Bareilly News: मौलाना तौकीर रजा ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया 'भगवान', स्वामी प्रसाद मौर्य पर दिया यह बयान
स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर मौलाना ने कहा कि किसी की आस्था को ठेस पहुंचाना गंभीर बात है। उन्होंने कहा कि मौर्य ने जो बयान आज दिया है, वह तब क्यों नहीं दिया, जब वे भाजपा में थे। सत्ता के सहयोगी थे।
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सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के रामचरितमानस पर दिए बयान को लेकर शुरू हुए बवाल में इत्तेहाद-ए-मिल्लत-कौंसिल (आईएमसी) के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां भी कूद पड़े। बुधवार को उन्होंने कहा कि मौर्य की बात का जवाब सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ही दे सकते हैं। मेरी टिप्पणी हिंदू-मुसलमान के चश्मे से देखी जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री को भगवान भी बताया।
मौलाना तौकीर ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य जिम्मेदार व्यक्ति हैं। उन्होंने रामचरितमानस पर प्रतिबंध की बात किस वजह से की, यह नहीं समझ में आया। उन्हें यह बात तब करनी चाहिए थी जब वह भाजपा सरकार में शामिल थे। किसी की आस्था को ठेस पहुंचाना ठीक नहीं है।
पीएम मोदी से पूछा सवाल
मौलाना ने कहा कि बेहतर होगा स्वामी प्रसाद की बात का जवाब आधुनिक युग के भगवान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देना चाहिए। वह बताएं कि रामचरितमानस में उनकी कितनी आस्था है। इसके पहले वह जवाब दें कि उनकी मानस में आस्था है या नहीं। आज ढोल-शूद्र... यह सब पीटे जा रहे हैं। उनकी लड़कियों के साथ ज्यादती हो रही है।
उन्होंने कहा कि मानस में प्रधानमंत्री और हर हिंदू की आस्था है और होनी भी चाहिए। तुलसीदास जी ने कहां लिखा है कि मुसलमान को मारो-काटो, लेकिन ऐसा होता है। उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जाता है।
बोले - सब का है देश, कभी नहीं बन सकता हिंदू राष्ट्र
श्री बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के हिंदू राष्ट्र बनाने के बयान पर उन्होंने कहा कि यह आरएसएस एक जमाने से करती आ रही है। अलग मुहिम चलाने से बेहतर होगा कि धीरेंद्र शास्त्री संघ में ही शामिल हो जाएं। आरएसएस ने जिन्ना के जरिये देश का बंटवारा कराया और हिंदू राष्ट्र बनाने का प्रयास किया। फिर बंटवारे का इल्जाम मुसलमानों पर रख दिया गया। सच यह है कि जिन्ना नाम मात्र के मुसलमान थे। वह हिंदू गुजराती परिवार से संबंध रखते थे।
उन्होंने कहा कि दूसरी कोशिश महात्मा गांधी की हत्या करा कर देश को हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिश की गई। गांधी जी की हत्या का आरोप मुसलमानों लगाने की कोशिश की गई। इसी बहाने से मुसलमानों के नरसंहार की साजिश रची गई। हालांकि यह कोशिश नाकाम हो गई। मौलाना ने कहा कि एक भी मुसलमान ऐसा नहीं जिसने देश को नुकसान पहुंचाने का काम किया हो।