फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   MLA-MLC fails to spend for development from funds

जुबां से दावे खूब निकले.. खाते से निधि नहीं

Tue, 20 Feb 2018 06:26 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Tue, 20 Feb 2018 06:26 PM IST
विज्ञापन
MLA-MLC fails to spend for development from funds
विकास के वादे करने में दरियादिली दिखाने वाले माननीय अपनी निधि खर्च करने में फिसड्डी रह गए। हर विधायक को एक साल में विधायक निधि के तौर पर विकास कार्यों के लिए सरकार डेढ़ करोड़ का फंड मिला, लेकिन जिले में सभी विधायक और एमएलसी मिलकर अपने कार्यकाल के पहले साल में जनवरी तक अपनी निधि से सिर्फ 44.355 लाख ही खर्च कर सके। यह हाल तब है जबकि हर विधायक के क्षेत्र में पब्लिक सड़क, पानी बिजली सुधार और नाली जैसी तमाम समस्याएं झेल रही है।
विज्ञापन

जिले के विधायकों ने अपने कार्यकाल के पहले ही साल में निधि खर्च करने में कोई दिलचस्पी ली। इनमें कैंट से विधायक और सूबे के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल भी शामिल हैं। उन्होंने अपनी निधि से सालभर में सिर्फ 3.7 लाख रुपये का ही खर्च किया है। अपनी निधि में से सर्वाधिक काम कराने वाले विधायक मीरगंज के डॉ. डीसी वर्मा हैं, लेकिन उन्होंने भी डेढ़ लाख में से सिर्फ 16 लाख ही खर्च किए हैं। 11 लाख खर्च करने वाले एमएलसी संजय मिश्रा का नाम दूसरे नंबर पर है। नवाबगंज के केसर सिंह, बिथरी से राजेश कुमार मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल और भोजीपुरा सये बहोरन लाल मौर्य के कई प्रस्तावों पर बजट की मंजूरी तो मिली है, लेकिन उनकी निधि के खर्च का हिसाब अब तक जीरो ही है। 
विज्ञापन

 
जीएसटी और ई-टेंडरिंग से भी अटके काम 
काफी समय तक विधायक निधि से जीएसटी और ई-टेंडरिंग की वजह से काम नहीं हो पाए। इस वर्ष जीएसटी लागू होने से रोड निर्माण के लिए लोनिवि के रेट रिवाइज होने थे। इसमें काफी विलंब हुआ, जिसकी वजह से विधायकों ने रोड निर्माण के लिए प्रस्ताव देने में हाथ खींचे रखे तो उधर कांट्रेक्टर भी ठेके लेने से बचते रहे। बाद में सड़क निर्माण के ई-टेंडरिंग व्यवस्था लागू हो गई। इस सिस्टम को समझने में भी अधिकारियों से लेकर कांट्रेक्टरों को काफी माथापच्ची करने पड़ी। ऐसे में विधायक निधि के जो थोड़े-बहुत काम स्वीकृत हुए भी, तो उनकी भी अभी बड़ी धनराशि खर्च होनी बाकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


साल के अंत में प्रस्तावों की बाढ़ 
कुर्सी संभालने के बाद विकास कार्यों से मुंह फेरे रहे विधायकों ने वित्तीय साल के अंत में एकाएक तेजी दिखानी शुरू कर दी है। डीआरडीए कार्यालय में इन दिनों तमाम विधायकों के सड़क व नाली निर्माण के लिए प्रस्तावों की बाढ़ आ रही है। इनकी जांच और डीपीआर बनाने से लेकर बजट मंजूर होने में अभी काफी वक्त लगेगा। ऐसे में इन कार्यों के मौजूदा वित्तीय साल में शुरू होने के आसार भी कम ही हैं। 

  
वर्ष 2017-18 में विधायक निधि का खर्च
विधायक                कार्य        स्वीकृत रकम        खर्चा 
राजेश अग्रवाल        11        45.264            3.700
डॉ. अरुण कुमार        4        13.440            1.014
संजय कुमार मिश्रा    3            15.00            11.00
जयपाल सिंह            2            8.00                4.400
वसीम बरेलवी        4                7.300            7.300
केसर सिंह                6            15.772             शून्य 
डॉ. डीसी वर्मा            5            31.762            16.941
राजेश कुमार                6            27.708            शून्य 
बहोरन लाल मौर्य        5            42.766            शून्य 
धनराशि लाख में  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed