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लालफाटक ओवरब्रिज: अस्थायी रोड बनाने के काम में तेजी आई, आटा चक्की हटवाई

Sun, 02 Feb 2020 02:33 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 02 Feb 2020 02:33 AM IST
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Lalfatak Overbridge: Work on temporary road accelerated, flour mill removed
बरेली में निमार्णाधीन लालफाटक ओवरब्रिज। - फोटो : अमर उजाला, बरेली
बरेली। कमिश्नर की फटकार के बाद सेतु निगम के अधिकारियों ने लालफाटक पर दोनों क्रॉसिंग के समांतर अस्थायी रोड बनाने का काम शनिवार से तेज कर दिया है। इस रोड को बनाने में आड़े आ रही आटा चक्की को भी हटा दिया गया है। उसका भवन भी ध्वस्त कर दिया गया है। कमिश्नर ने अस्थायी रोड का निर्माण 10 फरवरी तक पूरा करने की समय सीमा निर्धारित की है। इसे देखते हुए अब रात में भी निर्माण कार्य कराने की तैयारी की जा रही है। इधर, लालफाटक ओवरब्रिज के लिए कैंट एरिया में अधिग्रहीत होने वाली भूमि के बदले रक्षा मंत्रालय को दूसरी जगह जमीन उपलब्ध कराई जानी है। इसके लिए शनिवार को तहसीलदार ने लेखपालों को बुलाकर कई गांवों में भूमि चिह्नित कराई।
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सेतु निगम और रेलवे दोनों को ही मिलकर निर्माण कार्य पूरा करना है। क्रॉसिंग के ऊपर ओवरब्रिज बनाने के लिए करीब 320 मीटर अस्थायी रोड बनाई जानी है, ताकि ट्रैफिक की समस्या पैदा न हो। सेतु निगम ने इसके लिए करीब सवा करोड़ का ठेका दिया है, लेकिन शुक्रवार को जब कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने निरीक्षण किया तो उन्होंने काम भी रफ्तार बहुत धीमी देखकर सेतु निगम के अधिकारियों को फटकार लगाई थी। चेतावनी दी थी कि अगर 10 फरवरी तक काम पूरा न हुआ तो ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने के साथ ही उसका टेंडर निरस्त कर दिया जाएगा। कमिश्नर की नाराजगी के बाद शनिवार को सेतु निगम ने अस्थायी रोड बनाने के काम की गति बढ़ा दी। इस रोड को बनाने के लिए आड़े आ रही आटा चक्की को भी हटा दिया गया है। जेसीबी से मिट्टी पटान सहित दूसरे निर्माण कार्य भी तेज हो गए हैं। अफसरों का कहना है कि जरूरत पड़ी तो दिनरात काम होगा। इधर, कैंट एरिया में इस ओवरब्रिज के लिए करीब 6500 वर्गमीटर जमीन का अधिग्रहण होना है। इसके बदले रक्षा मंत्रालय को दूसरी जमीन देने के लिए शनिवार को तहसीलदार आशुतोष गुप्ता ने क्षेत्रीय लेखपालों की मीटिंग बुलाई। इसमें शहर से सटे मोहनपुर और बभिया गांव में जमीन को चिह्नित किया गया है। तहसीलदार का कहना है कि सेतु निगम के अधिकारियों को भी बुलाकर इस मामले को लेकर मंथन होगा।
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कमिश्नर ने बंद आईटीआर कंपनी की जमीन रक्षा मंत्रालय को देने का सुझाव दिया
सीबीगंज में वर्ष 2004 से बंद आईटीआर कंपनी की कई एकड़ जमीन खाली पड़ी है। कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने सेतु निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक देवेंद्र सिंह को सुझाव दिया है कि कैंट की जमीन के एवज में रक्षा मंत्रालय को इस कंपनी की जमीन उपलब्ध करना बढ़िया विकल्प हो सकता है। कमिश्नर ने सेतु निगम के अधिकारियों को इसके लिए तत्काल पैरवी शुरू करने को कहा।
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