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‘देश का हर नागरिक हिंदुस्तानी तो है पर हिंदू नहीं’ मोहन भागवत के बयान पर मौलाना तौकीर का पलवार
Wed, 22 Jan 2020 10:06 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 22 Jan 2020 10:06 AM IST
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मौलाना तौकीर रजा
- फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर इत्तेहादे मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) के मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि देश के हर नागरिक को हिंदू कहना गलत है। सभी नागरिकों को हिंदुस्तानी तो कहा जा सकता है, लेकिन हिंदू नहीं।
देश में हर धर्म की अपनी अलग पहचान है। संघ प्रमुख भागवत ने रविवार को बरेली में दिए अपने बयान में कहा था कि हिंदुओं को उनकी पूजा पद्धति से न देख जाए, बल्कि जो हिंदुस्तान में रह रहा है वह हिंदू हैं।
इस पर मौलाना तौकीर ने नाइत्तफाकी जताते हुए टिप्पणी की है। मंगलवार को अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारत में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन आदि तमाम धर्मों के मानने वाले लोग रहते हैं।
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सभी अपनी मजहबी पहचान के साथ जिंदगी गुजारते हैं, इसलिए हिंदू मुसलमान नहीं हो सकता और मुसलमान हिंदू नहीं हो सकता। जनसंख्या के सवाल पर उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए इस्लाम में नसबंदी को नाजायज करार दिया गया है।
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देश में हर धर्म की अपनी अलग पहचान है। संघ प्रमुख भागवत ने रविवार को बरेली में दिए अपने बयान में कहा था कि हिंदुओं को उनकी पूजा पद्धति से न देख जाए, बल्कि जो हिंदुस्तान में रह रहा है वह हिंदू हैं।
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इस पर मौलाना तौकीर ने नाइत्तफाकी जताते हुए टिप्पणी की है। मंगलवार को अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारत में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन आदि तमाम धर्मों के मानने वाले लोग रहते हैं।
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सभी अपनी मजहबी पहचान के साथ जिंदगी गुजारते हैं, इसलिए हिंदू मुसलमान नहीं हो सकता और मुसलमान हिंदू नहीं हो सकता। जनसंख्या के सवाल पर उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए इस्लाम में नसबंदी को नाजायज करार दिया गया है।
अलबत्ता मंसूबाबंदी की जा सकती है। मुस्लिमों के बारे में यह कहना कि वे 25-25 बच्चे पैदा करते है, तो यह गलत है। कांग्रेस हुकूमत में नसबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि तब मुफ्ती आजम हिंद ने नसबंदी के खिलाफ फतवा भी दिया था। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि हम देश के टुकड़े नहीं चाहते। देश के टुकड़े तो हिंदुस्तानी हुकूमतों ने किए।