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भू अधिग्रहण घोटाला : जिम्मेदारी तय करने के लिए अभिलेख खंगाल रहे अधिकारी
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- 13 सितंबर को मंडलायुक्त को सौंपी गई थी 58.91 करोड़ रुपये घोटाले की रिपोर्ट
बरेली। बरेली-सितारगंज हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान हुए घोटाले में जिम्मेदारों के नाम तय करने के लिए अधिकारी अभिलेख खंगाल रहे हैं। अवॉर्ड होने से पहले भू-उपयोग बदलने, अधिक मूल्यांकन करने, एलाइनमेंट लीक करने में-कौन से अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे? यह तय होते ही मंडलायुक्त की ओर से शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद कार्रवाई शुरू होगी।
हाईवे के लिए भू अधिग्रहण के दौरान पीलीभीत जिले में अधिक मूल्यांकन हुआ था। कुछ लोगों को अधिक मुआवजा भी दिया गया। भू-उपयोग बदलने और मूल्यांकन में हेराफेरी करके घोटाला करने के कुछ मामले सामने आए थेे। प्रथम दृष्टया 58.91 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया था। अपर आयुक्त ने 13 सितंबर को जांच रिपोर्ट कमिश्नर को सौंप दी थी। कमिश्नर ने रिपोर्ट शासन को भेज दी।
अब शासन स्तर से कोई निर्देश आए, उससे पहले ही फर्जीवाड़े के दौरान तैनात रहे अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम खंगाले जा रहे हैं। फाइलों पर जिनके हस्ताक्षर हैं, उनके नाम जल्दी ही सामने आ जाएंगे। अमर उजाला ब्यूरो
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बरेली। बरेली-सितारगंज हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान हुए घोटाले में जिम्मेदारों के नाम तय करने के लिए अधिकारी अभिलेख खंगाल रहे हैं। अवॉर्ड होने से पहले भू-उपयोग बदलने, अधिक मूल्यांकन करने, एलाइनमेंट लीक करने में-कौन से अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे? यह तय होते ही मंडलायुक्त की ओर से शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद कार्रवाई शुरू होगी।
हाईवे के लिए भू अधिग्रहण के दौरान पीलीभीत जिले में अधिक मूल्यांकन हुआ था। कुछ लोगों को अधिक मुआवजा भी दिया गया। भू-उपयोग बदलने और मूल्यांकन में हेराफेरी करके घोटाला करने के कुछ मामले सामने आए थेे। प्रथम दृष्टया 58.91 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया था। अपर आयुक्त ने 13 सितंबर को जांच रिपोर्ट कमिश्नर को सौंप दी थी। कमिश्नर ने रिपोर्ट शासन को भेज दी।
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अब शासन स्तर से कोई निर्देश आए, उससे पहले ही फर्जीवाड़े के दौरान तैनात रहे अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम खंगाले जा रहे हैं। फाइलों पर जिनके हस्ताक्षर हैं, उनके नाम जल्दी ही सामने आ जाएंगे। अमर उजाला ब्यूरो
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