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Bareilly News: अंधेरे में कैलाश पथ... डेलापीर मंडी से नॉर्थ सिटी तक नहीं जलतीं स्ट्रीट लाइटें
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बरेली। दिवाली से पहले नगर निगम शहर में बड़े पैमाने पर नई स्ट्रीट लाइटें लगवाने का दम भर रहा है। वहीं, पहले से लगीं स्ट्रीट लाइटें अंधेरे में डूबीं हैं। कैलाश पथ पर डेलापीर सब्जी मंडी से लेकर नॉर्थ सिटी तक... दो किमी के दायरे में एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं जल रही। 20 दिनों से रात में सड़क पर अंधेरा पसरा रहता है। पड़ताल में यह बात उजागर हुई है।
क्षेत्र के रहने वाले सुनील मलहोत्रा ने बताया कि कई बार महापौर से इसकी शिकायत भी की गई। बावजूद लाइटें नहीं जलीं। नगर निगम की ओर से दिए गए हेल्पलाइन नंबर पर भी लगातार कॉल कर शिकायत दर्ज कराई गई। एक बार लाइटें ठीक भी हुईं तो सिर्फ पांच दिन ही जलीं। लोगों का कहना है कि कैलाश पथ अब हादसों की डगर बनकर रह गया है। अंधेरे के कारण यहां आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं।
नगर निगम के पास नहीं हैं संसाधन
दिवाली से पहले नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने सभी मुख्य मार्गों को जगमग करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन 60 से अधिक वार्डों में लगी स्ट्रीट लाइटों की गुणवत्ता ही खराब है। कई लाइटें पीली पड़ गई हैं और कई लाइटें ऐेसी हैं जिनको निगम अपने स्तर से ठीक ही नहीं करा सकता। इन लाइटों को ठीक कराने की उचित व्यवस्था और कर्मचारी निगम के पास नहीं हैं। पार्षदों की शिकायत पर कह दिया जाता है कि जो ये लाइटें बाहर से मंगाई गई हैं। इनको ठीक नहीं कराया जा सकता।
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इस कार्यकाल में नहीं लगीं लाइटें
डेढ़ साल पहले मैंने 70 लाइटों के लिए पत्र दिया था, लेकिन अब तक एक भी लाइट नहीं लगी है। मुझसे क्षेत्र में जहां-जहां लाइटें लगाई जानी हैं, वहां के संबंधित लोगों के नाम मांगे गए थे। ब्योरा देने के बाद भी कोई हल नहीं निकला। मॉडल टाउन वार्ड में एक भी स्ट्रीट लाइट इस कार्यकाल में नहीं लगी है। - अतुल कपूर, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड आठ
35 वॉट की लाइटें लगाई गई थीं, जो पीली पड़ गई हैं। इसकी वजह से रास्तों पर रोशनी नहीं रहती है। खराब लाइटों को न तो बदला जा रहा है, न ही उनकी मरम्मत कराई जा रही है। पिछला त्योहार अंधेरे में ही गुजरा था। अब 50-50 लाइटें दिए जाने की बात कही गई है। उसी से काम चलाया जाएगा। - गौरव सक्सेना, पार्षद, वार्ड 49
सामान नहीं होने की वजह से स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। सौर ऊर्जा वाली लाइटों की रोशनी कुछ माह बाद कम हो जाती है। घरों के बाहर लगे बल्ब आदि से सड़क पर कुछ रोशनी रहती है। वार्ड में स्ट्रीट लाइटों की किल्लत है। इसके लिए कई बार कोशिश की, लेकिन लाइटें नहीं मिलीं। - मोहम्मद लईक, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड 78
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जिन क्षेत्रों की स्ट्रीट लाइटें खराब हैं, उन्हें ठीक कराया जाएगा। जहां की लाइट ठीक नहीं हो सकती, वहां नई लाइटें लगवाई जाएंगी। लाइटें लगी होने के बाद भी क्यों नहीं जल रहीं, इसको दिखवाकर संबंधित से जवाब तलब किया जाएगा। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
संवाद
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क्षेत्र के रहने वाले सुनील मलहोत्रा ने बताया कि कई बार महापौर से इसकी शिकायत भी की गई। बावजूद लाइटें नहीं जलीं। नगर निगम की ओर से दिए गए हेल्पलाइन नंबर पर भी लगातार कॉल कर शिकायत दर्ज कराई गई। एक बार लाइटें ठीक भी हुईं तो सिर्फ पांच दिन ही जलीं। लोगों का कहना है कि कैलाश पथ अब हादसों की डगर बनकर रह गया है। अंधेरे के कारण यहां आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं।
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नगर निगम के पास नहीं हैं संसाधन
दिवाली से पहले नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने सभी मुख्य मार्गों को जगमग करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन 60 से अधिक वार्डों में लगी स्ट्रीट लाइटों की गुणवत्ता ही खराब है। कई लाइटें पीली पड़ गई हैं और कई लाइटें ऐेसी हैं जिनको निगम अपने स्तर से ठीक ही नहीं करा सकता। इन लाइटों को ठीक कराने की उचित व्यवस्था और कर्मचारी निगम के पास नहीं हैं। पार्षदों की शिकायत पर कह दिया जाता है कि जो ये लाइटें बाहर से मंगाई गई हैं। इनको ठीक नहीं कराया जा सकता।
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इस कार्यकाल में नहीं लगीं लाइटें
डेढ़ साल पहले मैंने 70 लाइटों के लिए पत्र दिया था, लेकिन अब तक एक भी लाइट नहीं लगी है। मुझसे क्षेत्र में जहां-जहां लाइटें लगाई जानी हैं, वहां के संबंधित लोगों के नाम मांगे गए थे। ब्योरा देने के बाद भी कोई हल नहीं निकला। मॉडल टाउन वार्ड में एक भी स्ट्रीट लाइट इस कार्यकाल में नहीं लगी है। - अतुल कपूर, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड आठ
35 वॉट की लाइटें लगाई गई थीं, जो पीली पड़ गई हैं। इसकी वजह से रास्तों पर रोशनी नहीं रहती है। खराब लाइटों को न तो बदला जा रहा है, न ही उनकी मरम्मत कराई जा रही है। पिछला त्योहार अंधेरे में ही गुजरा था। अब 50-50 लाइटें दिए जाने की बात कही गई है। उसी से काम चलाया जाएगा। - गौरव सक्सेना, पार्षद, वार्ड 49
सामान नहीं होने की वजह से स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। सौर ऊर्जा वाली लाइटों की रोशनी कुछ माह बाद कम हो जाती है। घरों के बाहर लगे बल्ब आदि से सड़क पर कुछ रोशनी रहती है। वार्ड में स्ट्रीट लाइटों की किल्लत है। इसके लिए कई बार कोशिश की, लेकिन लाइटें नहीं मिलीं। - मोहम्मद लईक, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड 78
जिन क्षेत्रों की स्ट्रीट लाइटें खराब हैं, उन्हें ठीक कराया जाएगा। जहां की लाइट ठीक नहीं हो सकती, वहां नई लाइटें लगवाई जाएंगी। लाइटें लगी होने के बाद भी क्यों नहीं जल रहीं, इसको दिखवाकर संबंधित से जवाब तलब किया जाएगा। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
संवाद