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Bareilly News: आज जलाएं खुशियों के दीप
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शुभं करोति कल्याणमारोग्यं धनसंपदा ।
शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते ॥
मैं दीपक के प्रकाश को नमन करता हूं। यह प्रकाश शुभ है, कल्याणकारी है एवं आरोग्य, धन एवं संपदा प्रदान करता है यह दीपज्योति अंधकार रूपी अज्ञान का विनाश करती है। मनुष्य का अज्ञान ही उसकी बुद्धि एवं विवेक का शत्रु है।
मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए जगमगा उठा शहर, घरों व प्रतिष्ठानों से लेकर मंदिरों को फूलों से सजाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
बरेली। दीपावली का महापर्व बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। इसकी लोगों ने उत्साहपूर्वक तैयारी की है। माता लक्ष्मी के स्वागत में पूरा शहर जगमगा उठा है। घर व प्रतिष्ठानों से लेकर मंदिरों तक की सजावट की गई है। जगह-जगह बिजली की झालरों की रंग बिरंगी रोशनी और सजावट के फूलों की सुगंध फैली हुई है। साथ ही दीपावली पर होने वाली पूजा के लिए खास इंतजाम किया गया है।
पूजन मुहूर्त :
वृषभ लग्न – शाम 6:25 मिनट से लेकर रात को 08:20 मिनट तक रहेगा।
लक्ष्मी पूजा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त
प्रदोष काल, वृषभ लग्न और चौघड़िया के हिसाब से लक्ष्मी पूजन के लिए सबसे सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त 31 अक्तूबर की शाम को 6:25 से लेकर 7:13 के बीच का है। कुल मिलाकर 48 मिनट का यह मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ रहेगा।
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महानिशीथ पूजन मुहूर्त : मध्य रात्रि 11:38 से 12:30 तक।
बही खाता पूजन : शाम 5:40 से रात 8:55 बजे तक।
उत्साह पूर्व मनाई गई छोटी दिवाली
बरेली। घर से लेकर मंदिरों तक छोटी दिवाली नरक चतुर्दशी बड़े उत्साह से मनाई गई। पूजन और दीपज्वलन साथ लोग एक-दूसरे को दिवाली की बधाइयां भी देते रहे। मान्यता के अनुसार शाम के समय घर का देहरी पर दीपदान किया गया। कई महिलाओं ने घर की दहलीज पर सरसों के तेल का दीपदान किया और उसकी लौ से काजल निकालकर परिवार के सभी सदस्यों को काजल लगाया। साथ ही समृद्धि के लिए कामना की। घर और मंदिरों में भी छोटी दिवाली के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस त्योहार पर भगवान कृष्ण की भी पूजा करने का विधान है। संवाद
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शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते ॥
मैं दीपक के प्रकाश को नमन करता हूं। यह प्रकाश शुभ है, कल्याणकारी है एवं आरोग्य, धन एवं संपदा प्रदान करता है यह दीपज्योति अंधकार रूपी अज्ञान का विनाश करती है। मनुष्य का अज्ञान ही उसकी बुद्धि एवं विवेक का शत्रु है।
मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए जगमगा उठा शहर, घरों व प्रतिष्ठानों से लेकर मंदिरों को फूलों से सजाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
बरेली। दीपावली का महापर्व बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। इसकी लोगों ने उत्साहपूर्वक तैयारी की है। माता लक्ष्मी के स्वागत में पूरा शहर जगमगा उठा है। घर व प्रतिष्ठानों से लेकर मंदिरों तक की सजावट की गई है। जगह-जगह बिजली की झालरों की रंग बिरंगी रोशनी और सजावट के फूलों की सुगंध फैली हुई है। साथ ही दीपावली पर होने वाली पूजा के लिए खास इंतजाम किया गया है।
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पूजन मुहूर्त :
वृषभ लग्न – शाम 6:25 मिनट से लेकर रात को 08:20 मिनट तक रहेगा।
लक्ष्मी पूजा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त
प्रदोष काल, वृषभ लग्न और चौघड़िया के हिसाब से लक्ष्मी पूजन के लिए सबसे सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त 31 अक्तूबर की शाम को 6:25 से लेकर 7:13 के बीच का है। कुल मिलाकर 48 मिनट का यह मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ रहेगा।
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महानिशीथ पूजन मुहूर्त : मध्य रात्रि 11:38 से 12:30 तक।
बही खाता पूजन : शाम 5:40 से रात 8:55 बजे तक।
उत्साह पूर्व मनाई गई छोटी दिवाली
बरेली। घर से लेकर मंदिरों तक छोटी दिवाली नरक चतुर्दशी बड़े उत्साह से मनाई गई। पूजन और दीपज्वलन साथ लोग एक-दूसरे को दिवाली की बधाइयां भी देते रहे। मान्यता के अनुसार शाम के समय घर का देहरी पर दीपदान किया गया। कई महिलाओं ने घर की दहलीज पर सरसों के तेल का दीपदान किया और उसकी लौ से काजल निकालकर परिवार के सभी सदस्यों को काजल लगाया। साथ ही समृद्धि के लिए कामना की। घर और मंदिरों में भी छोटी दिवाली के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस त्योहार पर भगवान कृष्ण की भी पूजा करने का विधान है। संवाद