलबा को भी बड़ी वजह माना जा रहा है। तेज हवा से निर्माण सामग्री और मलबा के बारीक कण उड़कर वायुमंडल में मिल जाते हैं। इससे संबंधित क्षेत्र की हवा प्रदूषित हो जाती है। सांस तक लेना दूभर हो जाता है। इसे लेकर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के बाकायदा दिशा निर्देश भी हैं। इन्हें सख्ती से लागू कराने के लिए अब बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने कमर कस ली है। इस संबंध मेें बीडीए सचिव अमरीश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता मेें शनिवार को अवर अभियंताओं की बैठक हुई। इसमें एनजीटी के नियमों का अनुपालन न करने पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने के अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
सचिव बीडीए ने कहा कि भवन निर्माणकर्ताओं द्वारा सड़क किनारे निर्माण सामग्री या मलवा स्टोर नहीं किया जा सकता। इस संबंध में निर्माणकर्ता भवन निर्माण सामग्री को हर हाल में तिरपाल से कवर कराकर रखें। इसके अलावा निर्माण क्षेत्र को हरे कपड़े से ढंककर रखा जाए ताकि भवन निर्माण के समय अंदर की धूल बाहर न आ सके। इन आदेशों की अवहेलना करने पर निर्माणकर्ता को 50 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। इसके अलावा निर्माण सामग्री को बिना ढंके एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने पर भी पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। बैठक में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा निर्गत दिशा निर्देशों का सख्ती से अनुपालन कराने का अवर अभियंताओं को निर्देश दिया गया।
लगातार अपील भी कर रहा बीडीए
बीडीए सचिव अमरीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग की ओर से लगातार लोगों को इस संबंध में जागरूक किया जा रहा है। उनसे अपील की जा रही है कि वह एनजीटी के दिशा निर्देशों के अनुरूप ही भवन निर्माण कराएं। निर्माण के समय निर्माण क्षेत्र को चारो ओर से ढंका जाए ताकि इसका मलबा या धूल बाहर न जाए और वातावरण को स्वच्छ रखा जा सके। उन्होंने अपील की कि भवन निर्माण सामग्री आदि को भी खुले में ना छोड़ें। इसे हर हाल में ढंक कर रखें। निर्माण सामग्री को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाते वक्त भी इसे ढंक कर ही ले जाएं।
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बीडीए अधिकारी चलाएंगे अभियान
भवन निर्माण के समय निर्माण सामग्री को सड़क पर स्टोर करने के अलावा नक्शा पास कराते समय बेसमेंट में पार्किंग दिखाकर इसका व्यावसायिक प्रयोग करने वालों पर भी प्राधिकरण ने अपनी दृष्टि वक्र कर ली है। सचिव अमरीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जल्द ही बीडीए बड़ा अभियान चलाएगा, इसमें अतिक्रमण के अलावा ऐसे भवन भी निशाने पर होंगे जो बीडीए की आंखों में धूल झाेंककर रिहायशी श्रेणी के तहत नक्शा पास कराते हैं और उसका व्यावसायिक इस्तेमाल करते हैं। बताया कि इस संबंध में करीब तीन महीने पूर्व भी ऐसे भवन निर्माताओं और डेवलपर को चेतावनी दी गई थी। कई जगहों पर कार्रवाई भी की गई। अब इस संबंध में एक बार फिर प्राधिकरण कार्रवाई तेज करने जा रहा है। गौरतलब है कि इस श्रेणी के तहत शहर के कई शापिंग कॉम्पलेक्स, स्टोर, अस्पताल और होटल आदि भी आ जाएंगे, क्योंकि बेसमेंट में पार्किंग दिखाकर इन सभी ने बीडीए से नक्शा तो पास करा लिया पर अब वहां व्यावसायिक गतिविधियां चला रहे हैं।
व्यापारियों का सम्मेलन कर उन्हें किया जाएगा जागरूक
बीडीए पर्यावरण संरक्षण को लेकर व्यापारियों से संपर्क करेगा। उनका एक सम्मेलन भी कराएगा जिसमें लोगों को पर्यावरण के महत्व व एनजीटी द्वारा जारी दिशा निर्देशों की जानकारी दी जाएगी। इस दौरान कवियों को भी आमंत्रित किया जाएगा जिनके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा।
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सचिव बीडीए ने कहा कि भवन निर्माणकर्ताओं द्वारा सड़क किनारे निर्माण सामग्री या मलवा स्टोर नहीं किया जा सकता। इस संबंध में निर्माणकर्ता भवन निर्माण सामग्री को हर हाल में तिरपाल से कवर कराकर रखें। इसके अलावा निर्माण क्षेत्र को हरे कपड़े से ढंककर रखा जाए ताकि भवन निर्माण के समय अंदर की धूल बाहर न आ सके। इन आदेशों की अवहेलना करने पर निर्माणकर्ता को 50 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। इसके अलावा निर्माण सामग्री को बिना ढंके एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने पर भी पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। बैठक में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा निर्गत दिशा निर्देशों का सख्ती से अनुपालन कराने का अवर अभियंताओं को निर्देश दिया गया।
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लगातार अपील भी कर रहा बीडीए
बीडीए सचिव अमरीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग की ओर से लगातार लोगों को इस संबंध में जागरूक किया जा रहा है। उनसे अपील की जा रही है कि वह एनजीटी के दिशा निर्देशों के अनुरूप ही भवन निर्माण कराएं। निर्माण के समय निर्माण क्षेत्र को चारो ओर से ढंका जाए ताकि इसका मलबा या धूल बाहर न जाए और वातावरण को स्वच्छ रखा जा सके। उन्होंने अपील की कि भवन निर्माण सामग्री आदि को भी खुले में ना छोड़ें। इसे हर हाल में ढंक कर रखें। निर्माण सामग्री को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाते वक्त भी इसे ढंक कर ही ले जाएं।
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बीडीए अधिकारी चलाएंगे अभियान
भवन निर्माण के समय निर्माण सामग्री को सड़क पर स्टोर करने के अलावा नक्शा पास कराते समय बेसमेंट में पार्किंग दिखाकर इसका व्यावसायिक प्रयोग करने वालों पर भी प्राधिकरण ने अपनी दृष्टि वक्र कर ली है। सचिव अमरीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जल्द ही बीडीए बड़ा अभियान चलाएगा, इसमें अतिक्रमण के अलावा ऐसे भवन भी निशाने पर होंगे जो बीडीए की आंखों में धूल झाेंककर रिहायशी श्रेणी के तहत नक्शा पास कराते हैं और उसका व्यावसायिक इस्तेमाल करते हैं। बताया कि इस संबंध में करीब तीन महीने पूर्व भी ऐसे भवन निर्माताओं और डेवलपर को चेतावनी दी गई थी। कई जगहों पर कार्रवाई भी की गई। अब इस संबंध में एक बार फिर प्राधिकरण कार्रवाई तेज करने जा रहा है। गौरतलब है कि इस श्रेणी के तहत शहर के कई शापिंग कॉम्पलेक्स, स्टोर, अस्पताल और होटल आदि भी आ जाएंगे, क्योंकि बेसमेंट में पार्किंग दिखाकर इन सभी ने बीडीए से नक्शा तो पास करा लिया पर अब वहां व्यावसायिक गतिविधियां चला रहे हैं।
व्यापारियों का सम्मेलन कर उन्हें किया जाएगा जागरूक
बीडीए पर्यावरण संरक्षण को लेकर व्यापारियों से संपर्क करेगा। उनका एक सम्मेलन भी कराएगा जिसमें लोगों को पर्यावरण के महत्व व एनजीटी द्वारा जारी दिशा निर्देशों की जानकारी दी जाएगी। इस दौरान कवियों को भी आमंत्रित किया जाएगा जिनके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा।