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रुपयों के लालच में साथी ने ही की थी किसान की हत्या
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बरेली। चार दिन पहले क्योलड़िया के बहरजागीर गांव के किसान चिरौंजी लाल की हत्या उसके साथ बैठकर तरबूज बेचने वाले ठाकुरदास ने रुपये के लालच में की थी। वारदात से पहले दोनों ने साथ बैठकर शराब भी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
बहरजागीर गांव के किसान चिरौंजी लाल इन दिनों देवहा नदी के पुल पर तरबूज बेचते थे। 30 मई की रात चिरौंजी लाल की हत्या कर दी गई थी। उनके भाई कल्यान राय की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। बुधवार को पुलिस ने बहरजागीर गांव के ही ठाकुरदास को संदेह के आधार पर सरौरा कोठी के पास से हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने जुर्म कुबूल लिया।
ठाकुरदास ने बताया कि वह भी चिरौंजी लाल के सामने ही फड़ लगाकर तरबूज बेचता था। उसकी चिरौंजी लाल से अच्छी दोस्ती थी। रोजाना शाम को दोनों साथ शराब पीते थे। घटना की शाम चिरौंजी लाल ने शराब मंगाने के लिए जेब से रुपये निकाले तो उनके हाथ में काफी रुपये देखकर उसके मन में लालच आ गया। शराब पीने के बाद जब चिरौंजी लाल को नशा हो गया तो गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी और जेब से रुपये निकाल लिए। जब उसने रुपये गिने तो महज 36 सौ रुपये निकले। इसके बाद वह अपने घर चला गया।
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बहरजागीर गांव के किसान चिरौंजी लाल इन दिनों देवहा नदी के पुल पर तरबूज बेचते थे। 30 मई की रात चिरौंजी लाल की हत्या कर दी गई थी। उनके भाई कल्यान राय की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। बुधवार को पुलिस ने बहरजागीर गांव के ही ठाकुरदास को संदेह के आधार पर सरौरा कोठी के पास से हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने जुर्म कुबूल लिया।
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ठाकुरदास ने बताया कि वह भी चिरौंजी लाल के सामने ही फड़ लगाकर तरबूज बेचता था। उसकी चिरौंजी लाल से अच्छी दोस्ती थी। रोजाना शाम को दोनों साथ शराब पीते थे। घटना की शाम चिरौंजी लाल ने शराब मंगाने के लिए जेब से रुपये निकाले तो उनके हाथ में काफी रुपये देखकर उसके मन में लालच आ गया। शराब पीने के बाद जब चिरौंजी लाल को नशा हो गया तो गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी और जेब से रुपये निकाल लिए। जब उसने रुपये गिने तो महज 36 सौ रुपये निकले। इसके बाद वह अपने घर चला गया।
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