{"_id":"625d97114f7f5c5a50069afc","slug":"ipl-betting-caught-in-premnagar-28-lakh-recovered-bareilly-news-bly481916632","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रेमनगर में पकड़ा आईपीएल का सट्टा, 28 लाख बरामद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रेमनगर में पकड़ा आईपीएल का सट्टा, 28 लाख बरामद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। प्रेमनगर के गुद्दड़बाग इलाके में आईपीएल पर लग रहे ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टे का किला पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मौके से गुलाबनगर निवासी बुकी राहुल को गिरफ्तार किया गया है, जबकि सरगना गुद्दड़बाग निवासी प्रशांत प्रताप सिंह उर्फ सनी ठाकुर और उसके तीन साथी भाग निकले। पुलिस को करोड़ों रुपये के सट्टे की सूचना मिली थी। मौके से 28,41,470 रुपये नकद, एटीएम कार्ड और पासबुक के अलावा तमाम सामान बरामद हुआ है।
प्रेमनगर के गुलाबनगर और गुद्दड़बाग इलाके में आईपीएल पर सट्टे की सूचना एसपी सिटी रवींद्र कुमार को मिली तो उन्होंने किला इंस्पेक्टर अरुण श्रीवास्तव को कार्रवाई के निर्देश दिए। रविवार रात पुलिस टीम ने नेहरू चिल्ड्रेन स्कूल में दबिश देकर राहुल को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 1,49,700 रुपये नकद, मोबाइल, आठ एटीएम कार्ड और सट्टे की डायरी बरामद हुई। राहुल ने बताया कि बरेली में सट्टे का सरगना प्रशांत प्रताप उर्फ सनी ठाकुर है तो पुलिस ने उसके घर दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला। उसके घर की तलाशी के दौरान पुलिस को 26,92,170 रुपये, 19 एटीएम कार्ड, सट्टे की 10 डायरी, ताश की आठ गड्डी, 22 मोबाइल, एक पेन ड्राइव, एक टैबलेट, दो लैपटॉप, चार पेटी शराब, एक पेटी शैंपेन, चार तलवार, 11 चेकबुक, सात पासबुक आदि बरामद हुईं। राहुल से पूछताछ के आधार पर इस मामले में चाहबाई निवासी भोलू, दीपक वर्मा, अन्नू कक्कड़ और कुछ अज्ञात को भी आरोपी बनाया गया है।
एप पर लगवाता था सट्टा, मिला था लॉगिन-पासवर्ड
एसपी सिटी रवींद्र कुमार ने बताया कि राहुल को सट्टा लगवाने के लिए लॉगिन आईडी-पासवर्ड मिला हुआ था। उसके जरिये एप पर लॉगिन किया जाता था और टीम की जीत-हार पर रकम लगाई जाती थी। आरोपियों से बरामद एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक आदि रकम के लेनदेन के लिए प्रयोग किए जाते थे। इसमें से कुछ एटीएम कार्ड ऐसे भी बताए जा रहे हैं जो एटीएम बूथ में लोगों की मदद के बहाने बदल लिए गए और फिर उनका इस्तेमाल किया गया।
विज्ञापन
आईपीएल टीमों की संलिप्तता की जांच जारी
इस मामले में पुलिस आईपीएल टीमों की संलिप्तता होने की भी आशंका जता रही है। बरामद मोबाइल का डाटा खंगालकर उनके कनेक्शन की पड़ताल की जा रही है। सट्टे की रकम का लेनदेन पांच अलग-अलग नामों से खुलवाए गए खाते में होने की बात सामने आई है। इन खातों की भी जांच कराई जा रही है। इसके अलावा बरामद हुए सभी एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक आदि का भी रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। उसमें करोड़ों की रकम होने की आशंका जताई जा रही है।
प्रेमनगर और कोहाड़ापीर चौकी पुलिस की भूमिका संदिग्ध
सट्टे का यह धंधा प्रेमनगर थाने की कोहाड़ापीर चौकी इलाके में लंबे समय से चल रहा है, लेकिन प्रेमनगर थाने या चौकी पुलिस ने इस पर कार्रवाई नहीं की। एसपी सिटी रवींद्र कुमार का कहना है कि अगर प्रेमनगर पुलिस को इसकी जानकारी नहीं थी तो उनकी लापरवाही है और अगर जानकारी के बाद भी कार्रवाई नहीं की तो यह गंभीर मामला है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
एमआर का काम, सिफारिश करने वालों की कतार
लोगों को धोखा देने के लिए राहुल मेडिकल रिप्रजेंटेटिव (एमआर) का काम करता है। पुलिस ने जब उसे पकड़ा तब भी उसने यही बताया, लेकिन जब पुलिस ने सनी ठाकुर के घर दबिश दी तो सिफारिशों की लाइन लग गई। एसपी सिटी के पास भी तमाम लोगों के फोन पहुंचे लेकिन जब उन्होंने फोन करने वालों के नाम ही डायरी में होने की बात कही तो लोग शांत हो गए। बताया जा रहा है कि सनी ठाकुर एक हिंदूवादी संगठन से जुड़े नेता का रिश्तेदार है। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है।
डायरी में हजारों नाम, दर्ज हुए चार मुकदमे
सट्टे के धंधेबाजों ने इलाके के हिसाब से डायरी में पेज बनाकर लोगों के नाम लिख रहे थे। पुलिस को ऐसे हजारों नंबर मिले हैं। इसके अलावा बरामद मोबाइल में तमाम कॉल डिटेल भी मिली हैं। इस मामले में पुलिस ने चार मुकदमे दर्ज किए हैं। पहला एटीएम कार्ड बदलकर ठगी के आरोप में, दूसरा जुआ अधिनियम, तीसरा आबकारी अधिनियम और चौथा अवैध शस्त्र अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
प्रेमनगर के गुलाबनगर और गुद्दड़बाग इलाके में आईपीएल पर सट्टे की सूचना एसपी सिटी रवींद्र कुमार को मिली तो उन्होंने किला इंस्पेक्टर अरुण श्रीवास्तव को कार्रवाई के निर्देश दिए। रविवार रात पुलिस टीम ने नेहरू चिल्ड्रेन स्कूल में दबिश देकर राहुल को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 1,49,700 रुपये नकद, मोबाइल, आठ एटीएम कार्ड और सट्टे की डायरी बरामद हुई। राहुल ने बताया कि बरेली में सट्टे का सरगना प्रशांत प्रताप उर्फ सनी ठाकुर है तो पुलिस ने उसके घर दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला। उसके घर की तलाशी के दौरान पुलिस को 26,92,170 रुपये, 19 एटीएम कार्ड, सट्टे की 10 डायरी, ताश की आठ गड्डी, 22 मोबाइल, एक पेन ड्राइव, एक टैबलेट, दो लैपटॉप, चार पेटी शराब, एक पेटी शैंपेन, चार तलवार, 11 चेकबुक, सात पासबुक आदि बरामद हुईं। राहुल से पूछताछ के आधार पर इस मामले में चाहबाई निवासी भोलू, दीपक वर्मा, अन्नू कक्कड़ और कुछ अज्ञात को भी आरोपी बनाया गया है।
विज्ञापन
एप पर लगवाता था सट्टा, मिला था लॉगिन-पासवर्ड
एसपी सिटी रवींद्र कुमार ने बताया कि राहुल को सट्टा लगवाने के लिए लॉगिन आईडी-पासवर्ड मिला हुआ था। उसके जरिये एप पर लॉगिन किया जाता था और टीम की जीत-हार पर रकम लगाई जाती थी। आरोपियों से बरामद एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक आदि रकम के लेनदेन के लिए प्रयोग किए जाते थे। इसमें से कुछ एटीएम कार्ड ऐसे भी बताए जा रहे हैं जो एटीएम बूथ में लोगों की मदद के बहाने बदल लिए गए और फिर उनका इस्तेमाल किया गया।
विज्ञापन
आईपीएल टीमों की संलिप्तता की जांच जारी
इस मामले में पुलिस आईपीएल टीमों की संलिप्तता होने की भी आशंका जता रही है। बरामद मोबाइल का डाटा खंगालकर उनके कनेक्शन की पड़ताल की जा रही है। सट्टे की रकम का लेनदेन पांच अलग-अलग नामों से खुलवाए गए खाते में होने की बात सामने आई है। इन खातों की भी जांच कराई जा रही है। इसके अलावा बरामद हुए सभी एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक आदि का भी रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। उसमें करोड़ों की रकम होने की आशंका जताई जा रही है।
प्रेमनगर और कोहाड़ापीर चौकी पुलिस की भूमिका संदिग्ध
सट्टे का यह धंधा प्रेमनगर थाने की कोहाड़ापीर चौकी इलाके में लंबे समय से चल रहा है, लेकिन प्रेमनगर थाने या चौकी पुलिस ने इस पर कार्रवाई नहीं की। एसपी सिटी रवींद्र कुमार का कहना है कि अगर प्रेमनगर पुलिस को इसकी जानकारी नहीं थी तो उनकी लापरवाही है और अगर जानकारी के बाद भी कार्रवाई नहीं की तो यह गंभीर मामला है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
एमआर का काम, सिफारिश करने वालों की कतार
लोगों को धोखा देने के लिए राहुल मेडिकल रिप्रजेंटेटिव (एमआर) का काम करता है। पुलिस ने जब उसे पकड़ा तब भी उसने यही बताया, लेकिन जब पुलिस ने सनी ठाकुर के घर दबिश दी तो सिफारिशों की लाइन लग गई। एसपी सिटी के पास भी तमाम लोगों के फोन पहुंचे लेकिन जब उन्होंने फोन करने वालों के नाम ही डायरी में होने की बात कही तो लोग शांत हो गए। बताया जा रहा है कि सनी ठाकुर एक हिंदूवादी संगठन से जुड़े नेता का रिश्तेदार है। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है।
डायरी में हजारों नाम, दर्ज हुए चार मुकदमे
सट्टे के धंधेबाजों ने इलाके के हिसाब से डायरी में पेज बनाकर लोगों के नाम लिख रहे थे। पुलिस को ऐसे हजारों नंबर मिले हैं। इसके अलावा बरामद मोबाइल में तमाम कॉल डिटेल भी मिली हैं। इस मामले में पुलिस ने चार मुकदमे दर्ज किए हैं। पहला एटीएम कार्ड बदलकर ठगी के आरोप में, दूसरा जुआ अधिनियम, तीसरा आबकारी अधिनियम और चौथा अवैध शस्त्र अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है।