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अमर ज्योति कंपनी प्रकरण: रिश्तेदारों के दो करोड़ से अधिक हड़पे, नोएडा-हरियाणा में खरीदी संपत्ति
Sat, 07 Jun 2025 03:28 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 07 Jun 2025 03:28 PM IST
सार
बरेली और बदायूं में करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपी अमर ज्योति फाइनेंस कंपनी के निदेशकों ने निवेश के नाम पर अपने रिश्तेदार के भी ढाई करोड़ रुपये हड़प लिए। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
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शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बरेली में अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड के निदेशक और भाजपा नेता सूर्यकांत मौर्य और उसके भाई शशिकांत मौर्य ने अन्य निवेशकों के साथ अपने रिश्तेदारों के भी दो करोड़ रुपये से अधिक रुपये हड़प लिए हैं। कंपनी दिवालिया घोषित होने पर संपत्ति जब्त होने की आशंका में दोनों ने नोएडा और गुरुग्राम समेत कई शहरों में परिजनों व रिश्तेदारों के नाम से संपत्ति खरीदी है।
इस प्रकरण की जांच बदायूं पुलिस की एसआईटी कर रही है। अब तक कई बड़े निवेशकों ने निदेशकों के खिलाफ शिकायत की है। इसी कड़ी में बदायूं निवासी संतोष मौर्य ने खुद को सूर्यकांत का साढ़ू बताते हुए पुलिस को तहरीर दी कि कुछ समय पहले उन्होंने अपनी जमीन बेची थी। रिश्तेदारी पर भरोसा करके उन्होंने अपने दो करोड़ रुपये के साथ परिजनों के 50 लाख रुपये दोनों निदेशकों को सौंप दिए।
संतोष ने बताया कि महीनेभर पहले उन्हें सूर्यकांत और शशिकांत की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर उन्होंने अपनी रकम की वापस करने की मांग की। रकम के बजाय निदेशकों ने उनको ढाई करोड़ रुपये का चेक दिया। इसको कुछ दिन बाद बैंक में लगाने के लिए कहा। हालांकि कुछ दिनों बाद चेक लगाने पर रकम नहीं मिली। संतोष ने आरोप लगाया कि सूर्यकांत ने अपने ससुरालीजनों को भी नहीं बख्शा। भरोसे में लेकर लाखों रुपये का निवेश करवाकर सूर्यकांत अपने भाई समेत भूमिगत हो गया।
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इस प्रकरण की जांच बदायूं पुलिस की एसआईटी कर रही है। अब तक कई बड़े निवेशकों ने निदेशकों के खिलाफ शिकायत की है। इसी कड़ी में बदायूं निवासी संतोष मौर्य ने खुद को सूर्यकांत का साढ़ू बताते हुए पुलिस को तहरीर दी कि कुछ समय पहले उन्होंने अपनी जमीन बेची थी। रिश्तेदारी पर भरोसा करके उन्होंने अपने दो करोड़ रुपये के साथ परिजनों के 50 लाख रुपये दोनों निदेशकों को सौंप दिए।
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संतोष ने बताया कि महीनेभर पहले उन्हें सूर्यकांत और शशिकांत की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर उन्होंने अपनी रकम की वापस करने की मांग की। रकम के बजाय निदेशकों ने उनको ढाई करोड़ रुपये का चेक दिया। इसको कुछ दिन बाद बैंक में लगाने के लिए कहा। हालांकि कुछ दिनों बाद चेक लगाने पर रकम नहीं मिली। संतोष ने आरोप लगाया कि सूर्यकांत ने अपने ससुरालीजनों को भी नहीं बख्शा। भरोसे में लेकर लाखों रुपये का निवेश करवाकर सूर्यकांत अपने भाई समेत भूमिगत हो गया।
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परिजनों और रिश्तेदारों के नाम खरीदी संपत्ति
सूत्रों के मुताबिक, दोनों भाई पांच वर्षों से धोखाधड़ी की योजना बना रहे थे। उन्हें आशंका थी कि कंपनी दिवालिया होने वाली है। इस कारण संपत्ति जब्त होने की आशंका में उन्होंने बदायूं और बरेली स्थित संपत्ति को ठिकाने लगाना शुरू कर दिया। इसके बदले उन्होंने नोएडा, गुरुग्राम और अन्य शहरों में निदेशकों ने अपने परिजनों और रिश्तेदारों के नाम से संपत्ति खरीद ली। इसके बाद नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) कोर्ट में योजनाबद्ध तरीके से दस्तक दी। बरेली में सूर्यकांत की कंपनी के निवेशक असमंजस में हैं। एसआईटी नेता के खास गुर्गों की तलाश कर रही है।
कंपनी के प्रबंधन ने धनराशि लौटाने में जताई असमर्थता
अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड के प्रबंधन की ओर से मीडिया को डाक से स्पष्टीकरण भेजा गया। इसमें कहा गया कि कुछ निवेशकों ने कंपनी के खिलाफ एनसीएलटी इलाहाबाद कोर्ट के समक्ष वाद दायर किया है। इस वजह से हम किसी भी निवेशक का बकाया चुकाने में असमर्थ हैं।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों भाई पांच वर्षों से धोखाधड़ी की योजना बना रहे थे। उन्हें आशंका थी कि कंपनी दिवालिया होने वाली है। इस कारण संपत्ति जब्त होने की आशंका में उन्होंने बदायूं और बरेली स्थित संपत्ति को ठिकाने लगाना शुरू कर दिया। इसके बदले उन्होंने नोएडा, गुरुग्राम और अन्य शहरों में निदेशकों ने अपने परिजनों और रिश्तेदारों के नाम से संपत्ति खरीद ली। इसके बाद नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) कोर्ट में योजनाबद्ध तरीके से दस्तक दी। बरेली में सूर्यकांत की कंपनी के निवेशक असमंजस में हैं। एसआईटी नेता के खास गुर्गों की तलाश कर रही है।
कंपनी के प्रबंधन ने धनराशि लौटाने में जताई असमर्थता
अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड के प्रबंधन की ओर से मीडिया को डाक से स्पष्टीकरण भेजा गया। इसमें कहा गया कि कुछ निवेशकों ने कंपनी के खिलाफ एनसीएलटी इलाहाबाद कोर्ट के समक्ष वाद दायर किया है। इस वजह से हम किसी भी निवेशक का बकाया चुकाने में असमर्थ हैं।