Bareilly News: धर्म परिवर्तन न करने पर की थी पत्नी की हत्या, पति समेत तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा
बरेली में करीब डेढ़ साल पहले हुई महिला की हत्या के मामले में अदालत ने उसके पति समेत तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। पति और उसके साथियों ने धर्म परिवर्तन न करने पर गला दबाकर महिला की हत्या की थी।
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बरेली में धर्म परिवर्तन न करने पर पत्नी की हत्या करने वाले पति समेत तीन लोगों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। अपर सत्र न्यायाधीश तबरेज अहमद ने मंगलवार को तीनों दोषियों की सजा सुनाई। घटना थाना शीशगढ की है, जिसकी रिपोर्ट सहारनपुर की रहने वाली मृतका की मां कौशल देवी ने लिखाई थी।
रिपोर्ट में कहा गया था कि उसकी बेटी निशा से गांव चुरई दलपतपुर थाना मीरगंज के रहने वाले डॉ इकबाल ने 10 साल पहले खुद को हिंदू बताकर धोखे से शादी की। शादी के बाद उसकी बेटी को पति के मुसलमान होने व शादीशुदा होने का पता चला। शादी के बाद उसकी बेटी को अभियुक्त ने चुरईदलपतपुर के मकान में रखा। उसके साथ उसकी दो बेटियां रिया व रोशनी भी रह रहीं थी।
विवाहिता ने फोन पर मां को बताई थी आपबीती
रिपोर्ट में आगे कहा कि बीते 10 माह से उसकी बेटी पर उसके पति इकबाल ने धर्म परिवर्तन का दबाव बनाना शुरू कर दिया। अभियुक्त इकबाल उसे हिंदू धर्म छोड़कर मुस्लिम धर्म अपनाने को दबाव बना रहा था। प्रताड़ित करा रहा था और अपनी सारी संपत्ति अपनी दूसरी पत्नी के नाम करने की धमकी दे रहा था। इस बात को उसकी बेटी ने उसको फोन पर बताया था।
26 अक्तूबर 2021 की शाम को इकबाल व उसके साथियों ने निशा की गला दबाकर हत्या कर दी थी। लाश को रस्सी से बांधकर पंखे में लटका दिया। मां की हत्या करते देखकर निशा की बेटियां रोने लगीं। उनके रोने की आवाज सुनकर उनके पिता अभियुक्त डॉ इकबाल ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया और साथियों के साथ फरार हो गया था।
दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया गया
विवेचना के बाद अभियुक्त डॉ इकबाल , मो यासीन व मिसरयार के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में पेश किया गया। दौरान गवाही अभियोजन की ओर से सरकारी वकील सचिन जायसवाल ने कुल सात गवाह पेश किए। कोर्ट ने अभियुक्त इकबाल, यासीन व मिसरयार को दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। इसके अलावा तीनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।