{"_id":"6127ec6c8ebc3e79e9052d2a","slug":"mistake-in-purchasing-declared-food-mafiya-bareilly-news-bly457515293","type":"story","status":"publish","title_hn":"खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले घोषित होंगे खाद्यान्न माफिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले घोषित होंगे खाद्यान्न माफिया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। समर्थन मूल्य पर धान और गेहूं की खरीद में गड़बड़ी करने वालों पर खाद्य विभाग बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। गेहूं और धान खरीद के पिछले सत्र में धांधली करने पर जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी, उन सभी को खाद्यान्न माफिया घोषित किया जाएगा। इस संबंध में संभागीय खाद्य नियंत्रक जोगिंदर सिंह ने मुख्यालय को पत्र लिखा है।
बरेली मंडल में 54 लोगों को माफिया घोषित किया जाएगा। इनकी सूची भी खाद्य एवं रसद विभाग के प्रमुख सचिव को भेज दी गई है। ये वे लोग हैं, जिनके विरुद्ध धान और गेहूं खरीद के दौरान गड़बड़ी को लेकर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इनमें से ज्यादातर बिचौलिए हैं। खरीद सत्र के दौरान क्रय केंद्रों से इन्हें रंगेहाथों पकड़ा गया था। सूची में कई क्रय केंद्र प्रभारी भी शामिल हैं। इन पर खरीद प्रक्रिया पारदर्शिता पूर्ण तरीके से संचालित करने की जिम्मेदारी थी, इसके बावजूद इन्होंने जमकर अनियमितताएं की। एक प्रभारी ने तो किसानों से खुद धान खरीदकर अपने ही सेंटर पर समर्थन मूल्य पर बेच दिया था। इस मामले में प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
जिले में फर्जी गेहूं खरीद करने वाले एफपीओ और एफपीसी संचालकों को भी खाद्यान्न माफिया घोषित किया जाएगा। आरएमओ राममूर्ति वर्मा ने बताया खाद्यान्न माफिया घोषित होने के बाद ये लोग समर्थन मूल्य पर खरीद प्रक्रिया को दूषित नहीं कर पाएंगे। समर्थन मूल्य योजना का सीधा लाभ किसानों को दिलाने में भी इससे आसानी होगी।
विज्ञापन
54 के खिलाफ एफआईआर, गिरफ्तारी एक भी नहीं
पुलिस की हीलाहवाली के चलते मंडल में बिचौलियों के हौंसले बुलंद हैं। स्थिति यह है कि मंडल में खाद्य विभाग की ओर से 54 लोगों के खिलाफ एफआईआर कराई गई, लेकिन इनमें से अब तक एक भी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया गया है। गिरफ्तारी न होने से बिचौलियों का नेटवर्क तोड़ने में खाद्य एवं रसद विभाग के अफसरों को मुश्किलें आ रही हैं। गेहूं और धान खरीद में गड़बड़ी के सबसे ज्यादा मामले बरेली मंडल में ही सामने आए। सबसे ज्यादा एफआईआर भी यहीं दर्ज हुई हैं।
खरीद सत्र के दौरान जिन लोगों के विरुद्ध अनियमितताओं को लेकर एफआईआर दर्ज कराई गई हैं, उन सभी को खाद्यान्न माफिया घोषित किया जाएगा। इसके लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। समर्थन मूल्य पर खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए और भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। - जोगिंदर सिंह, संभागीय खाद्य नियंत्रक
विज्ञापन
बरेली मंडल में 54 लोगों को माफिया घोषित किया जाएगा। इनकी सूची भी खाद्य एवं रसद विभाग के प्रमुख सचिव को भेज दी गई है। ये वे लोग हैं, जिनके विरुद्ध धान और गेहूं खरीद के दौरान गड़बड़ी को लेकर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इनमें से ज्यादातर बिचौलिए हैं। खरीद सत्र के दौरान क्रय केंद्रों से इन्हें रंगेहाथों पकड़ा गया था। सूची में कई क्रय केंद्र प्रभारी भी शामिल हैं। इन पर खरीद प्रक्रिया पारदर्शिता पूर्ण तरीके से संचालित करने की जिम्मेदारी थी, इसके बावजूद इन्होंने जमकर अनियमितताएं की। एक प्रभारी ने तो किसानों से खुद धान खरीदकर अपने ही सेंटर पर समर्थन मूल्य पर बेच दिया था। इस मामले में प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
विज्ञापन
जिले में फर्जी गेहूं खरीद करने वाले एफपीओ और एफपीसी संचालकों को भी खाद्यान्न माफिया घोषित किया जाएगा। आरएमओ राममूर्ति वर्मा ने बताया खाद्यान्न माफिया घोषित होने के बाद ये लोग समर्थन मूल्य पर खरीद प्रक्रिया को दूषित नहीं कर पाएंगे। समर्थन मूल्य योजना का सीधा लाभ किसानों को दिलाने में भी इससे आसानी होगी।
विज्ञापन
54 के खिलाफ एफआईआर, गिरफ्तारी एक भी नहीं
पुलिस की हीलाहवाली के चलते मंडल में बिचौलियों के हौंसले बुलंद हैं। स्थिति यह है कि मंडल में खाद्य विभाग की ओर से 54 लोगों के खिलाफ एफआईआर कराई गई, लेकिन इनमें से अब तक एक भी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया गया है। गिरफ्तारी न होने से बिचौलियों का नेटवर्क तोड़ने में खाद्य एवं रसद विभाग के अफसरों को मुश्किलें आ रही हैं। गेहूं और धान खरीद में गड़बड़ी के सबसे ज्यादा मामले बरेली मंडल में ही सामने आए। सबसे ज्यादा एफआईआर भी यहीं दर्ज हुई हैं।
खरीद सत्र के दौरान जिन लोगों के विरुद्ध अनियमितताओं को लेकर एफआईआर दर्ज कराई गई हैं, उन सभी को खाद्यान्न माफिया घोषित किया जाएगा। इसके लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। समर्थन मूल्य पर खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए और भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। - जोगिंदर सिंह, संभागीय खाद्य नियंत्रक