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Bareilly News: जवाहरलाल नेहरू का बरेली से रहा खास रिश्ता, पुनर्स्थापित हो प्रतिमा
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बरेली। चौकी चौराहा पर स्थापित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा हटाने का विरोध बढ़ता जा रहा है। सुंदरीकरण के नाम पर प्रतिमा हटाने पर हिन्दी के वरिष्ठ लेखक, रचनाकार सुधीर विद्यार्थी ने आपत्ति जताते हुए खुला पत्र जारी किया है। कहा है कि जवाहरलाल नेहरू का बरेली से खास रिश्ता रहा। चौकी चौराहा पर उनकी प्रतिमा की सम्मान के साथ पुनर्स्थापना हो।
कहा कि 13 जून 1929 को जब नेहरू बरेली आए तो साथ में अखिल भारतीय चरखा संघ के राष्ट्रीय मंत्री आचार्य जेबी कृपलानी रहे। 1929 में लाखनगंज में राजनीतिक सम्मेलन में, 1934 में प्रादेशिक राजनीतिक सम्मेलन में, 1935 में मौलाना अबुल कलाम आजाद के साथ, 1936 में जेल से छूटने पर बरेली में कांग्रेस अधिवेशन में आए थे। 1937 में मोती पार्क में सभा को संबोधित किया।
आठ अप्रैल 1929 को केंद्रीय असेंबली (वर्तमान संसद) में दमनकारी बिल के विरोध में बम, पर्चा फेंकने के बाद फरार क्रांतिकारी विजय कुमार सिन्हा को नेहरू ने बुधौली गांव के ठाकुर पृथ्वीराज सिंह के घर बच्चों के ट्यूटर के रूप में रखवाया। बरेली जिला जेल और केंद्रीय जेल में बंद रहे।
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आजादी के बाद नेहरू बरेली में कांग्रेस प्रत्याशी के चुनाव प्रचार में आए। तब आछू बाबू के खिलाफ वोट मांगने से इन्कार किया था। अन्य कारण बताते हुए कहा है कि नेहरू के कृतित्व से बरेली गौरवान्वित है। इसलिए चौकी चौराहा पर उनकी प्रतिमा की सम्मान के साथ पुनर्स्थापना हो। अमर उजाला ब्यूरो
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दूसरे दिन भी जारी रहा अनशन, नहीं पहुंचे अधिकारी
बरेली। नेहरू की प्रतिमा पुनर्स्थापित करने की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से चौकी चौराहा स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा पार्क पर आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। मांग के समर्थन में सोमवार को साहित्यकार, प्रोफेसर, सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के लोग भी पहुंचे। हालांकि, प्रशासन व नगर निगम का कोई अधिकारी दूसरे दिन भी मौके पर नहीं आया।
वरिष्ठ साहित्यकार व इतिहासकार सुधीर विद्यार्थी ने आमरण अनशन स्थल पर पहुंचकर मांग का समर्थन किया। रुहेलखंड विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रोफेसर यशपाल सिंह, समाजवादी पार्टी के पार्षद राजेश अग्रवाल, जन सेवा मंच के अध्यक्ष पम्मी खान वारसी, जन जाग्रति विकास मंच के जिला संयोजक गजेंद्र पांडेय भी समर्थन जताने पहुंचे।
कहा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की प्रतिमा शहर की पहचान है। नगर निगम प्रशासन इस पहचान को मिटाने की कोशिश कर रहा है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. केबी त्रिपाठी, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी, जिला उपाध्यक्ष दिनेश दद्दा, जिला महासचिव उल्फत सिंह कठेरिया आदि अनशन पर बैठे हैं। संवाद
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आज महापौर से मिलेंगे कांग्रेसी
बरेली। प्रतिमा पुनर्स्थापित करने के लिए आज महानगर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी व अन्य कांग्रेसी नगर निगम पहुंचकर महापौर उमेश गौतम से मिलेंगे। प्रवक्ता योगेश जौहरी ने बताया कि पूर्व में मुलाकात के दौरान महापौर ने जल्द प्रतिमा पुनर्स्थापित करने की बात कही थी। नेहरू जयंती 14 नवंबर को है। इससे पहले यहां सम्मान के साथ प्रतिमा फिर से लगाई जाए। ब्यूरो
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कहा कि 13 जून 1929 को जब नेहरू बरेली आए तो साथ में अखिल भारतीय चरखा संघ के राष्ट्रीय मंत्री आचार्य जेबी कृपलानी रहे। 1929 में लाखनगंज में राजनीतिक सम्मेलन में, 1934 में प्रादेशिक राजनीतिक सम्मेलन में, 1935 में मौलाना अबुल कलाम आजाद के साथ, 1936 में जेल से छूटने पर बरेली में कांग्रेस अधिवेशन में आए थे। 1937 में मोती पार्क में सभा को संबोधित किया।
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आठ अप्रैल 1929 को केंद्रीय असेंबली (वर्तमान संसद) में दमनकारी बिल के विरोध में बम, पर्चा फेंकने के बाद फरार क्रांतिकारी विजय कुमार सिन्हा को नेहरू ने बुधौली गांव के ठाकुर पृथ्वीराज सिंह के घर बच्चों के ट्यूटर के रूप में रखवाया। बरेली जिला जेल और केंद्रीय जेल में बंद रहे।
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आजादी के बाद नेहरू बरेली में कांग्रेस प्रत्याशी के चुनाव प्रचार में आए। तब आछू बाबू के खिलाफ वोट मांगने से इन्कार किया था। अन्य कारण बताते हुए कहा है कि नेहरू के कृतित्व से बरेली गौरवान्वित है। इसलिए चौकी चौराहा पर उनकी प्रतिमा की सम्मान के साथ पुनर्स्थापना हो। अमर उजाला ब्यूरो
दूसरे दिन भी जारी रहा अनशन, नहीं पहुंचे अधिकारी
बरेली। नेहरू की प्रतिमा पुनर्स्थापित करने की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से चौकी चौराहा स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा पार्क पर आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। मांग के समर्थन में सोमवार को साहित्यकार, प्रोफेसर, सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के लोग भी पहुंचे। हालांकि, प्रशासन व नगर निगम का कोई अधिकारी दूसरे दिन भी मौके पर नहीं आया।
वरिष्ठ साहित्यकार व इतिहासकार सुधीर विद्यार्थी ने आमरण अनशन स्थल पर पहुंचकर मांग का समर्थन किया। रुहेलखंड विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रोफेसर यशपाल सिंह, समाजवादी पार्टी के पार्षद राजेश अग्रवाल, जन सेवा मंच के अध्यक्ष पम्मी खान वारसी, जन जाग्रति विकास मंच के जिला संयोजक गजेंद्र पांडेय भी समर्थन जताने पहुंचे।
कहा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की प्रतिमा शहर की पहचान है। नगर निगम प्रशासन इस पहचान को मिटाने की कोशिश कर रहा है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. केबी त्रिपाठी, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी, जिला उपाध्यक्ष दिनेश दद्दा, जिला महासचिव उल्फत सिंह कठेरिया आदि अनशन पर बैठे हैं। संवाद
आज महापौर से मिलेंगे कांग्रेसी
बरेली। प्रतिमा पुनर्स्थापित करने के लिए आज महानगर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी व अन्य कांग्रेसी नगर निगम पहुंचकर महापौर उमेश गौतम से मिलेंगे। प्रवक्ता योगेश जौहरी ने बताया कि पूर्व में मुलाकात के दौरान महापौर ने जल्द प्रतिमा पुनर्स्थापित करने की बात कही थी। नेहरू जयंती 14 नवंबर को है। इससे पहले यहां सम्मान के साथ प्रतिमा फिर से लगाई जाए। ब्यूरो