{"_id":"67aae0484d4c9b79cc094055","slug":"life-imprisonment-to-the-man-convicted-of-misdeeds-four-year-old-girl-in-bareilly-2025-02-11","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: चार साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद, बरेली में नए कानून के तहत यह पहली सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: चार साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद, बरेली में नए कानून के तहत यह पहली सजा
Tue, 11 Feb 2025 11:00 AM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 11 Feb 2025 11:00 AM IST
सार
Bareilly News: अक्तूबर 2024 में युवक ने मासूम बच्ची से दुष्कर्म किया था। आरोपपत्र दाखिल होने के बाद तीन माह में कोर्ट ने फैसला सुनाया। नए कानून के तहत सोमवार को आए फैसले में दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
विज्ञापन
जनपद न्यायालय,बरेली
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली में चार साल की मासूम से दुष्कर्म करने के दोषी को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कुमार मयंक ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। तीन माह बाद आए फैसले में मेडिकल रिपोर्ट ने अहम भूमिका निभाई। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं में बरेली की अदालत ने पहला फैसला सुनाया है।
विज्ञापन
घटना भुता थाना क्षेत्र के एक गांव में दो अक्तूबर 2024 को हुई थी। पीड़िता के पिता ने पुलिस को बताया कि उसकी पुत्री घर के पास ही खेल रही थी। इसी दौरान गांव का ही युवक उसे फुसलाकर ले गया और दुष्कर्म किया। पुलिस ने चार अक्तूबर 2024 को रिपोर्ट दर्ज कर ली।
विज्ञापन
विवेचना के दौरान ही अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया। 13 नवंबर 2024 को आरोपपत्र दाखिल किया गया। अभियोजन की ओर से न्यायालय में पीड़िता समेत 12 के बयान दर्ज कराए गए। न्यायालय ने मेडिकल रिपोर्ट का अवलोकन करने व गवाहों को सुनने के बाद अभियुक्त को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
विज्ञापन
नए कानून लागू होने के बाद यह पहली सजा
न्यायालय ने कहा कि 12 वर्ष या इससे कम आयु की बालिका से दुष्कर्म करना पॉक्सो अधिनियम की धारा छह और बीएनएस की धारा 65(2) के तहत दंडनीय अपराध है। न्यायालय ने नए कानून आने के बाद से यह पहला फैसला सुनाया है।
न्यायालय ने कहा कि 12 वर्ष या इससे कम आयु की बालिका से दुष्कर्म करना पॉक्सो अधिनियम की धारा छह और बीएनएस की धारा 65(2) के तहत दंडनीय अपराध है। न्यायालय ने नए कानून आने के बाद से यह पहला फैसला सुनाया है।