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Bareilly News: विद्यार्थी परिषद में सीखा अनुशासन, संघ के सांचे में तपकर निकले श्याम बिहारी
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बरेली। प्रो. श्याम बिहारीलाल खांटी भाजपाई थे। वह पार्टी के प्रबुद्ध वर्ग के साथ ही अनुसूचित वर्ग का स्थानीय चेहरा भी थे। मूल रूप से वह शाहजहांपुर जिले के निवासी थे। एक जनवरी 1966 को जन्मे श्याम बिहारीलाल की शुरुआती शिक्षा शाहजहांपुर में हुई थी। विद्यार्थी जीवन में उन्होंने भाजपा के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में काम किया। फिर वह स्वयंसेवक संघ के लिए काम करते रहे। उसके बाद वह रुहेलखंड विवि में इतिहास के प्रोफेसर बने। इस दौरान उन्होंने अखबारों के लिए लेख भी लिखे।
चूंकि वह अनुसूचित वर्ग से थे तो फरीदपुर सुरक्षित विधानसभा सीट से उन्होंने सियासी सफर शुरू किया। वर्ष 2007 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े और तीसरे स्थान पर रहे। वर्ष 2012 में भाजपा ने उन्हें फिर प्रत्याशी बनाया। इस बार वह दूसरे स्थान पर रहे। वर्ष 2017 में भाजपा ने जब तीसरी बार श्याम बिहारीलाल पर दांव लगाया तो वह चुनाव जीत गए। 2022 में वह दोबारा विधायक बने। ब्यूरो
मंत्री पद के थे प्रबल दावेदार
प्रोफेसर श्याम बिहारीलाल अनुसूचित जनजाति वर्ग से थे। जानकारों के मुताबिक, भाजपा में इस वर्ग के वह अकेले विधायक थे। बसपा का कैडर वोट झटकने की मौजूदा नीति के तहत माना जा रहा था कि भविष्य में भाजपा उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे सकती है। अंदरखाने चर्चा थी कि पार्टी अगले मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें मंत्री बना सकती है। हालांकि इससे पहले वह दुनिया छोड़ गए।
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चूंकि वह अनुसूचित वर्ग से थे तो फरीदपुर सुरक्षित विधानसभा सीट से उन्होंने सियासी सफर शुरू किया। वर्ष 2007 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े और तीसरे स्थान पर रहे। वर्ष 2012 में भाजपा ने उन्हें फिर प्रत्याशी बनाया। इस बार वह दूसरे स्थान पर रहे। वर्ष 2017 में भाजपा ने जब तीसरी बार श्याम बिहारीलाल पर दांव लगाया तो वह चुनाव जीत गए। 2022 में वह दोबारा विधायक बने। ब्यूरो
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मंत्री पद के थे प्रबल दावेदार
प्रोफेसर श्याम बिहारीलाल अनुसूचित जनजाति वर्ग से थे। जानकारों के मुताबिक, भाजपा में इस वर्ग के वह अकेले विधायक थे। बसपा का कैडर वोट झटकने की मौजूदा नीति के तहत माना जा रहा था कि भविष्य में भाजपा उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे सकती है। अंदरखाने चर्चा थी कि पार्टी अगले मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें मंत्री बना सकती है। हालांकि इससे पहले वह दुनिया छोड़ गए।
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