फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Life losing the battle against cancer

Bareilly News: कैंसर से हार रही जिंदगी

Sun, 21 Jun 2026 01:17 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jun 2026 01:17 AM IST
विज्ञापन
Life losing the battle against cancer
बरेली। शहर के वार्ड-64 सिकलापुर में छह साल में कैंसर 12 जिंदगियां निकल चुका है। पांच मरीज ऐसे भी मिले, जिनका या तो इलाज चल रहा है या फिर वे इस गंभीर बीमारी को मात दे चुके हैं। इनमें क्षेत्रीय पार्षद जय प्रकाश राजपूत की बहन भी शामिल हैं। ये वे मामले हैं जो अमर उजाला की पड़ताल में सामने आए। इसकी जानकारी अफसरों को भी है, लेकिन सात माह से कार्रवाई के नाम पर सिर्फ जांच ही चल रही है। क्षेत्र में न तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई शिविर लगाया गया, न ही जिम्मेदार अधिकारियों ने इसका कारण जानने की कोशिश की। एक परिवार तो ऐसा भी सामने आया, जिसके दो सदस्यों ने कैंसर की चपेट में आकर दम तोड़ दिया। पेश है रिपोर्ट...।
विज्ञापन


केस-1
क्षेत्र की तंग गली में रहने वाली तुलसा (50) का अभी 22 अप्रैल को एक मेडिकल कॉलेज में ब्रेस्ट कैंसर का ऑपरेशन हुआ है। बेटा एक निजी कंपनी में कार्यरत है, जिस कारण एम्प्लॉइज स्टेट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (ईएसआईसी) के कार्ड की सुविधा मिली। पूरा खर्च उसी से हुआ। तुलसा के मुताबिक, यदि कार्ड न होता तो इलाज कराना संभव नहीं था। पति हृदयरोगी हैं। दो बेटे ही परिवार का सहारा हैं।
विज्ञापन


केस-2
क्षेत्रीय पार्षद की बहन अबिता (35) तीन साल पहले इस घातक बीमारी की चपेट में आईं। उन्हें ब्रेस्ट कैंसर हुआ। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, इसलिए इलाज के लिए सोशल मीडिया पर अपील करनी पड़ी। तत्कालीन डीएम शिवाकांत द्विवेदी की मदद से एम्स में 11 अगस्त 2023 को ऑपरेशन हुआ। बाद में आयुष्मान कार्ड भी बन गया। अभी कीमो के लिए झज्जर जाना पड़ता है। इसके लिए रेलवे पास मिला हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


केस-3
आजमनगर के पवन (40) जीभ के कैंसर की चपेट में आए थे। वर्ष 2021 में पुष्टि के बाद शहर के अलग-अलग डॉक्टर को दिखाया। ऑपरेशन का खर्च चार लाख रुपये बताया गया। फास्ट फूड का ठेला लगाने वाले पवन ने पत्नी के जेवर गिरवी रखे। कुछ रुपये उधार भी लेने पड़े। झज्जर (हरियाणा) स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में इलाज हुआ। पवन का कहना है कि फिलहाल वह इस बीमारी से ऊबर चुके हैं।

केस-4
क्षेत्र के नरेश पाल (62) चाय का ठेला लगाते हैं। ये भी कैंसर की चपेट में आए। पत्नी के जेवर बेचकर और कर्ज लेकर लखनऊ के एसजीपीजीआई में इलाज कराया। करीब ढाई लाख रुपये खर्च हुए। इलाज में जो कर्ज चढ़ा, उसे अब तक चुका रहे हैं। नरेश का कहना है कि यदि आयुष्मान कार्ड होता तो उन्हें कर्ज न लेना पड़ता। इसी तरह, क्षेत्र की वंदना जायसवाल तीन साल से (59) ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित हैं।

वर्ष 2025 रहा भारी, पांच की गई जान
सिकलापुर वार्ड के निवासियों के लिए वर्ष 2025 भारी रहा। इस साल पांच लोगों की मौत कैंसर से हुई। वर्ष 2024 में दो लोगों ने दम तोड़ा था। 2026 में अब तक एक मौत की जानकारी सामने आई है।
इनकी हुई मौत
- सपना (30) की 11 जून 2026 को ब्रेस्ट कैंसर से मौत हुई।
- प्रेमलता (30) की कैंसर की चपेट में आने वर्ष 2025 में मौत हो गई।
- अजय (36) की जीभ के कैंसर से 14 मई 2025 को मौत हुई।
- ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित रोमा (37) की 26 मई 2025 को मौत हुई।
- मदनलाल (57) की 17 सितंबर 2025 को गले के कैंसर से मौत हो गई।
- विक्की राजपूत (30) की जबड़े के कैंसर से 4 नवंबर 2025 को मौत हो गई।
- मोनी (25) ब्लड कैंसर से पीड़ित थीं। 23 अप्रैल 2024 को मौत हो गई।
- पवन (28) को गाल का कैंसर हुआ और सितंबर 2024 को मौत हो गई।
- अनीता (40) की भी ब्रेस्ट कैंसर के चलते 23 सितंबर 2023 को मौत हो गई।
- चंद्रवती (25) की वर्ष 2022 में जीभ के कैंसर की चपेट में आने से मौत हुई।
- नंदरानी को पेट का कैंसर था। वर्ष 2021 में इनकी भी मौत हो गई।
- जयपाल (45) की लंग्स के कैंसर के कारण 26 फरवरी 2020 को मौत हुई।

नालियों के अंदर पड़ीं पानी की लाइनें, जागरूकता की भी कमी
अफसरों की लापरवाही के साथ साफ-सफाई के प्रति लोगों में जागरूकता की कमी भी नजर आई। लोगों ने बची खाद्य सामग्री घर के सामने ही फेंक रखी थी, जिसे जानवर फैलाते नजर आए। वाटर लाइनें कई जगहों पर नाली के अंदर से होकर गुजर रही थीं। कुछ जगहों पर तो नाली में ही बाल्टी रखकर लोग पानी भरते नजर आए। कारण जानने पर पता चला कि मेन वाटर लाइन सड़क के दूसरी तरफ है। रोड का जब निर्माण हुआ तो कनेक्शन नहीं जुड़वाए गए। बाद में कनेक्शन हुए तो पाइप नाली के भीतर से निकालना पड़ा। लीकेज के कारण दूषित पानी घरों तक पहुंच रहा है। क्षेत्र में गलियां भी काफी संकरी मिली। कई जगह तो चौड़ाई तीन फीट के करीब ही है। क्षेत्र में स्प्रे गन से फर्नीचर की पॉलिश का भी काम होता है। लोग इससे भी परेशान नजर आए।
चिकित्सक बोले- जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
जैसे कैंसर अलग-अलग तरह का होता है वैसे उसके होने के कारण भी अलग-अलग होते हैं। दूषित पानी से लिवर, तंबाकू-गुटखा से लंग्स, स्प्रे गन से सांस से जुड़ी समस्याएं हो सकती है। सिकलापुर में अलग-अलग तरह के केस हैं। इसलिए वहां मेडिकल जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी। वैसे भी इस समय कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। - डॉ. आरके चितलांगिया, वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ
कोट
कई साल से लोग कैंसर की चपेट में आ रहे हैं। इसकी शिकायत के बाद भी अब तक कार्रवाई नहीं हुई। बस अलग-अलग विभागों की टीमें आईं और निरीक्षण करके चली गईं। कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं किया। - जय प्रकाश राजपूत, क्षेत्रीय पार्षद
सड़क निर्माण के समय जिन लोगों ने वाटर लाइन से कनेक्शन नहीं जुड़वाया था, वही लोग बाद में नाली से होकर पाइप ले गए हैं। इस बारे में टीम भेजकर कई बार नाली से पाइप बहार कराने का प्रयास किया, लेकिन लोग झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। सोमवार को फिर टीम भेजी जाएगी। - संजीव मौर्य, नगर आयुक्त

सिकलापुर का मामला सामने आया है। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और बरेली विकास प्राधिकरण से जांच कराई गई है। एसडीएम सदर को भी जांच के लिए कहा गया है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद सही जानकारी हो सकेगी। फिलहाल, प्रभावी कार्रवाई के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। - भूपेंद्र एस. चौधरी, मंडलायुक्त
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed