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नई एजेंसियां लगाई नहीं पुरानी हटा दीं, रात्रि सफाई भी हुई बंद
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बरेली। स्वच्छता सर्वेक्षण का समय नजदीक आते ही नगर निगम ने सफाई व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी है। इस पर मेयर उमेश गौतम ने सवाल उठाते हुए नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. को पत्र लिखा है। उनका कहना है कि मुफ्त चल रहा डोर-टू-डोर का काम बंद करा दिया गया, रात्रि सफाई भी बंद कर दी गई है। उन्होंने नगर आयुक्त को सुझाव दिया है कि सिर्फ स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए ही नहीं, सफाई का ध्यान हमेशा देना चाहिए। उन्होंने स्मार्ट सिटी पर भी सवाल उठाया है कि इसकी घोषणा हुए एक साल नौ माह बीत चुके हैं लेकिन यहां सिर्फ बैठकें हो रही हैं, विकास पर एक रुपया भी खर्च नहीं किया गया है।
मेयर ने अपने पत्र में लिखा है कि दो फर्म नगर निगम से कोई धनराशि लिए बिना महानगर में डोर-टू-डोर सफाई कार्य कर रही थीं। इन फर्मों को बिना कारण हटा दिया गया। यदि अन्य किसी फर्म को शामिल करना था तो अनुबंध होने तक इनसे कार्य कराया जाता। पिछली बोर्ड बैठक में डोर-टू-डोर कूड़ा के लिए बजट का प्रस्ताव लाया गया था लेकिन नियमानुसार न होने के चलते इसे कार्यकारिणी में भेज दिया गया। मेयर ने कहा है कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में नगर निगम, बरेली की रैंकिंग स्वभाविक रूप से उच्च आती। यदि नए प्रस्ताव तक पुरानी फर्म को न हटाया जाता। मेयर ने कहा है कि यह वही फर्म हैं, जिनकी मदद से नगर निगम स्मार्ट सिटी में शामिल हुआ था और वे निगम से कोई वित्तीय लाभ भी नहीं ले रही थीं। मेयर ने करीब आठ माह से बाजारों में बंद पड़ी रात्रि की सफाई पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि इससे जनता को विश्वास हुआ था कि नगर निगम सफाई को लेकर गंभीर है लेकिन इसे भी बंद कर दिया गया है। स्मार्ट सिटी के नाम पर सिर्फ बैठकें की जा रही हैं, अब तक इसका एक रुपया भी विकास पर नहीं लगा है। मेयर ने सुझाव दिया है कि हमें सिर्फ स्वच्छता रैंकिंग 2020 के लिए ही नहीं, बरेली की सफाई की हमेशा चिंता करनी है। इसलिए रात्रि में सफाई का कार्य शुरू कराया जाए और यह निरंतर जारी रहे। डोर-टू-डोर कूड़ा प्रबंधन के बजट का प्रस्ताव नियमानुसार कार्यकारिणी के समक्ष रखा जाए और सर्वसम्मति से स्वीकृति होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाए। उन्होंने डोर-टू-डोर के प्रस्ताव का पूर्ण रूप से परीक्षण कर प्लान कार्यकारिणी में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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मेयर ने अपने पत्र में लिखा है कि दो फर्म नगर निगम से कोई धनराशि लिए बिना महानगर में डोर-टू-डोर सफाई कार्य कर रही थीं। इन फर्मों को बिना कारण हटा दिया गया। यदि अन्य किसी फर्म को शामिल करना था तो अनुबंध होने तक इनसे कार्य कराया जाता। पिछली बोर्ड बैठक में डोर-टू-डोर कूड़ा के लिए बजट का प्रस्ताव लाया गया था लेकिन नियमानुसार न होने के चलते इसे कार्यकारिणी में भेज दिया गया। मेयर ने कहा है कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में नगर निगम, बरेली की रैंकिंग स्वभाविक रूप से उच्च आती। यदि नए प्रस्ताव तक पुरानी फर्म को न हटाया जाता। मेयर ने कहा है कि यह वही फर्म हैं, जिनकी मदद से नगर निगम स्मार्ट सिटी में शामिल हुआ था और वे निगम से कोई वित्तीय लाभ भी नहीं ले रही थीं। मेयर ने करीब आठ माह से बाजारों में बंद पड़ी रात्रि की सफाई पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि इससे जनता को विश्वास हुआ था कि नगर निगम सफाई को लेकर गंभीर है लेकिन इसे भी बंद कर दिया गया है। स्मार्ट सिटी के नाम पर सिर्फ बैठकें की जा रही हैं, अब तक इसका एक रुपया भी विकास पर नहीं लगा है। मेयर ने सुझाव दिया है कि हमें सिर्फ स्वच्छता रैंकिंग 2020 के लिए ही नहीं, बरेली की सफाई की हमेशा चिंता करनी है। इसलिए रात्रि में सफाई का कार्य शुरू कराया जाए और यह निरंतर जारी रहे। डोर-टू-डोर कूड़ा प्रबंधन के बजट का प्रस्ताव नियमानुसार कार्यकारिणी के समक्ष रखा जाए और सर्वसम्मति से स्वीकृति होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाए। उन्होंने डोर-टू-डोर के प्रस्ताव का पूर्ण रूप से परीक्षण कर प्लान कार्यकारिणी में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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