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UP: पंजाब में उस्ताद ने लिया सरकारी राशन, बरेली में पकड़ा गया फर्जी अग्निवीर; ऐसे खुला शातिर का राज
Sun, 28 Jan 2024 05:15 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 28 Jan 2024 05:15 PM IST
सार
फर्जी दस्तावेज लगाकर पंजाब के युवक ने सेना में अग्निवीर की नौकरी हासिल कर ली। वह तीन महीने से जाट रेजिमेंट सेंटर बरेली में नौकरी कर रहा था। जांच में हकीकत खुलने पर उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।
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आरोपी मंगल सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
तीन महीने तक जाली दस्तावेजों के आधार पर बरेली में अग्निवीर की नौकरी कर रहे मंगल सिंह की मंशा को लेकर खुफिया एजेंसियां और आर्मी इंटेलिजेंस सक्रिय हो गई हैं। पता लगा है कि पूरी व्यवस्था को गच्चा देकर नौकरी करने वाला मंगल सिंह अपने उस्ताद सुखदेव सिंह की मामूली चूक की वजह से फंस गया।
पंजाब के जिला फाजिल्का का मूल निवासी मंगल सिंह जब भर्ती होकर जाट रेजिमेंट में आया तो उसका फिंगरप्रिंट मिलान किया गया था। सूत्र बताते हैं कि उस वक्त मिलान न हो सका। दो-तीन बार प्रयास करने पर सिस्टम लॉक हो गया था। कई बार अंगूठे में मोड़ या अन्य समस्या से भी मिलान नहीं हो पाता है, इस लिहाज से जांच तब टल गई।
सूत्र बताते हैं कि जिस सुखदेव के कागजों पर मंगल सिंह नौकरी कर रहा था, वह भी उसी के गांव का निवासी है। मंगल सिंह को नौकरी के लिए तैयार करने में सुखदेव का ही योगदान था। अपने कागजात भी उसी ने लगाए थे।
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हाल ही में सुखदेव ने अपने गांव में जाकर राशन लिया तो उसके फिंगरप्रिंट मशीन में लगते ही जेआरसी को उसकी सूचना मिल गई। स्थानीय मशीन में भी फिंगरप्रिंट का मिलान हो गया। इसके बाद मंगल सिंह को पकड़ लिया गया। सूत्र बताते हैं कि मंगल और सुखदेव का जिला पाकिस्तान की सीमा से सटा है। इस लिहाज से भी एजेंसियां जांच में जुटी हैं।
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पंजाब के जिला फाजिल्का का मूल निवासी मंगल सिंह जब भर्ती होकर जाट रेजिमेंट में आया तो उसका फिंगरप्रिंट मिलान किया गया था। सूत्र बताते हैं कि उस वक्त मिलान न हो सका। दो-तीन बार प्रयास करने पर सिस्टम लॉक हो गया था। कई बार अंगूठे में मोड़ या अन्य समस्या से भी मिलान नहीं हो पाता है, इस लिहाज से जांच तब टल गई।
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सूत्र बताते हैं कि जिस सुखदेव के कागजों पर मंगल सिंह नौकरी कर रहा था, वह भी उसी के गांव का निवासी है। मंगल सिंह को नौकरी के लिए तैयार करने में सुखदेव का ही योगदान था। अपने कागजात भी उसी ने लगाए थे।
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सत्यापन में खुला फर्जी अग्निवीर का राज
मंगल सिंह ने अग्निवीर सुखदेव सिंह के फर्जी आधार कार्ड, इंटरमीडिएट की फर्जी मार्कशीट व चरित्र प्रमाणपत्र बनवाकर नौकरी पाई थी। सत्यापन में यह बात खुली तो सेना के अधिकारियों ने उसे पकड़ लिया। पता लगा कि आरोपी के अधिकतर प्रमाणपत्र जाली हैं। पता लगा कि मंगल सिंह ने सुखदेव के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों पर अपना फोटो लगा लिया था।
सेना ने बर्खास्त कर पुलिस को सौंपा
जांच के बाद आरोपी को सेना से बर्खास्त कर दिया गया। साथ ही रिपोर्ट दर्ज कराते हुए पुलिस के सुपुर्द किया गया। एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि आरोपी मंगल सिंह को जेल भेजा गया है। भविष्य में पुलिस विवेचना में सच्चाई पता कर अन्य दोषियों पर भी कार्रवाई करेगी। सेना व एजेंसियों से मदद ली जाएगी।
मंगल सिंह ने अग्निवीर सुखदेव सिंह के फर्जी आधार कार्ड, इंटरमीडिएट की फर्जी मार्कशीट व चरित्र प्रमाणपत्र बनवाकर नौकरी पाई थी। सत्यापन में यह बात खुली तो सेना के अधिकारियों ने उसे पकड़ लिया। पता लगा कि आरोपी के अधिकतर प्रमाणपत्र जाली हैं। पता लगा कि मंगल सिंह ने सुखदेव के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों पर अपना फोटो लगा लिया था।
सेना ने बर्खास्त कर पुलिस को सौंपा
जांच के बाद आरोपी को सेना से बर्खास्त कर दिया गया। साथ ही रिपोर्ट दर्ज कराते हुए पुलिस के सुपुर्द किया गया। एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि आरोपी मंगल सिंह को जेल भेजा गया है। भविष्य में पुलिस विवेचना में सच्चाई पता कर अन्य दोषियों पर भी कार्रवाई करेगी। सेना व एजेंसियों से मदद ली जाएगी।