UP: बरेली उलमा ने शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी को दी सलाह, मथुरा के मुद्दे को राजनीतिक अखाड़ा न बनाएं
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी को सलाह देते हुए कहा कि इस मुद्दे को राजनीति का अखाड़ा न बनने दें। राजनीति करने वालों को कमेटी से दूर रखें।
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मथुरा में शाही ईदगाह मस्जिद के विवादित स्थल पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सर्वे कराने के संबंध में फैसला दिया है। हाईकोर्ट ने शाही ईदगाह मस्जिद के सर्वे को मंजूरी देते हुए तीन अधिवक्ताओं को कोर्ट कमिश्नर के रूप में मंजूरी भी दी है। इस मुद्दे पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि अब हर धार्मिक स्थल का सर्वे कराया जाएगा, चूंकि बाबरी मस्जिद अयोध्या के मुद्दे से ये परंपरा चल चुकी है। इससे देश की अमन, शांति और हिंदू मुसलमानों के दरम्यान भाईचारे को बहुत नुकसान पहुंचा रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत वर्तमान में पूरे विश्व के लिए एक उदाहरण के तौर पर पेश किया जाता है। भारत विश्वगुरु बनने की तरफ अग्रसर है। ऐसी सूरत-ए-हाल में देश में एक समूह हर समय ऐसे मुद्दे ढूंढता रहता है, जिससे आपसी नफरत फैलाती हो। अमन पसंद और जिम्मेदार नागरिकों को सामने आकर ऐसे लोगों के हौसले पस्त करने होंगे।
मौलाना ने शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी को सलाह देते हुए कहा कि इस मुद्दे को राजनीति का अखाड़ा न बनने दें। राजनीति करने वालों को कमेटी से दूर रखें। कमेटी को चाहिए कि वो अच्छे वकीलों का पैनल बनाए और निहायत संजीदगी के साथ कोर्ट में पैरवी करें। भरोसा कायम रखे।
मौलाना ने आगे कहा कि सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड का रवैया मुस्लिम हितैषी नहीं है, वक्फ बोर्ड के जिम्मेदारान मुस्लिम मुखालिफ लोगों के हाथों का खिलौना बन गए हैं, इसलिए वक्फ बोर्ड पर भरोसा न करें।