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कैंट के टोल टैक्स पर लगी रोक
बरेली।
Updated Sun, 02 Jul 2017 01:21 AM IST
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- फोटो : kent-s-toll-tax-stopping
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बरेली।
बदायूं रोड पर कैंट बोर्ड की ओर लिया जाने वाले टोल टैक्स पर अस्थाई रोक लगा दी गई है। यह फैसला फिलहाल भारत सरकार के आदेश पर किया गया है।
कैंट बोर्ड की ओर से बदायूं रोड पर टोल टैक्स लिया जाता है। जिसे कैंट बोर्ड वाहन प्रवेश शुल्क के नाम पर वसूलता है। इसे टैक्स माना जाए या शुल्क यह बहुत साफ नहीं है। इस बात को लेकर असमंजस की स्थित थी। इसी के चलते दिन में कैंट बोर्ड में चर्चा रही, मगर दोपहर में भारत सरकार की ओर से स्पष्ट आदेश आ गया कि फिलहाल कैंट बोर्ड ऐसी वसूली को रोक दे। इसके मद्देनजर अस्थाई तौर पर एक सप्ताह के लिए इस शुल्क की वसूली रोक दी गई है।
यह आदेश महानिदेशक रक्षा संपदा की ओर कैंट बोर्ड मिला है। जिसमें लिखा है कि अग्रिम आदेश तक इस वसूली को शुरू न किया जाए। यह शुल्क ठेकेदार के माध्यम से वसूला जाता है। इस बार अप्रैल 2017 में यह ठेका 2.5 करोड़ में 364 दिन के लिए दिया गया है।
इस संबंध में कैंट बोर्ड के अभियंता आरके महेश्वरी ने बताया कि सरकारी आदेशानुसार वाहन प्रवेश शुल्क को रोक दिया गया है। इसके लिए ठेकेदार को भी चिट्ठी लिख कर अवगत कराते हुए प्रवेश शुल्क की वसूली रोकने के आदेश दिए गए हैं।
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बदायूं रोड पर कैंट बोर्ड की ओर लिया जाने वाले टोल टैक्स पर अस्थाई रोक लगा दी गई है। यह फैसला फिलहाल भारत सरकार के आदेश पर किया गया है।
कैंट बोर्ड की ओर से बदायूं रोड पर टोल टैक्स लिया जाता है। जिसे कैंट बोर्ड वाहन प्रवेश शुल्क के नाम पर वसूलता है। इसे टैक्स माना जाए या शुल्क यह बहुत साफ नहीं है। इस बात को लेकर असमंजस की स्थित थी। इसी के चलते दिन में कैंट बोर्ड में चर्चा रही, मगर दोपहर में भारत सरकार की ओर से स्पष्ट आदेश आ गया कि फिलहाल कैंट बोर्ड ऐसी वसूली को रोक दे। इसके मद्देनजर अस्थाई तौर पर एक सप्ताह के लिए इस शुल्क की वसूली रोक दी गई है।
यह आदेश महानिदेशक रक्षा संपदा की ओर कैंट बोर्ड मिला है। जिसमें लिखा है कि अग्रिम आदेश तक इस वसूली को शुरू न किया जाए। यह शुल्क ठेकेदार के माध्यम से वसूला जाता है। इस बार अप्रैल 2017 में यह ठेका 2.5 करोड़ में 364 दिन के लिए दिया गया है।
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इस संबंध में कैंट बोर्ड के अभियंता आरके महेश्वरी ने बताया कि सरकारी आदेशानुसार वाहन प्रवेश शुल्क को रोक दिया गया है। इसके लिए ठेकेदार को भी चिट्ठी लिख कर अवगत कराते हुए प्रवेश शुल्क की वसूली रोकने के आदेश दिए गए हैं।
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