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नवाबगंज चेयरमैन शहला ताहिर प्रकरण- लखनऊ से टीम न पहुंचने से नहीं हो सकी 51 लाख के घोटाले की जांच
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बरेली। शासन से नगर विकास विभाग की टीम न आने से नवाबगंज चेयरमैन शहला ताहिर के खिलाफ स्वच्छ भारत मिशन की 51 लाख के घपले की जांच नहीं हो सकी है। इस टीम के आने की सूचना प्रशासन के पास कई दिन पहले ही आ गई थी। इसके बाद बुधवार की सुबह से ही नवागत एसडीएम कमलेश सिंह सहित स्थानीय अधिकारी सक्रिय थे लेकिन दोपहर में अचानक यह सूचना आई कि यह टीम नहीं आ रही है।
शहला के खिलाफ मोर्चा खोेले भाजपा के एक नेता ने शासन में यह शिकायत की थी कि नवाबगंज नगर पालिका शहरी क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन में करीब पांच सौ शौचालयों के निर्माण होने थे। इन शौचालयों को बनाने के लिए कुछ ही लाभार्थियों को रकम दी गई। बाकी धनराशि अक्तूबर में निकाल ली गई। आरोप है कि इस योजना में चेयरमैन शहला ने करीब 51 लाख रुपये की धनराशि हड़प ली है। इसके अलावा बड़ी संख्या में शौचालयों के निर्माण अधूरे पड़े हैं। जबकि कागजों पर इनका निर्माण पूरा दिखा दिया गया है। शासन ने इस प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव को सौंपी है। उनके नेतृत्व में इस टीम को 21 अगस्त को नवाबगंज पहुंचकर शौचालय निर्माण की स्थलीय जांच करनी थी। टीम के आने को लेकर कुछ दिन पहले ही एसडीएम का कार्यभार लेने वाले कमलेश सिंह के साथ नगर पालिका के अधिकारी व कर्मचारी सक्रिय थे। इस योजना के रिकार्ड भी एक जगह इकट्ठा करा लिए गए थे लेकिन दोपहर में पता चला कि यह टीम मंगलवार को नहीं आ रही है।
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शहला के खिलाफ मोर्चा खोेले भाजपा के एक नेता ने शासन में यह शिकायत की थी कि नवाबगंज नगर पालिका शहरी क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन में करीब पांच सौ शौचालयों के निर्माण होने थे। इन शौचालयों को बनाने के लिए कुछ ही लाभार्थियों को रकम दी गई। बाकी धनराशि अक्तूबर में निकाल ली गई। आरोप है कि इस योजना में चेयरमैन शहला ने करीब 51 लाख रुपये की धनराशि हड़प ली है। इसके अलावा बड़ी संख्या में शौचालयों के निर्माण अधूरे पड़े हैं। जबकि कागजों पर इनका निर्माण पूरा दिखा दिया गया है। शासन ने इस प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव को सौंपी है। उनके नेतृत्व में इस टीम को 21 अगस्त को नवाबगंज पहुंचकर शौचालय निर्माण की स्थलीय जांच करनी थी। टीम के आने को लेकर कुछ दिन पहले ही एसडीएम का कार्यभार लेने वाले कमलेश सिंह के साथ नगर पालिका के अधिकारी व कर्मचारी सक्रिय थे। इस योजना के रिकार्ड भी एक जगह इकट्ठा करा लिए गए थे लेकिन दोपहर में पता चला कि यह टीम मंगलवार को नहीं आ रही है।
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