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Bareilly News: लाल फाटक पुल... दो साल में ही नजर आने लगे लापरवाही के गड्ढे
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बरेली। लाल फाटक पुल पर दो साल से भी कम समय में लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं की लापरवाही के गड्ढे दिखने लगे हैं। कुछ हिस्से की सड़क उखड़ने लगी है। देखरेख न होने से एक्सपेंशन ज्वाइंट्स में मिट्टी भर गई है। पुल के दोनों ओर लगे कूड़े का ढेर में घास उग आई है। जरा सी बारिश में यहां कीचड़ हो जाता है। ऐसे में दोपहिया वाहनों के फिसलने का खतरा रहता है।
लाल फाटक पुल सेतु निगम ने बनवाया था। हस्तांतरण के बाद अब पुल की देखरेख और मरम्मत की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की है। पुल तो ठीक है, लेकिन सड़क बदहाल हो रही है। पुल एक अप्रैल 2023 को जनता को समर्पित किया गया था। हर चौबीस घंटे में इस पुल से छोटे-बड़े बीस हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। कैंट की ओर हुए गड्ढे में आपका वाहन असंतुलित हो सकता है। चौबारी की ओर से आने पर भी गिरने का खतरा है। राहगीरों का कहना है कि करीब छह महीने से गड्ढे हैं। जिम्मेदार अफसर देखकर आगे बढ़ जाते हैं। अमर उजाला ब्यूरो
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पुल पर अगर कहीं कोई गड्ढा है तो उसे भरवाएंगे। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता जाकर उसे ठीक कराएंगे। -अजय कुमार, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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लालफाटक से चौबारी मार्ग को अधूरा छोड़ने का लिया संज्ञान
अधिशासी अभियंता को मौके पर भेजा, निर्माण पूरा करने के आदेश
बरेली। लाल फाटक से चौबारी मार्ग को अधूरा छोड़ने का लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता ने संज्ञान लिया है। उन्होंने अधिशासी अभियंता को मौके पर भेजा। अड़चन दूर कर निर्माण पूरा कराने के आदेश दिए। अधिशासी अभियंता भगत सिंह ने जांच के बाद मुख्य अभियंता को बताया कि मार्ग पर एक मंदिर को शिफ्ट किया जाना है, लेकिन महंत कुंभ स्नान के लिए गए हैं। उनके लौटने के बाद ही मंदिर शिफ्ट हो सकेगा। तभी सड़क का निर्माण पूरा होगा।
लालफाटक से बदायूं की ओर जाने वाली सड़क के 4.3 किमी. हिस्से का चौड़ीकरण मार्च 2024 में पूरा हुआ था, लेकिन परशुराम धाम मंदिर के सामने एक तरफ करीब 150 मीटर हिस्से में निर्माण अधूरा है। अभियंताओं ने न तो सुरक्षित सफर के लिए कोई उपाय अपनाए, न ही सड़क का निर्माण कराया। खतरे से बचाव के लिए संकेतक भी नहीं लगाए। मुख्य अभियंता ने बुधवार को अधिशासी अभियंता से कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय कराएं। मंदिर शिफ्ट कर चौड़ीकरण भी कराया जाए। इसमें जो भी अड़चन हो, उसे दूर करा लें। अमर उजाला ब्यूरो
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लाल फाटक पुल सेतु निगम ने बनवाया था। हस्तांतरण के बाद अब पुल की देखरेख और मरम्मत की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की है। पुल तो ठीक है, लेकिन सड़क बदहाल हो रही है। पुल एक अप्रैल 2023 को जनता को समर्पित किया गया था। हर चौबीस घंटे में इस पुल से छोटे-बड़े बीस हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। कैंट की ओर हुए गड्ढे में आपका वाहन असंतुलित हो सकता है। चौबारी की ओर से आने पर भी गिरने का खतरा है। राहगीरों का कहना है कि करीब छह महीने से गड्ढे हैं। जिम्मेदार अफसर देखकर आगे बढ़ जाते हैं। अमर उजाला ब्यूरो
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पुल पर अगर कहीं कोई गड्ढा है तो उसे भरवाएंगे। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता जाकर उसे ठीक कराएंगे। -अजय कुमार, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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लालफाटक से चौबारी मार्ग को अधूरा छोड़ने का लिया संज्ञान
अधिशासी अभियंता को मौके पर भेजा, निर्माण पूरा करने के आदेश
बरेली। लाल फाटक से चौबारी मार्ग को अधूरा छोड़ने का लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता ने संज्ञान लिया है। उन्होंने अधिशासी अभियंता को मौके पर भेजा। अड़चन दूर कर निर्माण पूरा कराने के आदेश दिए। अधिशासी अभियंता भगत सिंह ने जांच के बाद मुख्य अभियंता को बताया कि मार्ग पर एक मंदिर को शिफ्ट किया जाना है, लेकिन महंत कुंभ स्नान के लिए गए हैं। उनके लौटने के बाद ही मंदिर शिफ्ट हो सकेगा। तभी सड़क का निर्माण पूरा होगा।
लालफाटक से बदायूं की ओर जाने वाली सड़क के 4.3 किमी. हिस्से का चौड़ीकरण मार्च 2024 में पूरा हुआ था, लेकिन परशुराम धाम मंदिर के सामने एक तरफ करीब 150 मीटर हिस्से में निर्माण अधूरा है। अभियंताओं ने न तो सुरक्षित सफर के लिए कोई उपाय अपनाए, न ही सड़क का निर्माण कराया। खतरे से बचाव के लिए संकेतक भी नहीं लगाए। मुख्य अभियंता ने बुधवार को अधिशासी अभियंता से कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय कराएं। मंदिर शिफ्ट कर चौड़ीकरण भी कराया जाए। इसमें जो भी अड़चन हो, उसे दूर करा लें। अमर उजाला ब्यूरो