फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Kuldeep was happy while strangling the effigy

Bareilly News: पुतले का गला कसते खुश हुआ कुलदीप

Fri, 08 Nov 2024 03:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 08 Nov 2024 03:00 AM IST
विज्ञापन
Kuldeep was happy while strangling the effigy
बरेली। कुलदीप की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एक पुतले को महिला के कपड़े पहनाकर उसे दिया। फिर उससे पूछा गया कि उसने महिलाओं को कैसे मारा। तब कुलदीप ने पुतले के साथ अश्लील हरकतें कीं। फिर दुपट्टे से उसका गला कसा और बांयी ओर गांठ लगा दी। ऐसा करके वह काफी खुश हुआ, जैसे उसने कोई बड़ा काम कर दिया हो। शाही के खेतों में भी वह आगे चलते हुए सादा कपड़ों में मौजूद पुलिसवालों को उन्हीं स्थानों पर ले गया, जहां उसने हत्या की थी। पुलिस ने उसे महिलाओं के बीच अकेला छोड़कर देखा तो वह उनसे ज्यादा हंसकर बात करता दिखा। ब्यूरो
विज्ञापन

भाई बोला- कुलदीप मानसिक मंद, हत्यारा नहीं
शाही। कुलदीप के शाही में होने की खबर पर उसका छोटा भाई राजकुमार वहां आ गया। उसने बताया कि कुलदीप जन्म से मानसिक मंद है। उसकी शादी दिव्यांग युवती से हुई थी, लेकिन वह उसकी हरकतों से परेशान होकर दूसरे गांव भोलापुर चली गई और दूसरी शादी कर ली। उसके दो बच्चे हैं। बताया कि भाई दो महीने पहले सब्जीपुर खाता गांव में फुफेरे भाई के यहां चला गया था। उन्हें जानकारी हुई तो उसे लेने आए। शुक्रवार को थाना नवाबगंज से सूचना मिली कि तुम्हारा भाई शाही थाने में बैठाया गया है। उसे ले आओ तो मैं उसे लेने आया हूं। कहा कि कुलदीप दस रुपये की गिनती भी नहीं कर सकता। सवाल उठाया कि वह हत्यारा होता तो उसने आज तक नवाबगंज क्षेत्र में किसी महिला के साथ कोई अपराध क्यों नहीं किया? कहा कि अधिकारियों से मिलकर शिकायत करेगा।
विज्ञापन

एसएसपी बोले- अखबार पढ़कर मिली मदद
एसएसपी ने खुलासे के दौरान कहा कि मीडिया से उन्हें खुलासे में काफी मदद मिली। उन्होंने घटना के बाद से लेकर अब तक की मीडिया कवरेज देखी। खासकर अखबार पढ़े तो उन्हें आरोपी का हुलिया तय करने में मदद मिली। इसके लिए मीडिया का आभार जताया।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुबह निकलता था, हर हत्या के बाद रखी पहचान
एसएसपी ने बताया कि कुलदीप अपनी रिश्तेदारी से सुबह आठ बजे करीब कुछ न कुछ खाकर निकलता था और पगडंडी व खेतों में घूमता रहता था। इस बात की गारंटी नहीं होती थी कि वह लौटकर उसी रिश्तेदार के घर जाएगा, जहां से वह आया था। बताया कि हर महिला की हत्या के बाद वह उसकी कोई न कोई पहचान रख लेता था। किसी महिला के कपड़े, किसी के सजने-संवरने का सामान तो किसी के पास मौजूद बैग या आधार कार्ड ही रख लेता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed