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Bareilly News: गजकेसरी योग में गज पर होगा मां का आगमन
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बरेली। शक्ति की उपासना का पर्व शारदीय नवरात्र इस बार 11 से 20 अक्तूबर तक रहेगा। अष्टमी तिथि का प्रभाव दो दिनों तक रहने के कारण नवरात्र 10 दिन का होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस बार मां भगवती का आगमन हाथी पर होगा, जिसे शुभ संकेत और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। प्रतिपदा तिथि सूर्योदय से प्रारंभ होकर रात 9:32 बजे तक रहेगी।
पंडित राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि इस शारदीय नवरात्रि में 58 वर्ष बाद दुर्लभ गजकेसरी योग बन रहा है। साथ ही शश राज योग, सर्वार्थ सिद्धि व अमृत योग भी बन रहे हैं। गुरु और सूर्य के शुभ संयोग ने इस नवरात्र को विशेष बना दिया है जो संसार को समृद्धि प्रदान करेगा। कलश स्थापना के लिए 11 अक्तूबर को सुबह 6:17 से 10:10 बजे तक का समय और दोपहर 11:36 से 12:23 तक का अभिजीत मुहूर्त सबसे शुभ रहेगा।
महाअष्टमी का व्रत 18 अक्तूबर को रखा जाएगा और इसी दिन निशा पूजा भी होगी। अष्टमी तिथि बढ़ने के प्रभाव के कारण श्रद्धालु 19 अक्तूबर को सुबह 7:55 बजे के बाद व्रत का पारण कर सकेंगे। कन्या पूजन के लिए 19 अक्तूबर को सुबह 10:32 बजे के बाद और 20 को सुबह 9:32 बजे तक का समय अनुकूल रहेगा। 20 को सुबह नवमी तिथि के बाद दशमी तिथि शुरू होगी और दोपहर में श्रवण नक्षत्र से युक्त दशमी मिलने के कारण इसी दिन दशहरा मनाया जाएगा।
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पंडित राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि इस शारदीय नवरात्रि में 58 वर्ष बाद दुर्लभ गजकेसरी योग बन रहा है। साथ ही शश राज योग, सर्वार्थ सिद्धि व अमृत योग भी बन रहे हैं। गुरु और सूर्य के शुभ संयोग ने इस नवरात्र को विशेष बना दिया है जो संसार को समृद्धि प्रदान करेगा। कलश स्थापना के लिए 11 अक्तूबर को सुबह 6:17 से 10:10 बजे तक का समय और दोपहर 11:36 से 12:23 तक का अभिजीत मुहूर्त सबसे शुभ रहेगा।
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महाअष्टमी का व्रत 18 अक्तूबर को रखा जाएगा और इसी दिन निशा पूजा भी होगी। अष्टमी तिथि बढ़ने के प्रभाव के कारण श्रद्धालु 19 अक्तूबर को सुबह 7:55 बजे के बाद व्रत का पारण कर सकेंगे। कन्या पूजन के लिए 19 अक्तूबर को सुबह 10:32 बजे के बाद और 20 को सुबह 9:32 बजे तक का समय अनुकूल रहेगा। 20 को सुबह नवमी तिथि के बाद दशमी तिथि शुरू होगी और दोपहर में श्रवण नक्षत्र से युक्त दशमी मिलने के कारण इसी दिन दशहरा मनाया जाएगा।
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