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जितिन की राह चले कई कांग्रेसी, लल्लू को भेजा इस्तीफा
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शाहजहांपुर। दो दिन पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के कई समर्थकों ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को बृहस्पतिवार देर रात ई-मेल से भेजे सामूहिक त्याग पत्र में कहा है कि विगत कुछ वर्षों में पार्टी अपनी मूल विचारधारा से भटक चुकी है। नेतृत्व के स्तर से उपेक्षा होने के कारण वे स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। खास यह कि इस्तीफा देने वालों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को भी सूचित किया है।
कांग्रेस से किनारा करने वालों में जितिन के अति विश्वास पात्रों की टोली में शामिल पूर्व जिलाध्यक्ष कौशल मिश्रा, कांग्रेस के पीसीसी सदस्य विनीत मिश्र, भूपेंद्र सिंह भन्नू, कृपाराम मिश्र व आशीष कुमार सिंह और युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रोहित सिंह शामिल हैं। हालांकि सूत्रों का यह भी कहना है कि जितिन से नजदीकियों के कारण उन्हें किसी भी समय पार्टी से बाहर किया जा सकता है। खुद पर निष्कासन का ठप्पा लगने से पहले उन्होंने बृहस्पतिवार देर रात करीब 10:30 बजे प्रदेश अध्यक्ष लल्लू को अपना सामूहिक त्याग पत्र ई-मेल से भेज दिया। साथ ही अपने-अपने ट्विटर हैंडल से जितिन प्रसाद समेत कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी प्रियंका वाड्रा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को भी ट्वीट कर इस्तीफे की जानकारी साझा की।
सामूहिक त्याग पत्र में नेताओं ने जितिन का जिक्र किए बगैर अपनी पीड़ा उजागर की। कहा कि हाल ही में पार्टी के अंदर ऐसे लोगों को बड़ी-बड़ी जिम्मेदारियों से नवाजा गया, जिनका कांग्रेस पार्टी के लिए कोई योगदान नहीं रहा है। देश और प्रदेश में कांग्रेस जनता से दूर होती जा रही है और अब यह पार्टी देश के अंदर नकारात्मक राजनीति को बढ़ावा दे रही है। ऐसे में वह सभी एक क्षण के लिए कांग्रेस में रहना पसंद नहीं करते हैं।
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उधर, दिल्ली में मौजूद कांग्रेस के जिला महासचिव विश्वदीप अवस्थी ने भी कांग्रेस से नाता तोड़ लिया। इस बीच, प्रमुख पदाधिकारियों के कांग्रेस से त्यागपत्र देने की सूचना पाकर अन्य कांग्रेसी प्रकोष्ठों के जितिन समर्थक पदाधिकारी भी सुबह से प्रसाद भवन पहुंचने शुरू हुए तो उनके इस्तीफों की झड़ी लग गई।
कांग्रेस से नाता तोड़ने वाले जितिन समर्थकों में पीसीसी सदस्य आलोक प्रताप सिंह भोला, शिक्षक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष महेश बाबू मिश्रा, जिला कांग्रेस कमेटी में विभिन्न पदों से जुड़े मनिल वाजपेयी, चिरंजीव शुक्ला, सुशील शुक्ला, अटल बिहारी, गोविंद कटेहा, विनीत त्रिपाठी, कालीशंकर, सुधीर पाठक, अनुराग त्रिवेदी, प्रदुमन सिंह, अचल शर्मा, सुनील सिंह, बिरजू मिश्रा, जितिन के कार्यालय सचिव अनिल तिवारी, तिलहर के नगर अध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा, कांट ब्लॉक के अध्यक्ष विजय मिश्रा, ब्लॉक कमेटियों के पूर्व अध्यक्ष रामआसरे सिंह, अभय दीक्षित व अवनीश यादव आदि शामिल हैं। इन सभी ने अपने त्याग पत्रों ने कांग्रेस नेतृत्व पर निष्ठावानों की उपेक्षा का आरोप लगाया है।
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अभी जारी रहेगा कांग्रेस से इस्तीफों का दौर
शाहजहांपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के समर्थन में अभी कांग्रेस से कुछ अन्य अहम पदाधिकारी भी त्यागपत्र दे सकते हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है कि जिन लोगों ने कांग्रेस से जुड़े होने के बावजूद शुक्रवार को हुए धरना-प्रदर्शन से दूरी बनाए रहे और इस्तीफे भी नहीं दिए। वे अभी देखो और इंतजार करो की नीति पर चल रहे हैं। माना जा रहा है कि वे लोग इंतजार में हैं जब जितिन उनसे खुद कांग्रेस छोड़ने के लिए कहें। वर्तमान में वे लोग महत्वपूर्ण पदों पर भी हैं। संवाद
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कांग्रेस को कौन मिटाने की किसी में दम नहीं
देश में अभिव्यक्ति की आजादी है और हर व्यक्ति को अपने बारे में स्वयं निर्णय लेने का अधिकार है। वैसे भी जाने वालों को कभी कोई रोक नहीं सका है। आज के धरना-प्रदर्शन में पुवायां, बंडा, कलान, निगोही आदि ब्लॉकों के दूरस्थ गांवों से बगैर बुलाए वे लोग भी आए जो बहुधा पार्टी के कार्यक्रमों में कई बार बुलाने पर भी बहानेबाजी कर नहीं आते थे। जब एक-दो राज्यों तक सीमित भाकपा खत्म नहीं हुई तो कांग्रेस का वजूद कौन मिटा पाएगा।
-रजनीश गुप्ता मुन्ना, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
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भाजपा में बड़े पदों तक पहुंचते हैं कार्यकर्ता
भाजपा देश की एकमात्र पार्टी है, जिसमें साधारण कार्यकर्ता भी बड़े पदों तक पहुंच सकता है। अंत्योदय की भावना और भाजपा की नीतियों में विश्वास करने वाले हर व्यक्ति का स्वागत है। भाजपा समाज को जोड़ने में यकीन रखती है।
-हरिप्रकाश वर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा
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कांग्रेस से किनारा करने वालों में जितिन के अति विश्वास पात्रों की टोली में शामिल पूर्व जिलाध्यक्ष कौशल मिश्रा, कांग्रेस के पीसीसी सदस्य विनीत मिश्र, भूपेंद्र सिंह भन्नू, कृपाराम मिश्र व आशीष कुमार सिंह और युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रोहित सिंह शामिल हैं। हालांकि सूत्रों का यह भी कहना है कि जितिन से नजदीकियों के कारण उन्हें किसी भी समय पार्टी से बाहर किया जा सकता है। खुद पर निष्कासन का ठप्पा लगने से पहले उन्होंने बृहस्पतिवार देर रात करीब 10:30 बजे प्रदेश अध्यक्ष लल्लू को अपना सामूहिक त्याग पत्र ई-मेल से भेज दिया। साथ ही अपने-अपने ट्विटर हैंडल से जितिन प्रसाद समेत कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी प्रियंका वाड्रा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को भी ट्वीट कर इस्तीफे की जानकारी साझा की।
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सामूहिक त्याग पत्र में नेताओं ने जितिन का जिक्र किए बगैर अपनी पीड़ा उजागर की। कहा कि हाल ही में पार्टी के अंदर ऐसे लोगों को बड़ी-बड़ी जिम्मेदारियों से नवाजा गया, जिनका कांग्रेस पार्टी के लिए कोई योगदान नहीं रहा है। देश और प्रदेश में कांग्रेस जनता से दूर होती जा रही है और अब यह पार्टी देश के अंदर नकारात्मक राजनीति को बढ़ावा दे रही है। ऐसे में वह सभी एक क्षण के लिए कांग्रेस में रहना पसंद नहीं करते हैं।
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उधर, दिल्ली में मौजूद कांग्रेस के जिला महासचिव विश्वदीप अवस्थी ने भी कांग्रेस से नाता तोड़ लिया। इस बीच, प्रमुख पदाधिकारियों के कांग्रेस से त्यागपत्र देने की सूचना पाकर अन्य कांग्रेसी प्रकोष्ठों के जितिन समर्थक पदाधिकारी भी सुबह से प्रसाद भवन पहुंचने शुरू हुए तो उनके इस्तीफों की झड़ी लग गई।
कांग्रेस से नाता तोड़ने वाले जितिन समर्थकों में पीसीसी सदस्य आलोक प्रताप सिंह भोला, शिक्षक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष महेश बाबू मिश्रा, जिला कांग्रेस कमेटी में विभिन्न पदों से जुड़े मनिल वाजपेयी, चिरंजीव शुक्ला, सुशील शुक्ला, अटल बिहारी, गोविंद कटेहा, विनीत त्रिपाठी, कालीशंकर, सुधीर पाठक, अनुराग त्रिवेदी, प्रदुमन सिंह, अचल शर्मा, सुनील सिंह, बिरजू मिश्रा, जितिन के कार्यालय सचिव अनिल तिवारी, तिलहर के नगर अध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा, कांट ब्लॉक के अध्यक्ष विजय मिश्रा, ब्लॉक कमेटियों के पूर्व अध्यक्ष रामआसरे सिंह, अभय दीक्षित व अवनीश यादव आदि शामिल हैं। इन सभी ने अपने त्याग पत्रों ने कांग्रेस नेतृत्व पर निष्ठावानों की उपेक्षा का आरोप लगाया है।
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अभी जारी रहेगा कांग्रेस से इस्तीफों का दौर
शाहजहांपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के समर्थन में अभी कांग्रेस से कुछ अन्य अहम पदाधिकारी भी त्यागपत्र दे सकते हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है कि जिन लोगों ने कांग्रेस से जुड़े होने के बावजूद शुक्रवार को हुए धरना-प्रदर्शन से दूरी बनाए रहे और इस्तीफे भी नहीं दिए। वे अभी देखो और इंतजार करो की नीति पर चल रहे हैं। माना जा रहा है कि वे लोग इंतजार में हैं जब जितिन उनसे खुद कांग्रेस छोड़ने के लिए कहें। वर्तमान में वे लोग महत्वपूर्ण पदों पर भी हैं। संवाद
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कांग्रेस को कौन मिटाने की किसी में दम नहीं
देश में अभिव्यक्ति की आजादी है और हर व्यक्ति को अपने बारे में स्वयं निर्णय लेने का अधिकार है। वैसे भी जाने वालों को कभी कोई रोक नहीं सका है। आज के धरना-प्रदर्शन में पुवायां, बंडा, कलान, निगोही आदि ब्लॉकों के दूरस्थ गांवों से बगैर बुलाए वे लोग भी आए जो बहुधा पार्टी के कार्यक्रमों में कई बार बुलाने पर भी बहानेबाजी कर नहीं आते थे। जब एक-दो राज्यों तक सीमित भाकपा खत्म नहीं हुई तो कांग्रेस का वजूद कौन मिटा पाएगा।
-रजनीश गुप्ता मुन्ना, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
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भाजपा में बड़े पदों तक पहुंचते हैं कार्यकर्ता
भाजपा देश की एकमात्र पार्टी है, जिसमें साधारण कार्यकर्ता भी बड़े पदों तक पहुंच सकता है। अंत्योदय की भावना और भाजपा की नीतियों में विश्वास करने वाले हर व्यक्ति का स्वागत है। भाजपा समाज को जोड़ने में यकीन रखती है।
-हरिप्रकाश वर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा