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इजहार-ए-गमः सूफी दुनिया की अजीम सख्शियत थे हसनी मियां
Fri, 11 Sep 2020 02:25 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 11 Sep 2020 02:25 AM IST
सार
खानकाह नियाजिया के सज्जदानशीन के विसाल पर खानकाह और दरगाहों की ओर से पेश की गई ताजियत
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हसनी मियां (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
विस्तार
आशिक-ए-इमाम हुसैन थे हसनी मियां: असलम मियां
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बरेली। खानकाह नियाजिया के सज्जदानशीन शाह मोहम्मद हसनैन उर्फ हसनी मियां के विसाल पर कई दरगाहों और खानकाहों की ओर से गुरुवार को ताजियत पेश की गई। साथ ही उनकी दीनी-दुनियावी खिदमात पर चर्चा भी की गई।
खानकाह वामिकिया निशातिया पर हजरत हसनी मियां की याद में आयोजित ताजियती मजलिस में खानकाह के सज्जदानशीन सैय्यद असलम मियां वामिकी ने कहा कि हसनी मियां सूफी दुनिया की एक अजीम शख्सियत और आशिके इमाम हुसैन थे। उनका दुनिया से रुखसत होना चिराग के बुझ जाने जैसा है। इस दौरान खानकाह में तिलावते कुरान और फातेहा हुई। इसके बाद हुसैनी लंगर किया गया।
दरगाह नासिरी पर भी इसी तरह एक ताजियती बैठक हुई। इसमें साबिर पाक की दरगाह कलियर शरीफ से आए नायब सज्जादा अली एजाजा कुद्दूसी ने हसनी मियां के विसाल पर गहरे रंजोगम का इजाहार किया। साथ ही हसनी मियां को सूफी सिलसिले की एक पहचान बताया। इस दौरान दरगाह नासिर के खादिम सूफी वसीम साबिरी, सूफी कमाल साबिरी, पम्मी खां वारसी, नन्हें साबिरी, सलीम आदि शामिल मौजूद रहे।
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भाजपा नेता डा. हुदा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सतह पर कौमी इत्तेहाद को चिश्तिया चराग से रोशन देेने वाली अजीमुश्शान रुहानी शख्सियत हजरत हसनी मियां बतौरे जाहिर दुनिया से पर्दा कर गए। आपका पर्दा फरमाना चिश्तिया रंग में रंगे हर दीवाने को गम दे गया। उन्होंने चिश्तिया मिशन को कौमी एकता को हिंदू मुस्लिम की तस्बीह में पिरो कर अनल हक की जो शिक्षा दी है, उसकी खुशबू सदा दुनिया में महकती रहेगी।
कांग्रेस की डा. नीतू शर्मा ने भी हसनी मियां के विसाल पर गहरे दुख का इजहार किया है। उन्होंने कहा कि हसनी मियां ने बिना हिंदू मुस्लिम भेद किए सबको एक सूत्र में बांधे रखा। कांग्रेस के ही इकबाल सिंह बाले ने हसनी मियां को हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक बताया। भाजपा के शानू काजमी ने कहा कि हसनी मियां ने हुसैनियत को जिस तरह से बढ़ावा दिया वह अपने में एक मिसाल है। उनके जाने का बेहद गम है।
सोयम में शिरकत करने के लिए ख्वाजा गरीब नवाज दरगाह अजमेर शरीफ के दस गद्दीनशीन बरेली पहुंच चुके हैं। इसके अलावा महबूबे इलाही दरगाह दिल्ली के सज्जदानशीन, हजरत कुतुबउद्दीन बख्तियार काकी दरगाह दिल्ली के सज्जादानशीन, साबिर पाक दरगाह कलियर के नायब सज्जदानशीन और आगरा, रामपुर दरगाहों के सज्जादगान भी पहुंच चुके हैं। इसके अलावा तमाम जगहों के सज्जादगान सहित विदेशों से भी अकीदतमंदों के पहुंचने का सिलसिला जारी हैं।
शाह हसनी मियां के भाई जाहिद मियां नियाजी ने बताया कि शास्त्रीय संगीत घरानों की कई नामवर हस्तियां भी पहुंच रहीं हैं। इनमें डागर परिवार सहित दिल्ली, बनारस, जयपुर, सहसवान और रामपुर घराने के फनकार शामिल हैं। प्रबंधक शब्बू मियां ने बताया कि हसनी मियां कासोयम सुबह नौ बजे होगा। पहले कुरान ख्वानी और फातेहा होगी। इसके बाद मजार शरीफ पर चादर और गुलपोशी की जाएगी। शाम को खाने पर फातेहा होगी।
खानकाह और आसपास के इलाकों में दूसरे रोज भी अकीदतमंदों का भारी जमावड़ा रहा। लोग गम में डूबे नजर आए। हर शख्स किसी न किसी तरह हसनी मियां के दुनिया से रुखसत होने पर मलाल करता नजर आया। इसी बीच तमाम लोग हाजिरी के लिए आते जाते रहे। लोग हसनी मियां की मजार पर चादरपोशी और गुलपोशी करते नजर आए। तमाम लोग आंखों में आंसू लिए हाथ जोड़े गमजदा दिखे। वहीं नायब सज्जादा शाह मेहंदी मियां और प्रबंधक शब्बू मियां सहित तमाम खानवादों से मिल कर हसनी मियां के विसाल पर अफसोस जाहिर करते दिखे। पूरे दिन यह सिलसिला चलता रहा। इनमें तमाम लोग ऐसे भी थे, जिन्हें बुधवार को इंतकाल की खबर नहीं मिल पाई थी।
खानकाह वामिकिया निशातिया पर हजरत हसनी मियां की याद में आयोजित ताजियती मजलिस में खानकाह के सज्जदानशीन सैय्यद असलम मियां वामिकी ने कहा कि हसनी मियां सूफी दुनिया की एक अजीम शख्सियत और आशिके इमाम हुसैन थे। उनका दुनिया से रुखसत होना चिराग के बुझ जाने जैसा है। इस दौरान खानकाह में तिलावते कुरान और फातेहा हुई। इसके बाद हुसैनी लंगर किया गया।
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दरगाह नासिरी पर भी इसी तरह एक ताजियती बैठक हुई। इसमें साबिर पाक की दरगाह कलियर शरीफ से आए नायब सज्जादा अली एजाजा कुद्दूसी ने हसनी मियां के विसाल पर गहरे रंजोगम का इजाहार किया। साथ ही हसनी मियां को सूफी सिलसिले की एक पहचान बताया। इस दौरान दरगाह नासिर के खादिम सूफी वसीम साबिरी, सूफी कमाल साबिरी, पम्मी खां वारसी, नन्हें साबिरी, सलीम आदि शामिल मौजूद रहे।
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अनल हक की शिक्षा दी हसनी मियां ने
बरेली। शहर के तमाम हिंदू मुस्लिमों ने हजरत हसनी मियां के विसाल पर गम का इजहार करते हुए खिराजे अकीदत पेश की है।भाजपा नेता डा. हुदा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सतह पर कौमी इत्तेहाद को चिश्तिया चराग से रोशन देेने वाली अजीमुश्शान रुहानी शख्सियत हजरत हसनी मियां बतौरे जाहिर दुनिया से पर्दा कर गए। आपका पर्दा फरमाना चिश्तिया रंग में रंगे हर दीवाने को गम दे गया। उन्होंने चिश्तिया मिशन को कौमी एकता को हिंदू मुस्लिम की तस्बीह में पिरो कर अनल हक की जो शिक्षा दी है, उसकी खुशबू सदा दुनिया में महकती रहेगी।
कांग्रेस की डा. नीतू शर्मा ने भी हसनी मियां के विसाल पर गहरे दुख का इजहार किया है। उन्होंने कहा कि हसनी मियां ने बिना हिंदू मुस्लिम भेद किए सबको एक सूत्र में बांधे रखा। कांग्रेस के ही इकबाल सिंह बाले ने हसनी मियां को हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक बताया। भाजपा के शानू काजमी ने कहा कि हसनी मियां ने हुसैनियत को जिस तरह से बढ़ावा दिया वह अपने में एक मिसाल है। उनके जाने का बेहद गम है।
हसनी मियां के सोयम में आज जुटेंगी देश विदेश की हस्तियां
बरेली। खानकाह नियाजिया के सज्जदानशीन हजरत शाह हसनैन उर्फ हसनी मियां के शुक्रवार को सोयम में देश विदेश की तमाम हस्तियां शिरकत करेंगी। इसमें शामिल होने के लिए देश की कई बड़ी दरगाहों के सज्जदगान और संगीत घरानों के फनकार पहुंचने लगे हैं।सोयम में शिरकत करने के लिए ख्वाजा गरीब नवाज दरगाह अजमेर शरीफ के दस गद्दीनशीन बरेली पहुंच चुके हैं। इसके अलावा महबूबे इलाही दरगाह दिल्ली के सज्जदानशीन, हजरत कुतुबउद्दीन बख्तियार काकी दरगाह दिल्ली के सज्जादानशीन, साबिर पाक दरगाह कलियर के नायब सज्जदानशीन और आगरा, रामपुर दरगाहों के सज्जादगान भी पहुंच चुके हैं। इसके अलावा तमाम जगहों के सज्जादगान सहित विदेशों से भी अकीदतमंदों के पहुंचने का सिलसिला जारी हैं।
शाह हसनी मियां के भाई जाहिद मियां नियाजी ने बताया कि शास्त्रीय संगीत घरानों की कई नामवर हस्तियां भी पहुंच रहीं हैं। इनमें डागर परिवार सहित दिल्ली, बनारस, जयपुर, सहसवान और रामपुर घराने के फनकार शामिल हैं। प्रबंधक शब्बू मियां ने बताया कि हसनी मियां कासोयम सुबह नौ बजे होगा। पहले कुरान ख्वानी और फातेहा होगी। इसके बाद मजार शरीफ पर चादर और गुलपोशी की जाएगी। शाम को खाने पर फातेहा होगी।
खानकाह नियाजिया में सुबह से लगा रहा अकीदतमंदों का तांता
बरेली। शाह हसनी मियां के विसाल की खबर सुन कर तमाम अकीदतमंदों और मुरीदों का सुबह से खानकाह नियाजिया में हाजिरी का तांता लगा हुआ है। इसमें दूर दराज के लोग भी शामिल हैं।खानकाह और आसपास के इलाकों में दूसरे रोज भी अकीदतमंदों का भारी जमावड़ा रहा। लोग गम में डूबे नजर आए। हर शख्स किसी न किसी तरह हसनी मियां के दुनिया से रुखसत होने पर मलाल करता नजर आया। इसी बीच तमाम लोग हाजिरी के लिए आते जाते रहे। लोग हसनी मियां की मजार पर चादरपोशी और गुलपोशी करते नजर आए। तमाम लोग आंखों में आंसू लिए हाथ जोड़े गमजदा दिखे। वहीं नायब सज्जादा शाह मेहंदी मियां और प्रबंधक शब्बू मियां सहित तमाम खानवादों से मिल कर हसनी मियां के विसाल पर अफसोस जाहिर करते दिखे। पूरे दिन यह सिलसिला चलता रहा। इनमें तमाम लोग ऐसे भी थे, जिन्हें बुधवार को इंतकाल की खबर नहीं मिल पाई थी।